{"_id":"62167a685cb2e90162535c7d","slug":"crime-badaun-news-bly4763953152","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूल न जाने पर डांट लगी तो घर से निकला पूर्व ब्लॉक प्रमुख का बेटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूल न जाने पर डांट लगी तो घर से निकला पूर्व ब्लॉक प्रमुख का बेटा
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बदायूं। सालारपुर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख भाजपा नेता अशोक वर्मा का 14 वर्षीय बेटा अभय वर्मा मंगलवार को घर से स्कूल जाने की बात कहकर निकला था। एक अनजान कॉल से अभय के कब्जे में होने का दावा किया गया तो परिवार पुलिस के पास पहुंचा। एसएसपी ने टीमें लगाईं तो बिल्सी क्षेत्र में बस से अभय को उतार लिया गया। उसने बताया कि स्कूल जाने को लेकर दादी व मां की डांट के बाद नाराज होकर घर से निकला था।
अशोक वर्मा मूल रूप से कुंवरगांव के गांव बल्लिया के निवासी हैं। उनका एक घर शहर के लोची नगला में है। मंगलवार सुबह उनका बेटा अभय बल्लिया स्थित घर से विद्यालय जाने को कहकर निकला था। अभय शहर के इंटर कॉलेज में नवीं का छात्र है। शाम पांच बजे नए नंबर से अभय के चचेरे भाई के पास कॉल आई। किसी ने कहा कि अभय कब्जे में है। पीछे से अभय की भी आवाज सुनाई दी। इससे भाई घबरा गया और परिवार को जानकारी दी।
अभय के चाचा ने जानकारी कुंवरगांव थाना प्रभारी मनोज वर्मा को दी। एसएसपी कार्यालय के सर्विलांस सेल में भी पत्र दिया गया। पुलिस व एसओजी दोनों पड़ताल में जुट गईं। रात में नंबरों की लोकेशन संभल के बहजोई के रम्पुरा गांव के पास आई। बुधवार को भी नतीजा न निकलने पर एसएसपी डॉ. ओपी सिंह को घटनाक्रम की जानकारी दी गई। उन्होंने टीमों को तत्काल दौड़ा दिया। थाना पुलिस से लेकर एसओजी तक दोबारा तलाश में जुट गई। बुधवार दोपहर अभय को बिल्सी से इस्लामनगर जा रही बस से उतारकर पुलिस कुंवरगांव थाने ले आई। वह घबराया हुआ था। उसके मिलने से जहां पुलिस की टेंशन खत्म हुई वहीं परिवार की खुशी का ठिकाना न रहा।
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गुजरात में दोस्त के पास जाने को निकला था अभय
अभय ने पुलिस को बताया कि वह दो दिन से कॉलेज नहीं जा रहा था। इस बात पर दादी व मां ने उसे डांट दिया था। तब उसने गुजरात में रहने वाले दोस्त के पास जाने का मन बनाया और निकल गया। वह बस से चंदौसी और फिर बहजोई गया। उसने दो दिन पहले एक सिम लिया था। उसे मोबाइल में डालकर ढाबे के कर्मचारी से कहलवाया कि अभय उसके कब्जे में है। वह गुजरात जाकर कोई जॉब करना चाहता था पर परिवार से दूर होने के बाद अच्छा भी नहीं लग रहा था। इसी उलझन में यहां से वहां घूम रहा था। पुलिस के मुताबिक अभय घर से करीब 25 हजार रुपये भी ले गया था जो उसके पास सुरक्षित मिल गए।
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सही समय पर सूचना व सर्विलांस की मदद से पुलिस टीमों ने अभय को खोज लिया। वह घर से खुद ही चला गया था। अपहरण की कोई बात नहीं थी।
- डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी
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अभय पहली बार इस तरह घर से गया था। अनजान कॉल ने हमें और डरा दिया। पुलिस ने भरपूर मदद कर बेटे को तलाश किया, हमें बहुत खुशी है।
- जितेंद्र वर्मा, अभय के चाचा
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अशोक वर्मा मूल रूप से कुंवरगांव के गांव बल्लिया के निवासी हैं। उनका एक घर शहर के लोची नगला में है। मंगलवार सुबह उनका बेटा अभय बल्लिया स्थित घर से विद्यालय जाने को कहकर निकला था। अभय शहर के इंटर कॉलेज में नवीं का छात्र है। शाम पांच बजे नए नंबर से अभय के चचेरे भाई के पास कॉल आई। किसी ने कहा कि अभय कब्जे में है। पीछे से अभय की भी आवाज सुनाई दी। इससे भाई घबरा गया और परिवार को जानकारी दी।
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अभय के चाचा ने जानकारी कुंवरगांव थाना प्रभारी मनोज वर्मा को दी। एसएसपी कार्यालय के सर्विलांस सेल में भी पत्र दिया गया। पुलिस व एसओजी दोनों पड़ताल में जुट गईं। रात में नंबरों की लोकेशन संभल के बहजोई के रम्पुरा गांव के पास आई। बुधवार को भी नतीजा न निकलने पर एसएसपी डॉ. ओपी सिंह को घटनाक्रम की जानकारी दी गई। उन्होंने टीमों को तत्काल दौड़ा दिया। थाना पुलिस से लेकर एसओजी तक दोबारा तलाश में जुट गई। बुधवार दोपहर अभय को बिल्सी से इस्लामनगर जा रही बस से उतारकर पुलिस कुंवरगांव थाने ले आई। वह घबराया हुआ था। उसके मिलने से जहां पुलिस की टेंशन खत्म हुई वहीं परिवार की खुशी का ठिकाना न रहा।
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गुजरात में दोस्त के पास जाने को निकला था अभय
अभय ने पुलिस को बताया कि वह दो दिन से कॉलेज नहीं जा रहा था। इस बात पर दादी व मां ने उसे डांट दिया था। तब उसने गुजरात में रहने वाले दोस्त के पास जाने का मन बनाया और निकल गया। वह बस से चंदौसी और फिर बहजोई गया। उसने दो दिन पहले एक सिम लिया था। उसे मोबाइल में डालकर ढाबे के कर्मचारी से कहलवाया कि अभय उसके कब्जे में है। वह गुजरात जाकर कोई जॉब करना चाहता था पर परिवार से दूर होने के बाद अच्छा भी नहीं लग रहा था। इसी उलझन में यहां से वहां घूम रहा था। पुलिस के मुताबिक अभय घर से करीब 25 हजार रुपये भी ले गया था जो उसके पास सुरक्षित मिल गए।
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सही समय पर सूचना व सर्विलांस की मदद से पुलिस टीमों ने अभय को खोज लिया। वह घर से खुद ही चला गया था। अपहरण की कोई बात नहीं थी।
- डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी
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अभय पहली बार इस तरह घर से गया था। अनजान कॉल ने हमें और डरा दिया। पुलिस ने भरपूर मदद कर बेटे को तलाश किया, हमें बहुत खुशी है।
- जितेंद्र वर्मा, अभय के चाचा