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दरोगा-सिपाही की गिरफ्तारीः सौदा 1.60 में नहीं 12 लाख में हुआ था
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आरोपी सिपाही कुलदीप यादव। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। रिश्वत लेते पकड़े गए दिल्ली पुलिस के दरोगा और सिपाही के मामले में सामने आया है कि वकील से 15 लाख मांगे गए थे और सौदा 1.60 में नहीं बल्कि 12 लाख में फाइनल हुआ था। जिसमें 1.60 पहले (सोमवार को) और शेष राशि अगले दिन देनी थी। खैर शेष रकम देने की स्थिति बनी ही नहीं और दोनों धरे गए। दोनों को बरेली जनपद में एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। यहां बता दें कि सोमवार को सौदा 1.60 लाख में तय हो जाने की बात की गई थी।
सूत्रों ने सोमवार को हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली के कालिकाजी थाने में तैनात दरोगा पवन कुमार यादव, सिपाही कुलदीप यादव, महिला सिपाही शीतल व ड्राइवर रविवार शाम वकील नेकपाल कश्यप के आवास विकास स्थित घर पहुंचे। यहां दौरान दरोगा व सिपाही कुलदीप वकील से मिले और फर्जी कागजात तैयार कराने का आरोप लगाया। यह भी कहा कि लड़की का आधार कार्ड भी वकील ने ही बनवाया है। वकील ने कहा कि बरेली के राजू ने जो आधार कार्ड उपलब्ध कराया था। उन्होंने उसी के आधार पर शपथपत्र बनवाया था। दरोगा ने उन्हें मेडिकल रिपोर्ट दिखाते हुए डराने की कोशिश की। उस दौरान लेनदेन की बात नहीं हुई। रात को पूरी टीम लावेला चौक के नजदीक एक होटल में रुक गई, और वहीं वकील को भी वहीं बुला लिया गया। उसके बाद लेनदेन को लेकर वार्ता हुई। दरोगा ने 15 लाख मांगे और बात 12 लाख पर जाकर रुकी। वकील ने कहा कि वह तुरंत इतनी राशि नहीं दे पाएंगे। सोमवार को पहली किस्त के रूप में 1.60 लाख रुपये देंगे। राशि पांच-पांच सौ के 320 नोट के रूप में दी गई। जिसे दरोगा व सिपाही ने तुरंत बांट लिए। बाद में एसडीएम सीएल वर्मा और सीओ आलोक मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने उन्हें दातागंज तिराहे पर गिरफ्तार कर लिया।
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सीओ उझानी करेंगे मामले की विवेचना
दरोगा व सिपाही के मामले की विवेचना सीओ उझानी गजेंद्र सिंह श्रोत्रिया को सौंपी गई है। वही जिला स्तर पर एंटी करप्शन के मामले भी देख रहे हैं। मंगलवार को सीओ दरोगा व सिपाही को जिला बरेली स्थित एंटी करप्शन कोर्ट ले गए। जहां उन्हें दोपहर में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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दिल्ली से पहुंची पुलिस टीम, महिला सिपाही, ड्राइवर और युवक को ले गई
- दरोगा और सिपाही की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस को उसी समय सूचना दे दी गई थी। सोमवार रात को कालिकाजी थाने से एक टीम सिविल लाइंस थाने पहुंची। मंगलवार सुबह टीम महिला सिपाही शीतल, ड्राइवर सुभाष और बरेली से पकड़े गए राजू को अपने साथ दिल्ली ले गई।
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सावधानी से बिछाया जाल
दरोगा व सिपाही को पकड़ने के लिए एसएसपी डॉ. ओपी सिंह के निर्देश पर पूरी सावधानी से जाल बिछाया गया था। जो नोट उन्हें दिए गए थे। उनके नंबर पहले ही नोट कर लिए गए थे। प्लान के मुताबिक रुपयों को पीले लिफाफे में रखा गया था। पूरी कार्रवाई के दौरान वीडियो भी बनाया गया।
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दिल्ली पुलिस के दरोगा व सिपाही सोमवार को रिश्वत लेते पकड़े गए थे। मंगलवार दोपहर उन्हें बरेली एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उन्हें शाम के समय जेल भेज दिया गया। विवेचना शुरू कर दी गई है।
- गजेंद्र कुमार श्रोत्रिया, सीओ उझानी
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सूत्रों ने सोमवार को हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली के कालिकाजी थाने में तैनात दरोगा पवन कुमार यादव, सिपाही कुलदीप यादव, महिला सिपाही शीतल व ड्राइवर रविवार शाम वकील नेकपाल कश्यप के आवास विकास स्थित घर पहुंचे। यहां दौरान दरोगा व सिपाही कुलदीप वकील से मिले और फर्जी कागजात तैयार कराने का आरोप लगाया। यह भी कहा कि लड़की का आधार कार्ड भी वकील ने ही बनवाया है। वकील ने कहा कि बरेली के राजू ने जो आधार कार्ड उपलब्ध कराया था। उन्होंने उसी के आधार पर शपथपत्र बनवाया था। दरोगा ने उन्हें मेडिकल रिपोर्ट दिखाते हुए डराने की कोशिश की। उस दौरान लेनदेन की बात नहीं हुई। रात को पूरी टीम लावेला चौक के नजदीक एक होटल में रुक गई, और वहीं वकील को भी वहीं बुला लिया गया। उसके बाद लेनदेन को लेकर वार्ता हुई। दरोगा ने 15 लाख मांगे और बात 12 लाख पर जाकर रुकी। वकील ने कहा कि वह तुरंत इतनी राशि नहीं दे पाएंगे। सोमवार को पहली किस्त के रूप में 1.60 लाख रुपये देंगे। राशि पांच-पांच सौ के 320 नोट के रूप में दी गई। जिसे दरोगा व सिपाही ने तुरंत बांट लिए। बाद में एसडीएम सीएल वर्मा और सीओ आलोक मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने उन्हें दातागंज तिराहे पर गिरफ्तार कर लिया।
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सीओ उझानी करेंगे मामले की विवेचना
दरोगा व सिपाही के मामले की विवेचना सीओ उझानी गजेंद्र सिंह श्रोत्रिया को सौंपी गई है। वही जिला स्तर पर एंटी करप्शन के मामले भी देख रहे हैं। मंगलवार को सीओ दरोगा व सिपाही को जिला बरेली स्थित एंटी करप्शन कोर्ट ले गए। जहां उन्हें दोपहर में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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दिल्ली से पहुंची पुलिस टीम, महिला सिपाही, ड्राइवर और युवक को ले गई
- दरोगा और सिपाही की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस को उसी समय सूचना दे दी गई थी। सोमवार रात को कालिकाजी थाने से एक टीम सिविल लाइंस थाने पहुंची। मंगलवार सुबह टीम महिला सिपाही शीतल, ड्राइवर सुभाष और बरेली से पकड़े गए राजू को अपने साथ दिल्ली ले गई।
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सावधानी से बिछाया जाल
दरोगा व सिपाही को पकड़ने के लिए एसएसपी डॉ. ओपी सिंह के निर्देश पर पूरी सावधानी से जाल बिछाया गया था। जो नोट उन्हें दिए गए थे। उनके नंबर पहले ही नोट कर लिए गए थे। प्लान के मुताबिक रुपयों को पीले लिफाफे में रखा गया था। पूरी कार्रवाई के दौरान वीडियो भी बनाया गया।
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दिल्ली पुलिस के दरोगा व सिपाही सोमवार को रिश्वत लेते पकड़े गए थे। मंगलवार दोपहर उन्हें बरेली एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उन्हें शाम के समय जेल भेज दिया गया। विवेचना शुरू कर दी गई है।
- गजेंद्र कुमार श्रोत्रिया, सीओ उझानी

गिरफ्तारी के दौरान बैग में रखे रुपये दिखाता दरोगा। (वीडियो से)- फोटो : BADAUN