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नौ माह ड्यूटी की, तब पता लगा नौकरी तो फर्जी है...
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बदायूं। कादरचौक थाना क्षेत्र में एक युवक से नौकरी लगवाने के नाम पर चाचा भतीजे ने दो लाख रुपये ठग लिए। और तो और उसे फंसाने का पूरा षड्यंत्र भी रच डाला। उसे फर्जी नियुक्ति पत्र देकर स्वास्थ्य केंद्र सिकंदराराऊ भेज दिया। करीब नौ माह तक उसने काम भी किया। जब उसे पता चला कि उसकी नौकरी फर्जी है, तब वह भाग आया। युवक ने आरोपी चाचा-भतीजे समेत छह अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
थाना क्षेत्र के गांव कौआ नगला निवासी शीशपाल पुत्र दान सिंह के मुताबिक करीब चार साल पहले वह नोएडा की एक कंपनी में नौकरी करता था। वहीं बोंदरी गांव का मोहित यादव पुत्र श्यामपाल काम करता था। मोहित ने बताया कि उसके चाचा प्रिंस यादव पुत्र होराम सिंह की बड़ी पहुंच है। वह उसकी सरकारी नौकरी लगवा देंगे। इस समय वह स्वास्थ्य विभाग में वार्ड ब्वाय की नौकरी बता रहे हैं। करीब 24 हजार रुपये महीना मिलेगा। इसके लिए उसे दो लाख रुपये खर्च करने होंगे। इस पर वह प्रिंस यादव से जाकर मिला।
प्रिंस ने बताया कि केवल एक जगह बची है। शीशपाल ने अपने घर का जेवर गिरवी रखकर प्रिंस को दो लाख रुपये दे दिए। उसके बाद उसे पहले अमरोहा का नियुक्ति पत्र दिया गया। वहां पहुंचा तो डॉक्टर ने देखते ही कह दिया कि यह नियुक्ति पत्र फर्जी है। इस पर वह प्रिंस से फिर मिला। इस पर उसने उसे स्वास्थ्य केंद्र सिकंदराराऊ का नियुक्ति पत्र दे दिया। उस पर वह सिकंदराराऊ में जैसे-तैसे काम करने लगा। जब उसका वेतन नहीं आया तो उसने संबंधित डॉक्टर से बात की तो पता चला कि यह भी फर्जी नियुक्ति पत्र था। डॉक्टर ने उसके खिलाफ कार्रवाई कराने की बात कही, उससे पहले शीशपाल वहां से भाग आया।
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विगत 23 मई को शीशपाल प्रिंस के घर पहुंचा। जब उसने फर्जी नौकरी लगवाने की बात कही तो उसने गालीगलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। उसके साथ मारपीट भी की। आरोप है कि प्रिंस कई लोगों से इस तरह रुपये ठग चुका है। थाना पुलिस ने शीशपाल की तहरीर पर प्रिंस, मोहित और पांच-छह अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस सभी आरोपियों को तलाश कर रही है।
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थाना क्षेत्र के गांव कौआ नगला निवासी शीशपाल पुत्र दान सिंह के मुताबिक करीब चार साल पहले वह नोएडा की एक कंपनी में नौकरी करता था। वहीं बोंदरी गांव का मोहित यादव पुत्र श्यामपाल काम करता था। मोहित ने बताया कि उसके चाचा प्रिंस यादव पुत्र होराम सिंह की बड़ी पहुंच है। वह उसकी सरकारी नौकरी लगवा देंगे। इस समय वह स्वास्थ्य विभाग में वार्ड ब्वाय की नौकरी बता रहे हैं। करीब 24 हजार रुपये महीना मिलेगा। इसके लिए उसे दो लाख रुपये खर्च करने होंगे। इस पर वह प्रिंस यादव से जाकर मिला।
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प्रिंस ने बताया कि केवल एक जगह बची है। शीशपाल ने अपने घर का जेवर गिरवी रखकर प्रिंस को दो लाख रुपये दे दिए। उसके बाद उसे पहले अमरोहा का नियुक्ति पत्र दिया गया। वहां पहुंचा तो डॉक्टर ने देखते ही कह दिया कि यह नियुक्ति पत्र फर्जी है। इस पर वह प्रिंस से फिर मिला। इस पर उसने उसे स्वास्थ्य केंद्र सिकंदराराऊ का नियुक्ति पत्र दे दिया। उस पर वह सिकंदराराऊ में जैसे-तैसे काम करने लगा। जब उसका वेतन नहीं आया तो उसने संबंधित डॉक्टर से बात की तो पता चला कि यह भी फर्जी नियुक्ति पत्र था। डॉक्टर ने उसके खिलाफ कार्रवाई कराने की बात कही, उससे पहले शीशपाल वहां से भाग आया।
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विगत 23 मई को शीशपाल प्रिंस के घर पहुंचा। जब उसने फर्जी नौकरी लगवाने की बात कही तो उसने गालीगलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। उसके साथ मारपीट भी की। आरोप है कि प्रिंस कई लोगों से इस तरह रुपये ठग चुका है। थाना पुलिस ने शीशपाल की तहरीर पर प्रिंस, मोहित और पांच-छह अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस सभी आरोपियों को तलाश कर रही है।