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सिपाही ने अधिक मात्रा में नींद की गोलियां खाईं, थाने की छत पर अचेत मिला
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बदायूं। मूसाझाग थाने में तैनात सिपाही 26 वर्षीय अजीत सिंह रविवार शाम थाना परिसर में आवास की छत पर अचेत मिला। थाना प्रभारी ने उसे अस्पताल भिजवाया जहां से बरेली के निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया। एसपी सिटी व सीओ दातागंज ने थाने जाकर जानकारी जुटाई तो पता लगा कि उसने ज्यादा मात्रा में नींद की गोलियां खा ली थीं।
मूसाझाग थाने में तैनात कांस्टेबल अजीत ने रविवार को दिन में ड्यूटी की थी। देर शाम अपने सरकारी आवास की छत पर जाकर नींद की कई गोलियां एक साथ खा लीं। देर तक जब वह नीचे उतरकर नहीं आया तो साथी कांस्टेबल उसे खोजते हुए छत पर पहुंचे। वहां वह बेहोश मिला। थाना प्रभारी खीम सिंह जलाल ने उसे बरेली भिजवाया। इसके बाद सूचना पर एसपी सिटी प्रवीन सिंह चौहान व सीओ दातागंज प्रेम कुमार थापा मौके पर पहुंच गए।
सीओ ने मामले की जांच शुरू कर दी। बताया गया कि कांस्टेबल अजीत मथुरा का मूल निवासी है। वह 2021 बैच का सिपाही है। जनवरी में ही उसे मूसाझाग थाने में तैनाती मिली है। सीओ ने थाना प्रभारी व अन्य पुलिसकर्मियों से घटनाक्रम की जानकारी ली। कांस्टेबल ने इतनी गोलियां एक साथ क्यों खाईं? इस वजह को अभी अधिकारी नहीं तलाश सके हैं। सीओ प्रेमकुमार थापा ने बताया कि कांस्टेबल की हालत में अब सुधार है। उसके होश में आने पर बयान दर्ज किए जाएंगे। संवाद
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मूसाझाग थाने में तैनात कांस्टेबल अजीत ने रविवार को दिन में ड्यूटी की थी। देर शाम अपने सरकारी आवास की छत पर जाकर नींद की कई गोलियां एक साथ खा लीं। देर तक जब वह नीचे उतरकर नहीं आया तो साथी कांस्टेबल उसे खोजते हुए छत पर पहुंचे। वहां वह बेहोश मिला। थाना प्रभारी खीम सिंह जलाल ने उसे बरेली भिजवाया। इसके बाद सूचना पर एसपी सिटी प्रवीन सिंह चौहान व सीओ दातागंज प्रेम कुमार थापा मौके पर पहुंच गए।
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सीओ ने मामले की जांच शुरू कर दी। बताया गया कि कांस्टेबल अजीत मथुरा का मूल निवासी है। वह 2021 बैच का सिपाही है। जनवरी में ही उसे मूसाझाग थाने में तैनाती मिली है। सीओ ने थाना प्रभारी व अन्य पुलिसकर्मियों से घटनाक्रम की जानकारी ली। कांस्टेबल ने इतनी गोलियां एक साथ क्यों खाईं? इस वजह को अभी अधिकारी नहीं तलाश सके हैं। सीओ प्रेमकुमार थापा ने बताया कि कांस्टेबल की हालत में अब सुधार है। उसके होश में आने पर बयान दर्ज किए जाएंगे। संवाद
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