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फर्जीवाड़ा : कुछ और सामने आ सकते हैं ठगी के शिकार
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बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती के नाम पर फर्जी वेबसाइट के माध्यम से कई युवाओं को ठगने का अंदेशा जताया जा रहा है। फिलहाल एक युवक सामने आया है। इस मामले में राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार गुप्ता ने डीएम और निदेशालय को पत्र भेजा है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती के नाम पर ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों प्रकार से ठगी की गई। इसके शिकार एक युवक के मुताबिक एक वेबसाइट पर राजकीय मेडिकल कॉलेज बदायूं में वैकेंसी दिखाई गईं। यह वैकेंसी कई पदों पर थीं, जिसमें स्टाफ नर्स से लेकर दवा वितरक, पर्चा काटने वाला समेत कई पद थे। जैसी कि वेबसाइट पर भर्ती दिखाई गई तो उसमें आवेदन फार्म भी अंकित था। उस पर बाकायदा हेल्पलाइन नंबर भी दिया था। युवक ने आवेदन फार्म भरा। अपने शैक्षिक प्रमाण पत्र अटैच किए। बाद में उसकी हेल्पलाइन नंबर पर बात हुई। बात करने वाले ने सीधे पचास हजार रुपये की डिमांड की। बात आई कि रुपये किस माध्यम से भेजे जाएं। इस पर बताया गया कि युवक अपना नाम पता बताए, उसके घर एक व्यक्ति पहुंचेगा। सौदे के मुताबिक एक व्यक्ति युवक के घर गया और पचास हजार रुपये लेकर चला गया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार गुप्ता के मुताबिक अब तक बरेली, कासगंज और शाहजहांपुर के युवा ज्वानिंग लेटर लेकर कॉलेज आ चुके हैं। हालांकि वह युवाओं से नहीं मिले। वह स्टाफ से ही बात करके लौट गए।
कॉलेज के प्राचार्य ने इसकी रोकथाम के लिए डीएम दीपा रंजन और निदेशालय को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
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25 मई को दिखाई गई फर्जी परीक्षा
फर्जी वेबसाइट पर 25 मई को परीक्षा होना दर्शाया गया है। इसमें आवेदन करने वाले तमाम युवाओं को परीक्षा का प्रवेश पत्र भी भेजा जा चुका है। कुछ प्रवेश पत्रों में बरेली के एक कॉलेज का नाम है तो कुछ प्रवेश पत्रों में बदायूं के एक कॉलेज का नाम दिया गया है। बदायूं के कॉलेज की प्रबंध कमेटी ऐसी कोई परीक्षा होने या सूचना मिलने से इनकार कर रही है। ऐसे में युवाओं को और ज्यादा सावधान रहने की आवश्यकता है।
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हमें इसके बारे में एक दिन पहले ही पता चला है। एक युवा प्रवेशपत्र लेकर आया, तब इस मामले की जानकारी हुई। चूंकि बात तमाम युवाओं के भविष्य की है और उनके साथ ठगी की गई है, इसलिए हमने कह दिया है कि कोई भी युवा किसी को रुपये न दे। मेडिकल कॉलेज में कोई भर्ती नहीं निकली है। अगर भर्ती होगी तो सीधे अखबार में छपेगी। हमने डीएम और निदेशालय को इस संबंध में पत्र भेजा है।
- डॉ. धर्मेंद्र कुमार गुप्ता, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती के नाम पर ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों प्रकार से ठगी की गई। इसके शिकार एक युवक के मुताबिक एक वेबसाइट पर राजकीय मेडिकल कॉलेज बदायूं में वैकेंसी दिखाई गईं। यह वैकेंसी कई पदों पर थीं, जिसमें स्टाफ नर्स से लेकर दवा वितरक, पर्चा काटने वाला समेत कई पद थे। जैसी कि वेबसाइट पर भर्ती दिखाई गई तो उसमें आवेदन फार्म भी अंकित था। उस पर बाकायदा हेल्पलाइन नंबर भी दिया था। युवक ने आवेदन फार्म भरा। अपने शैक्षिक प्रमाण पत्र अटैच किए। बाद में उसकी हेल्पलाइन नंबर पर बात हुई। बात करने वाले ने सीधे पचास हजार रुपये की डिमांड की। बात आई कि रुपये किस माध्यम से भेजे जाएं। इस पर बताया गया कि युवक अपना नाम पता बताए, उसके घर एक व्यक्ति पहुंचेगा। सौदे के मुताबिक एक व्यक्ति युवक के घर गया और पचास हजार रुपये लेकर चला गया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार गुप्ता के मुताबिक अब तक बरेली, कासगंज और शाहजहांपुर के युवा ज्वानिंग लेटर लेकर कॉलेज आ चुके हैं। हालांकि वह युवाओं से नहीं मिले। वह स्टाफ से ही बात करके लौट गए।
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कॉलेज के प्राचार्य ने इसकी रोकथाम के लिए डीएम दीपा रंजन और निदेशालय को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
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25 मई को दिखाई गई फर्जी परीक्षा
फर्जी वेबसाइट पर 25 मई को परीक्षा होना दर्शाया गया है। इसमें आवेदन करने वाले तमाम युवाओं को परीक्षा का प्रवेश पत्र भी भेजा जा चुका है। कुछ प्रवेश पत्रों में बरेली के एक कॉलेज का नाम है तो कुछ प्रवेश पत्रों में बदायूं के एक कॉलेज का नाम दिया गया है। बदायूं के कॉलेज की प्रबंध कमेटी ऐसी कोई परीक्षा होने या सूचना मिलने से इनकार कर रही है। ऐसे में युवाओं को और ज्यादा सावधान रहने की आवश्यकता है।
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हमें इसके बारे में एक दिन पहले ही पता चला है। एक युवा प्रवेशपत्र लेकर आया, तब इस मामले की जानकारी हुई। चूंकि बात तमाम युवाओं के भविष्य की है और उनके साथ ठगी की गई है, इसलिए हमने कह दिया है कि कोई भी युवा किसी को रुपये न दे। मेडिकल कॉलेज में कोई भर्ती नहीं निकली है। अगर भर्ती होगी तो सीधे अखबार में छपेगी। हमने डीएम और निदेशालय को इस संबंध में पत्र भेजा है।
- डॉ. धर्मेंद्र कुमार गुप्ता, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज