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सावधान : आपके पैसों पर दूसरों की निगाह

Thu, 26 May 2022 01:19 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 26 May 2022 01:19 AM IST
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crime
बदायूं। बैंकों को लेकर लोगों को विश्वास रहता है कि यहां उनके साथ धोखाधड़ी नहीं होगी। उनका रुपया सुरक्षित रहेगा, जिसे जरूरत पर खर्च कर सकेंगे पर इधर कुछ समय सेे कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनसे बैंकों की विश्वसनीयता पर सवाल उठा है। किसी व्यक्ति के साथ धोखाधड़ी हुई है तो किसी का रुपया गबन हुआ है। कुछ मामलों में तो बैंक मैनेजर ही सवालों के घेरे में आ गए हैं।
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अगर देखें तो पिछले 10 दिन में ही ऐसी तीन शिकायतें आ चुकी हैं, जबकि विगत छह माह में पांच शिकायतें आयी हैं। इसमें तीन मामलों में तो एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। आखिर इस तरह के मामले क्यों बढ़ रहे हैं। इस पर जांच होना जरूरी है। क्योंकि ऐसी घटनाओं से लोगों का विश्वास घट रहा है।
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मामला-एक
सिविल लाइंस क्षेत्र के मीरा सराय निवासी विजयपाल सिंह ने हाल में 17 मई को इस्लामनगर भारतीय स्टेट बैंक के मैनेजर और स्टाफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। उसका कहना था कि पिता करन सिंह की छह जून 2017 को मौत हुई थी। 19 अगस्त को वरासत दर्ज हुई। तब तक उनकी जमीन बंधक नहीं थी और न ही उन्होंने कोई लोन लिया था। जब वह किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने की तैयारी कर रहे थे। तहसील से खतौनी निकलवाई तो पता चला कि उनकी जमीन बैंक में बंधक है। उसके पिता के नाम किसान क्रेडिट कार्ड बना है और उससे तीन लाख रुपये निकाले जा चुके हैं। इसमें बैंक के अधिकारियों ने नहीं सुनी। ऐसे में उन्हें रिपोर्ट दर्ज करानी पड़ी।
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मामला-दो
सिविल लाइंस क्षेत्र की मधुवन कॉलोनी निवासी चेतराम ने अपना मकान बेच कर 15 लाख रुपये हलवाई चौक स्थित बैंक आफ बड़ौदा में जमा किए थे। इसके बाद वह बरेली जाकर रहने लगे। 12 जुलाई 2021 को उन्होंने आखिरी बार 20 हजार रुपये निकाले थे। तब खाते में 14 लाख 92 हजार रुपये बचे थे। 12 नवंबर को उन्हें पता चला कि उनके खाते से 14 लाख रुपये चोरी हो गए। वह बैंक गए लेकिन मैनेजर ने उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। 17 नवंबर को उन्होंने एसएसपी से कार्रवाई की मांग की। इस पर उन्होंने एक स्पेशल टीम लगाकर मामले की जांच कराई। कार्रवाई होती, इससे पहले खाते में रुपये वापस आ गए। मामला ठंडे बस्ते में पहुंच गया।
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मामला-तीन
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कबूलपुरा निवासी त्रिवेनी पत्नी कुंवरसेन ने 23 मई को हलवाई चौक स्थित पंजाब नेशनल बैंक मैनेजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। उसका कहना है कि फरवरी 2022 में उन्होंने छोटी ज्यारत के पास अपना खेत बेचा था। खेत खरीदने वाले फकरे आलम ने उसे खेड़ा नवादा की एसबीआई के दो चेक दिए थे। उसने अपने धेवते प्रदीप को भेजकर हलवाई चौक की पंजाब नेशनल बैंक में दोनों जमा करा दिए लेकिन पंद्रह दिन बाद एक चेक का भुगतान हो गया। दो लाख के चेक का भुगतान नहीं हुआ। भुगतान किसी और को कर दिया गया। जब कार्रवाई नहीं हुई तो पुलिस को तहरीर दी। जिस पर रिपोर्ट दर्ज की गई।
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मामला-चार
गांव फतेहपुर निवासी रामबेटी पत्नी रघुनाथ ने फर्जी क्रेडिट बनाकर ऑनलाइन खरीदारी और लोन लेने के आरोप में तीन दिन पहले ही सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। रामबेटी का कहना है उसका खाता एक्सिस बैंक में है। उसने अपना क्रेडिट कार्ड नहीं बनवाया। बैंक ने उसके बेटे गौतम मौर्य के नाम क्रेडिट कार्ड जारी कर दिया। जब जानकारी ली तो पता चला कि क्रेडिट कार्ड से 24 हजार रुपये की ऑनलाइन खरीदारी हुई। बाद में उससे 40 हजार रुपये का लोन भी लिया गया। तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।

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धोखाधड़ी से ऐसे बचें
- अपना खाता नंबर न बताएं
- एटीएम नंबर और पासवर्ड शेयर न करें
- बैंक में बाउचर भरते समय सावधानी बरतें
- अशिक्षित अपने साथ शिक्षित व्यक्ति को बैंक ले जाएं
- अपनी पासबुक अपडेट कराते रहें
- कोई धोखाधड़ी होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें
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शिकायत है तो बताए : एलडीएम
सरकारी संस्था या बैंक पर आरोप लगाना बहुत आसान है। अगर बैंक में एक रुपये की भी धोखाधड़ी होती है तो उसकी जांच कराई जाती है। अगर कोई कर्मचारी दोषी पाया गया तो उस पर कार्रवाई होती है। जिन मामलों का जिक्र गया, उनमें कुछ संज्ञान में हैं। जिन मामलों में एफआईआर दर्ज हुई है उनकी पुलिस विवेचना कर रही है। अगर किसी को परेशानी है तो वह शिकायत करे, उसकी जांच कराई जाएगी।
- श्याम पासवान, लीड बैंक मैनेजर (एलडीएम)
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