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बंद मकान में चली गोली, परचून दुकानदार की मौत
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घटना स्थल पर मुआयना करते एसपी सिटी। संवाद
- फोटो : BADAUN
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कादरचौक (बदायूं)। कादरचौक कस्बे में एक मकान में बुधवार दोपहर गोली चलने से बरेली के मूल निवासी परचून दुकानदार परमवीर (36) की मौत हो गई। पुलिस ने मौके से लाइसेंसी बंदूक और कारतूस की पेटी बरामद की है। शक के आधार पर मकान मालिक को हिरासत में ले लिया गया है। अभी उससे पूछताछ चल रही है। दुकानदार के शव को मोर्चरी में रखवाने के साथ परिवार वालों को सूचना दे दी गई है।
बरेली के फरीदपुर थाना क्षेत्र के गांव पिपइया गौंटिया निवासी परमवीर (36) पुत्र जगदीश तीन माह पहले ही कादरचौक आए थे। उन्होंने अपने फुफेरे साढू सत्यवीर के मकान में दूसरी मंजिल पर किराये पर कमरा और नीचे एक दुकान ली। दो माह पहले उन्होंने दुुकान में परचून का सामान बेचना शुरू किया था। बताते हैं कि तब से परमवीर यहां अकेले रह रहे थे। जबकि उनका परिवार पिपइया गौंटिया गांव में रहता है। दो दिन पहले परमवीर साढू के परिवार वालों को बिना बताए कहीं चले गए। फिर बुधवार सुबह ही लौटे थे। शाम करीब चार बजे साढू की मां जब छत पर पहुंची, तब उन्होंने दुकानदार का शव कमरे में खून से लथपथ अवस्था में पड़ा देखा। उनके पास लाइसेंसी बंदूक और कारतूस की पेटी पड़ी थी। कुछ देर बाद इसकी सूचना पर कादरचौक पुलिस पहुंच गई। बाद में एसपी सिटी प्रवीन सिंह चौहान और सीओ उझानी गजेंद्र श्रोत्रीय भी आ गए। उसके बाद पुलिस ने परमवीर के शव को मोर्चरी में रखवा दिया। मौके से लाइसेंसी बंदूक और कारतूसों की पेटी बरामद कर ली गई। कमरे में परमवीर का मोबाइल नहीं मिला। अनुमान लगाया जा रहा है कि दोपहर करीब ढाई बजे परमवीर की मौत हुई होगी। पुलिस ने शक के आधार पर साढू को हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ चल रही है। रात आठ बजे तक परमवीर के परिवार वाले बदायूं नहीं पहुंच सके थे।
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नोएडा में सिक्योरिटी गार्ड थे परमवीर
बरेली के थाना फरीदपुर निवासी परमवीर नोयडा में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे। कुछ समय पहले उन्होंने ये नौकरी छोड़ दी। करीब तीन माह पहले परचून की दुकान खोलकर नया काम शुरू किया था। उन्होंने बरेली से आकर कादरचौक में ही परचून की दुकान क्यों खोली। अभी इसका पता नहीं चला है।
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आचार संहिता के बावजूद जमा नहीं हुई थी लाइसेंसी बंदूक
कमरे से लाइसेंसी बंदूक मिलना भी बड़ा सवाल है। विधानसभा चुनाव के चलते प्रदेश भर में आचार संहिता लागू है। इस दौरान लाइसेंसी असलहे थानों में जमा करा लिए जाते हैं लेकिन परमवीर की बंदूक जमा नहीं हुई थी। स्थानीय पुलिस का कहना है कि यह फरीदपुर पुलिस की जिम्मेदारी थी। बदायूं पुलिस से इसका कोई लेना देना नहीं है।
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कादरचौक में युवक की गोली लगने से मौत हुई है। प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला लग रहा है। अभी युवक के परिवार वाले नहीं आए हैं। उनके आने के बाद ही कुछ पता चलेगा। इसके बाद मामले में कार्रवाई कराई जाएगी।
- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी
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बरेली के फरीदपुर थाना क्षेत्र के गांव पिपइया गौंटिया निवासी परमवीर (36) पुत्र जगदीश तीन माह पहले ही कादरचौक आए थे। उन्होंने अपने फुफेरे साढू सत्यवीर के मकान में दूसरी मंजिल पर किराये पर कमरा और नीचे एक दुकान ली। दो माह पहले उन्होंने दुुकान में परचून का सामान बेचना शुरू किया था। बताते हैं कि तब से परमवीर यहां अकेले रह रहे थे। जबकि उनका परिवार पिपइया गौंटिया गांव में रहता है। दो दिन पहले परमवीर साढू के परिवार वालों को बिना बताए कहीं चले गए। फिर बुधवार सुबह ही लौटे थे। शाम करीब चार बजे साढू की मां जब छत पर पहुंची, तब उन्होंने दुकानदार का शव कमरे में खून से लथपथ अवस्था में पड़ा देखा। उनके पास लाइसेंसी बंदूक और कारतूस की पेटी पड़ी थी। कुछ देर बाद इसकी सूचना पर कादरचौक पुलिस पहुंच गई। बाद में एसपी सिटी प्रवीन सिंह चौहान और सीओ उझानी गजेंद्र श्रोत्रीय भी आ गए। उसके बाद पुलिस ने परमवीर के शव को मोर्चरी में रखवा दिया। मौके से लाइसेंसी बंदूक और कारतूसों की पेटी बरामद कर ली गई। कमरे में परमवीर का मोबाइल नहीं मिला। अनुमान लगाया जा रहा है कि दोपहर करीब ढाई बजे परमवीर की मौत हुई होगी। पुलिस ने शक के आधार पर साढू को हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ चल रही है। रात आठ बजे तक परमवीर के परिवार वाले बदायूं नहीं पहुंच सके थे।
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नोएडा में सिक्योरिटी गार्ड थे परमवीर
बरेली के थाना फरीदपुर निवासी परमवीर नोयडा में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे। कुछ समय पहले उन्होंने ये नौकरी छोड़ दी। करीब तीन माह पहले परचून की दुकान खोलकर नया काम शुरू किया था। उन्होंने बरेली से आकर कादरचौक में ही परचून की दुकान क्यों खोली। अभी इसका पता नहीं चला है।
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आचार संहिता के बावजूद जमा नहीं हुई थी लाइसेंसी बंदूक
कमरे से लाइसेंसी बंदूक मिलना भी बड़ा सवाल है। विधानसभा चुनाव के चलते प्रदेश भर में आचार संहिता लागू है। इस दौरान लाइसेंसी असलहे थानों में जमा करा लिए जाते हैं लेकिन परमवीर की बंदूक जमा नहीं हुई थी। स्थानीय पुलिस का कहना है कि यह फरीदपुर पुलिस की जिम्मेदारी थी। बदायूं पुलिस से इसका कोई लेना देना नहीं है।
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कादरचौक में युवक की गोली लगने से मौत हुई है। प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला लग रहा है। अभी युवक के परिवार वाले नहीं आए हैं। उनके आने के बाद ही कुछ पता चलेगा। इसके बाद मामले में कार्रवाई कराई जाएगी।
- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी