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बयान दर्ज, बाबू ने दलाल के माध्यम से किया था फर्जीवाड़ा
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बदायूं। एआरटीओ कार्यालय में मृतक की बाइक ट्रांसफर करने के मामले में शनिवार को कई बाबू, कर्मचारी, दलाल और मृतक के भाई के बयान दर्ज किए गए। मृतक के भाई ने बताया कि वह तो बाइक ट्रांसफर कराने का तरीका पता करने गया था लेकिन यहां बाबू ने उसके पीछे दलाल लगा दिया। उसने रुपये और फोटो ले लिए, बाद में उसे बाइक का ट्रांसफर लेटर दिया गया।
इस फर्जीवाड़े की जांच एसडीएम सदर एसपी वर्मा कर रहे हैं। शनिवार को उन्होंने एआरटीओ कार्यालय के बाबू, कर्मचारी, दलाल और मृतक के भाई को तहसील बुलाया था। शनिवार शाम सभी के बयान दर्ज किए गए।
इस दौरान मृतक के भाई ने बताया कि वह एआरटीओ कार्यालय यह पता करने गया था मृतक की बाइक ट्रांसफर कराने का क्या नियम है। कार्यालय में उसे आठ नंबर कमरा बताया गया। जहां उसे बाबू मनोज कुमार गौतम मिले। मनोज कुमार ने एक दलाल का मोबाइल नंबर दिया। बोले इस पर बात कर लोग यह तुम्हारा काम करा देगा। जब उन्होंने दलाल से बात की तो उसने बहुत लंबा तरीका बता दिया। बोला इसमें बहुत रुपये खर्च होंगे। आप केवल पंद्रह हजार रुपये दो और फोटो दे दो। बाइक आपके नाम हो जाएगी। उसने रुपये दिए और फोटो दिए। तीन-चार दिन बाद उसे बुलाया गया और उसे बाइक ट्रांसफर लेटर दे दिया गया। उसे तो बात में पता चला कि उसके भाई को जीवित दिखाकर कार्यालय में उपस्थित दिखाकर बाइक ट्रांसफर की गई है।
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एसडीएम ने बाबू, कर्मचारी और दलाल के भी बयान दर्ज किए हैं। दलाल ने भी बाबू की कमी बताई है।
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बाइक ट्रांसफर कराने के मामले में कई लोगों को बयान दर्ज करने के लिए बुलाया गया था। उनके बयान दर्ज कर लिए गए हैं। जल्द ही इसकी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी जाएगी।
- एसपी वर्मा, एसडीएम सदर
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इस फर्जीवाड़े की जांच एसडीएम सदर एसपी वर्मा कर रहे हैं। शनिवार को उन्होंने एआरटीओ कार्यालय के बाबू, कर्मचारी, दलाल और मृतक के भाई को तहसील बुलाया था। शनिवार शाम सभी के बयान दर्ज किए गए।
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इस दौरान मृतक के भाई ने बताया कि वह एआरटीओ कार्यालय यह पता करने गया था मृतक की बाइक ट्रांसफर कराने का क्या नियम है। कार्यालय में उसे आठ नंबर कमरा बताया गया। जहां उसे बाबू मनोज कुमार गौतम मिले। मनोज कुमार ने एक दलाल का मोबाइल नंबर दिया। बोले इस पर बात कर लोग यह तुम्हारा काम करा देगा। जब उन्होंने दलाल से बात की तो उसने बहुत लंबा तरीका बता दिया। बोला इसमें बहुत रुपये खर्च होंगे। आप केवल पंद्रह हजार रुपये दो और फोटो दे दो। बाइक आपके नाम हो जाएगी। उसने रुपये दिए और फोटो दिए। तीन-चार दिन बाद उसे बुलाया गया और उसे बाइक ट्रांसफर लेटर दे दिया गया। उसे तो बात में पता चला कि उसके भाई को जीवित दिखाकर कार्यालय में उपस्थित दिखाकर बाइक ट्रांसफर की गई है।
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एसडीएम ने बाबू, कर्मचारी और दलाल के भी बयान दर्ज किए हैं। दलाल ने भी बाबू की कमी बताई है।
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बाइक ट्रांसफर कराने के मामले में कई लोगों को बयान दर्ज करने के लिए बुलाया गया था। उनके बयान दर्ज कर लिए गए हैं। जल्द ही इसकी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी जाएगी।
- एसपी वर्मा, एसडीएम सदर