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रेलवे ट्रैक पर मिले शव की रवेंद्र के रूप में हुई शिनाख्त
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उझानी (बदायूं)। शनिवार अपराह्न बसोमा रेल फाटक के पास ट्रेन के आगे कूदकर जान देने वाले अज्ञात युवक की रविवार दोपहर पहचान हो गई। वह कोतवाली क्षेत्र के गांव अहीरवारा का रवेंद्र यादव था। इंटर तक पढ़ाई करके घर बैठे रवेंद्र के परिजन ने मौत की वजह उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं होना जरूर बताया है लेकिन चर्चा है कि उसकी किसी करीबी से कहासुनी हो गई थी। इसके बाद उसने जान दे दी।
अहीरवारा निवासी रवेंद्र यादव (21) शनिवार दोपहर घर से रहस्यमय हालात में लापता हो गया था। देर शाम तक वह घर नहीं लौटा तो रविवार सुबह परिवार के लोग गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए कोतवाली पहुंचे। पिता कल्लू समेत बड़े भाई पुष्पेंद्र ने पुलिस को उसका जो हुलिया बताया, उसे सुनकर पुलिसकर्मियों ने एक दिन पहले बसोमा के पास रेलवे ट्रैक पर मिले अज्ञात युवक के शव को देख आने के लिए कह दिया। परिजन दोपहर बाद बदायूूं मोरचरी पहुंचे। पिता कल्लू ने शव देखते ही उसे बेटे रवेंद्र के रूप में पहचान लिया।
इसकी भनक लगते ही परिवार के कई और लोग रोते-बिलखते बदायूं पहुंच गए। मृतक के ताऊ रामबिरेश यादव के मुताबिक- रवेंद्र ने पिछले साल इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की थी लेकिन आगे की पढ़ाई करने की बजाय वह घर बैठ गया। पिछले कुछेक दिनों से उसकी दिमागी हालत भी ठीक नजर नहीं आ रही थी। परिवार में ऐसी कोई बात भी नहीं हुई जो रवेंद्र गुस्से में आत्महत्या करने का कदम उठाता। इसके विपरीत, गांव के लोगों का कहना है कि रवेंद्र की किसी करीबी से कहासुनी हो गई थी। इसके बाद ही उसने आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शिनाख्त की अभिलेखीय कार्रवाई पूरी करने के बाद शव उसके परिवार के लोगों को सौंप दिया है। संवाद
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अहीरवारा निवासी रवेंद्र यादव (21) शनिवार दोपहर घर से रहस्यमय हालात में लापता हो गया था। देर शाम तक वह घर नहीं लौटा तो रविवार सुबह परिवार के लोग गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए कोतवाली पहुंचे। पिता कल्लू समेत बड़े भाई पुष्पेंद्र ने पुलिस को उसका जो हुलिया बताया, उसे सुनकर पुलिसकर्मियों ने एक दिन पहले बसोमा के पास रेलवे ट्रैक पर मिले अज्ञात युवक के शव को देख आने के लिए कह दिया। परिजन दोपहर बाद बदायूूं मोरचरी पहुंचे। पिता कल्लू ने शव देखते ही उसे बेटे रवेंद्र के रूप में पहचान लिया।
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इसकी भनक लगते ही परिवार के कई और लोग रोते-बिलखते बदायूं पहुंच गए। मृतक के ताऊ रामबिरेश यादव के मुताबिक- रवेंद्र ने पिछले साल इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की थी लेकिन आगे की पढ़ाई करने की बजाय वह घर बैठ गया। पिछले कुछेक दिनों से उसकी दिमागी हालत भी ठीक नजर नहीं आ रही थी। परिवार में ऐसी कोई बात भी नहीं हुई जो रवेंद्र गुस्से में आत्महत्या करने का कदम उठाता। इसके विपरीत, गांव के लोगों का कहना है कि रवेंद्र की किसी करीबी से कहासुनी हो गई थी। इसके बाद ही उसने आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शिनाख्त की अभिलेखीय कार्रवाई पूरी करने के बाद शव उसके परिवार के लोगों को सौंप दिया है। संवाद
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