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फसल उजाड़े जाने का एक और मामला, फिर जान देने की चेतावनी
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किसान ब्रजपाल के खेत में दूसरे छोर पर उजड़ी गन्ने की फसल।
- फोटो : BADAUN
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उझानी (बदायूं)। एसएसपी कार्यालय परिसर में रसूलपुर निवासी किसान किशनपाल के आत्महत्या कर लेने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ पाया है कि फसल उजाड़े जाने के एक और आरोप ने पुलिस को हरकत में आने के लिए मजबूर कर दिया, इस मामले में जीवनलीला समाप्त कर लेने की चेतावनी दी गई है। नया मामला कोतवाली क्षेत्र के गांव गुराई का है। इस मामले में आईजी के सीओ को जांच सौंपने से यहां पुलिस हरकत में आ गई। देर शाम दोनों पक्षों में पुलिस ने समझौता भी करा दिया।
गांव के ब्रजपाल ने एक दिन पहले बरेली पहुंचकर आईजी रमित शर्मा को शिकायती पत्र सौंपा। कोर्ट में मामला लंबित होने के बाद भी जिन लोगों पर फसल उजाड़ देने का आरोप लगा है, वह उसी के परिवार के हैं। कार्रवाई नहीं होने से खुद को आहत बताते हुए ब्रजपाल ने पत्र में यहां तक लिख दिया कि वह अपनी जीवनलीला समाप्त कर लेना चाहता है। ब्रजपाल कहीं किशनपाल की राह पर नहीं चल पड़े, यही सोचकर शनिवार दोपहर बाद पुलिस ने गुराई पहुंचकर विवाद सुलझाने की कोशिश शुरू कर दी।
ब्रजपाल के मुताबिक- गुराई और अल्लापुर भोगी में उसकी जमीन है। इसको लेकर उसका भाइयों से विवाद कोर्ट में लंबित है। 18 मई सुबह करीब छह बजे भाइयों और भतीजों ने उसके हिस्से के खेत में खड़ी गन्ने की फसल को ट्रैक्टर से उजाड़ दिया। वह पोते अनिकेत के साथ मौके पर पहुंचा तो आरोपी फायरिंग कर भाग गए। तब तक खेत में करीब आधा रकबा की फसल उजाड़ी जा चुकी थी। पुलिस से शिकायत भी की गई लेकिन कार्रवाई नहीं की गई।
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शुक्रवार दोपहर बरेली पहुंचकर उसने यह बात आईजी रमित शर्मा को बताई। पत्र में चूंकि ब्रजपाल ने आहत होकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर लेने की धमकी दी थी, सो मामला गंभीर नजर आने पर आईजी ने सीओ उझानी को जांच का आदेश दे दिया। इसकी भनक लगते ही शनिवार दोपहर अब्दुल्लागंज चौकी इंचार्ज लव गिरि मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बात की। देर शाम पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता कराकर राहत की सांस ली।
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.. तो फिर किसने बनाया ब्रजपाल पर फैसले को दबाव
गुराई गांव अब्दुल्लागंज पुलिस चौकी क्षेत्र में आता है। गुराई के ब्रजपाल ने आईजी को जो शिकायती पत्र सौंपा, उसमें इस बात का जिक्र है कि कार्रवाई की मांग करने पर पुलिस की ओर से उस पर फैसला कर लेने के लिए दबाव बनाया गया। दबाव किस पुलिस कर्मी ने बनाया, इसका उल्लेख उसने पत्र में नहीं किया है लेकिन अफसर अगर इसकी जांच करेंगे तो हकीकत सामने आ सकती है।
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मामला शनिवार दोपहर बाद संज्ञान में आया है। किसान ब्रजपाल का जमीन को लेकर अपने भाइयों से विवाद है। एक पक्ष ने कुछ जमीन बेच दी है। जांच चल रही है। मैं खुद मौके पर गया हूं। किसी का भी उत्पीड़न नहीं होने देंगे। शिकायत लेकर ब्रजपाल कोतवाली नहीं आया था।
- हरपाल सिंह बालियान, प्रभारी निरीक्षक।
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गांव के ब्रजपाल ने एक दिन पहले बरेली पहुंचकर आईजी रमित शर्मा को शिकायती पत्र सौंपा। कोर्ट में मामला लंबित होने के बाद भी जिन लोगों पर फसल उजाड़ देने का आरोप लगा है, वह उसी के परिवार के हैं। कार्रवाई नहीं होने से खुद को आहत बताते हुए ब्रजपाल ने पत्र में यहां तक लिख दिया कि वह अपनी जीवनलीला समाप्त कर लेना चाहता है। ब्रजपाल कहीं किशनपाल की राह पर नहीं चल पड़े, यही सोचकर शनिवार दोपहर बाद पुलिस ने गुराई पहुंचकर विवाद सुलझाने की कोशिश शुरू कर दी।
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ब्रजपाल के मुताबिक- गुराई और अल्लापुर भोगी में उसकी जमीन है। इसको लेकर उसका भाइयों से विवाद कोर्ट में लंबित है। 18 मई सुबह करीब छह बजे भाइयों और भतीजों ने उसके हिस्से के खेत में खड़ी गन्ने की फसल को ट्रैक्टर से उजाड़ दिया। वह पोते अनिकेत के साथ मौके पर पहुंचा तो आरोपी फायरिंग कर भाग गए। तब तक खेत में करीब आधा रकबा की फसल उजाड़ी जा चुकी थी। पुलिस से शिकायत भी की गई लेकिन कार्रवाई नहीं की गई।
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शुक्रवार दोपहर बरेली पहुंचकर उसने यह बात आईजी रमित शर्मा को बताई। पत्र में चूंकि ब्रजपाल ने आहत होकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर लेने की धमकी दी थी, सो मामला गंभीर नजर आने पर आईजी ने सीओ उझानी को जांच का आदेश दे दिया। इसकी भनक लगते ही शनिवार दोपहर अब्दुल्लागंज चौकी इंचार्ज लव गिरि मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बात की। देर शाम पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता कराकर राहत की सांस ली।
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.. तो फिर किसने बनाया ब्रजपाल पर फैसले को दबाव
गुराई गांव अब्दुल्लागंज पुलिस चौकी क्षेत्र में आता है। गुराई के ब्रजपाल ने आईजी को जो शिकायती पत्र सौंपा, उसमें इस बात का जिक्र है कि कार्रवाई की मांग करने पर पुलिस की ओर से उस पर फैसला कर लेने के लिए दबाव बनाया गया। दबाव किस पुलिस कर्मी ने बनाया, इसका उल्लेख उसने पत्र में नहीं किया है लेकिन अफसर अगर इसकी जांच करेंगे तो हकीकत सामने आ सकती है।
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मामला शनिवार दोपहर बाद संज्ञान में आया है। किसान ब्रजपाल का जमीन को लेकर अपने भाइयों से विवाद है। एक पक्ष ने कुछ जमीन बेच दी है। जांच चल रही है। मैं खुद मौके पर गया हूं। किसी का भी उत्पीड़न नहीं होने देंगे। शिकायत लेकर ब्रजपाल कोतवाली नहीं आया था।
- हरपाल सिंह बालियान, प्रभारी निरीक्षक।