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जिला अस्पताल के फार्मासिस्ट से डेढ़ लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी
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बदायूं। जिला अस्पताल के फार्मासिस्ट राकेश कुमार को गूगल पर टोल फ्री नंबर तलाशना महंगा पड़ गया। फार्मासिस्ट टोल फ्री की जगह साइबर ठगों का नंबर लगा बैठे और उनसे डेढ़ लाख रुपये की ठगी हो गई। अब उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर अज्ञात ठगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
राकेश कुमार जिला अस्पताल में फार्मासिस्ट के पद पर तैनात हैं। राकेश कुमार के मुताबिक उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक से करीब साढ़े चार लाख रुपये का लोन लिया था। यह लोन लेने के बाद उनके खाते से 8512 रुपये कट गए। इससे राकेश कुमार परेशान हो गए। उन्होंने गूगल पर बैंक का टोल फ्री नंबर तलाश किया। बड़ी मुश्किल में एक नंबर मिला। जिस पर उन्होंने कॉल की तो उसने बताया कि वह बैंक का कर्मचारी बोल रहा है। राकेश कुमार ने अपनी समस्या बताई। उसके कहने पर फार्मासिस्ट ने अपने मोबाइल में एनीडेस्क एप डाउनलोड कर लिया। वह जैसा कहता रहा राकेश कुमार ने वैसा ही किया। इससे उसने राकेश कुमार का मोबाइल प्रयोग करके उनके खाते से 150530 रुपये काट लिए। रुपये कटने का मेसेज देखकर उनके होश उड़ गए। वह बैंक पहुंचे। ऑनलाइन ठगी होने पर उन्होंने शहर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। इस पर पुलिस ने मामला दर्जकर इसकी जांच शुरू कर दी है।
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राकेश कुमार जिला अस्पताल में फार्मासिस्ट के पद पर तैनात हैं। राकेश कुमार के मुताबिक उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक से करीब साढ़े चार लाख रुपये का लोन लिया था। यह लोन लेने के बाद उनके खाते से 8512 रुपये कट गए। इससे राकेश कुमार परेशान हो गए। उन्होंने गूगल पर बैंक का टोल फ्री नंबर तलाश किया। बड़ी मुश्किल में एक नंबर मिला। जिस पर उन्होंने कॉल की तो उसने बताया कि वह बैंक का कर्मचारी बोल रहा है। राकेश कुमार ने अपनी समस्या बताई। उसके कहने पर फार्मासिस्ट ने अपने मोबाइल में एनीडेस्क एप डाउनलोड कर लिया। वह जैसा कहता रहा राकेश कुमार ने वैसा ही किया। इससे उसने राकेश कुमार का मोबाइल प्रयोग करके उनके खाते से 150530 रुपये काट लिए। रुपये कटने का मेसेज देखकर उनके होश उड़ गए। वह बैंक पहुंचे। ऑनलाइन ठगी होने पर उन्होंने शहर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। इस पर पुलिस ने मामला दर्जकर इसकी जांच शुरू कर दी है।
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