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न डीएनए रिपोर्ट आई और न अपहरणकर्ताओं का लगा सुराग
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बदायूं/कुंवरगांव। कुंवरगांव थाना क्षेत्र के गांव कल्लिया काजमपुर से अपहृत मासूम का तीन माह बाद भी कोई सुराग नहीं लगा है। अब तक पुलिस यह पता भी नहीं लगा पाई है कि उसे कौन उठाकर ले गया। हाथरस जिले में जिस बच्चे के मिलने का दावा किया गया था, अभी तक उसकी भी पुष्टि नहीं हुई है और न ही उसकी डीएनए रिपोर्ट आई है।
मामला तीन अक्तूबर की रात का है। उस रात नेमपाल और उनकी पत्नी कन्यावती अपने घर में चारपाई पर सो रहे थे। कन्यावती के साथ चारपाई पर उनका पांच माह का बेटा आयुष भी सो रहा था। जबकि बड़ा 12 वर्षीय बेटा नीरज अपने पिता के साथ सो रहा था। रात 12 बजे जब कन्यावती की आंख खुली तब बच्चा वहां नहीं था।
उसी दौरान पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस भी रात से लेकर दूसरे दिन शाम तक बच्चे को तलाश करती रही। शुरुआती दौर में पुलिस ने बच्चे की तलाश में काफी हाथ-पैर मारे लेकिन सुराग नहीं लग सका। करीब पंद्रह दिन बाद कुंवरगांव पुलिस ने दावा किया था कि कल्लिया काजमपुर से लापता बालक हाथरस जिले में मिला है। परिवारवाले उसे पहचानने से इनकार कर रहे थे।
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इसके बावजूद पुलिस ने उस बच्चे का डीएनए सैंपल कराया। इसके साथ ही बच्चे की तलाश बंद कर दी गई। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई वहीं रुक गई। इसके बाद तीन माह हो चुके हैं लेकिन अब तक डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट नहीं आई है। मासूम के परिवारवालों पर क्या गुजर रही है। यह वही जानते हैं। कन्यावती को बच्चे की याद आ जाती है तो उसकी आंखों से आंसू निकल आते हैं। एसपी सिटी प्रवीण सिंह चौहान का कहना है कि डीएनए रिपोर्ट का इंतजार है, उसकी बाद ही कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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मामला तीन अक्तूबर की रात का है। उस रात नेमपाल और उनकी पत्नी कन्यावती अपने घर में चारपाई पर सो रहे थे। कन्यावती के साथ चारपाई पर उनका पांच माह का बेटा आयुष भी सो रहा था। जबकि बड़ा 12 वर्षीय बेटा नीरज अपने पिता के साथ सो रहा था। रात 12 बजे जब कन्यावती की आंख खुली तब बच्चा वहां नहीं था।
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उसी दौरान पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस भी रात से लेकर दूसरे दिन शाम तक बच्चे को तलाश करती रही। शुरुआती दौर में पुलिस ने बच्चे की तलाश में काफी हाथ-पैर मारे लेकिन सुराग नहीं लग सका। करीब पंद्रह दिन बाद कुंवरगांव पुलिस ने दावा किया था कि कल्लिया काजमपुर से लापता बालक हाथरस जिले में मिला है। परिवारवाले उसे पहचानने से इनकार कर रहे थे।
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इसके बावजूद पुलिस ने उस बच्चे का डीएनए सैंपल कराया। इसके साथ ही बच्चे की तलाश बंद कर दी गई। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई वहीं रुक गई। इसके बाद तीन माह हो चुके हैं लेकिन अब तक डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट नहीं आई है। मासूम के परिवारवालों पर क्या गुजर रही है। यह वही जानते हैं। कन्यावती को बच्चे की याद आ जाती है तो उसकी आंखों से आंसू निकल आते हैं। एसपी सिटी प्रवीण सिंह चौहान का कहना है कि डीएनए रिपोर्ट का इंतजार है, उसकी बाद ही कार्रवाई की जाएगी। संवाद