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कटरी में गेहूं न काट सके दबंग तो फूंक दी फसल
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कादरचौक इलाके में गेहूं की फसल में लगी आग। संवाद
- फोटो : BADAUN
कादरचौक (बदायूं)। थाना क्षेत्र में कासगंज सीमा से सटे इलाके में क्षेत्रीय लोगों की दबंगई हावी है। उन्होंने हजारों बीघा सरकारी जमीन कब्जा कर गेहूं बो दिए हैं। फसल कटवाने के लिए एक ओर राजस्व नीलामी की तैयारी में था तो दूसरी ओर उन्होंने फसल को ही आग लगा दी, इससे कई बीघा गेहूं जलकर राख हो गए।
यह इलाका कासगंज सीमा से जुड़ा है। यहां हजारों बीघा सरकारी जमीन है। इस पर वर्षों से ग्रामीणों का कब्जा रहा है। कभी जिला प्रशासन इस जमीन को मुक्त नहीं करा पाया। कभी अधिकारी पहुंचे भी तो उनके लौटते ही दबंगों ने जमीन जोतकर पर उस पर फसल बो दी। यह क्रम कई वर्षों से चला आ रहा है। दो दिन पहले शनिवार को लेखपाल रिजवान और भगवानदास इलाके में पहुंचे थे। उन्होंने जमीन की नपत करके उस पर झंडी लगाने की कोशिश की लेकिन दबंगों के पहुंचने पर वे ऐसा नहीं लगा सके। दो दिन पहले नायब तहसीलदार ने सरकारी जमीन में बोए गेहूं काटते हुए एक कंबाइन पकड़ी थी। उसको थाने पर लाया गया लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया। दबंगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई लेकिन उस दिन नायब तहसीलदार ने गेहूं की फसल की नीलामी कराने को कहा था। उन्होंने बोला था कि जो ज्यादा बड़ी बोली लगाएगा, वही फसल काटेगा। राजस्व विभाग इसकी तैयारी में लगा था।
बोली लग पाती इससे पहले ही रविवार सुबह दबंगों ने गेहूं की फसल में आग लगा दी। इससे हजारों बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीण नक्षत्रपाल का आरोप है कि दबंगों ने सरकारी जमीन में बोए गए गेहूं जलाने के साथ उनकी भी फसल में आग लगा दी। जबकि यह फसल उनके खेतों में खड़ी थी। उन्होंने दबंगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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जमीन कब्जाने को लेकर हो चुकी हैं चार हत्याएं
करीब छह साल पहले तक कादरचौक इलाके में जमीन कब्जाने को लेकर चार लोगों की हत्या की जा चुकी है। उस समय पुलिस प्रशासन इस ओर देखने तक नहीं जाता था। उस दौरान जिसकी लाठी उसकी जमीन वाले हालात थे। तब से जो जहां काबिज है, वही जमीन जोतता आ रहा है।
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कादरचौक क्षेत्र का यह मामला काफी गंभीर है। रकबा भी ज्यादा है। टीम को लगा दिया गया है। जमीन की नपत कराई जा रही है। सरकारी जमीन कहां से कहां तक है। यह पता चलने के बाद जमीन कब्जा मुक्त कराई जाएगी।
- एसपी वर्मा, एसडीएम सदर
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यह इलाका कासगंज सीमा से जुड़ा है। यहां हजारों बीघा सरकारी जमीन है। इस पर वर्षों से ग्रामीणों का कब्जा रहा है। कभी जिला प्रशासन इस जमीन को मुक्त नहीं करा पाया। कभी अधिकारी पहुंचे भी तो उनके लौटते ही दबंगों ने जमीन जोतकर पर उस पर फसल बो दी। यह क्रम कई वर्षों से चला आ रहा है। दो दिन पहले शनिवार को लेखपाल रिजवान और भगवानदास इलाके में पहुंचे थे। उन्होंने जमीन की नपत करके उस पर झंडी लगाने की कोशिश की लेकिन दबंगों के पहुंचने पर वे ऐसा नहीं लगा सके। दो दिन पहले नायब तहसीलदार ने सरकारी जमीन में बोए गेहूं काटते हुए एक कंबाइन पकड़ी थी। उसको थाने पर लाया गया लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया। दबंगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई लेकिन उस दिन नायब तहसीलदार ने गेहूं की फसल की नीलामी कराने को कहा था। उन्होंने बोला था कि जो ज्यादा बड़ी बोली लगाएगा, वही फसल काटेगा। राजस्व विभाग इसकी तैयारी में लगा था।
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बोली लग पाती इससे पहले ही रविवार सुबह दबंगों ने गेहूं की फसल में आग लगा दी। इससे हजारों बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीण नक्षत्रपाल का आरोप है कि दबंगों ने सरकारी जमीन में बोए गए गेहूं जलाने के साथ उनकी भी फसल में आग लगा दी। जबकि यह फसल उनके खेतों में खड़ी थी। उन्होंने दबंगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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जमीन कब्जाने को लेकर हो चुकी हैं चार हत्याएं
करीब छह साल पहले तक कादरचौक इलाके में जमीन कब्जाने को लेकर चार लोगों की हत्या की जा चुकी है। उस समय पुलिस प्रशासन इस ओर देखने तक नहीं जाता था। उस दौरान जिसकी लाठी उसकी जमीन वाले हालात थे। तब से जो जहां काबिज है, वही जमीन जोतता आ रहा है।
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कादरचौक क्षेत्र का यह मामला काफी गंभीर है। रकबा भी ज्यादा है। टीम को लगा दिया गया है। जमीन की नपत कराई जा रही है। सरकारी जमीन कहां से कहां तक है। यह पता चलने के बाद जमीन कब्जा मुक्त कराई जाएगी।
- एसपी वर्मा, एसडीएम सदर