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ग्राम पंचायत की जगह पर कब्जा, विरोध पर फायरिंग
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गंढाह गांव में ग्राम पंचायत की जगह पर लगाई गई दीवार। संवाद
- फोटो : BADAUN
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दातागंज (बदायूं)। कोतवाली क्षेत्र के गंढाह गांव में बृहस्पतिवार रात दबंगों ने सरकारी जगह से कब्जा तो नहीं हटाया लेकिन उस पर पक्का निर्माण और शुरू करा दिया। विरोध पर आरोपियों ने प्रधान पर हमला बोल दिया और फायरिंग कर दी। सूचना पर कोतवाली पुलिस रात में ही गांव पहुंच गई लेकिन तब तक आरोपी मौके से भाग गए। ग्राम प्रधान ने आरोपियों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दे दी है।
ग्राम गंढाह के प्रधान रनवीर सिंह के मुताबिक उनके गांव में आयुर्वेद अस्पताल बनाने के लिए ग्राम पंचायत की जगह चिह्नित की गई है लेकिन इस पर गांव के चार लोगों का कब्जा है। जगह में उनकी झोपड़ियां पड़ी हुई थीं। इसकी सूचना राजस्व विभाग को दे दी गई थी। इस पर एसडीएम ने जगह को कब्जा मुक्त कराने का आदेश दिया था। प्रधान के मुताबिक एसडीएम के आदेश पर बृहस्पतिवार को लेखपाल हेमसिंह उनके गांव पहुंचे। उन्होंने कब्जेदारों से कब्जा हटाने को कहा लेकिन उन्होंने झोपड़ियों को हटाने के लिए एक दिन का समय मांग लिया। इससे लेखपाल गांव से चले गए।
रात कब्जेदारों ने उस जगह पर पक्का निर्माण शुरू कर दिया। इसकी सूचना पर ग्राम प्रधान रनवीर सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने निर्माण करने का विरोध किया तो आरोपी 50-60 लोग लाठी-डंडे लेकर आ गए। उन्होंने प्रधान पर हमला बोल दिया और फायरिंग कर दी। इससे ग्राम प्रधान ने गांव से भागकर जान बचाई। प्रधान ने उसी समय पुलिस को इसकी सूचना दे दी। इससे पुलिस भी रात में ही गांव पहुंच गई लेकिन तब तक आरोपी मौके से भाग गए। पुलिस ने जगह पर हो रहा अवैध निर्माण रुकवा दिया है। इस संबंध में प्रधान ने आरोपियों के खिलाफ तहरीर दे दी है लेकिन शुक्रवार रात तक मामला दर्ज नहीं हो सका। इधर दूसरे पक्ष का कहना है कि उन्होंने जगह पर कब्जा नहीं किया है। जिस जगह को आयुर्वेद अस्पताल के लिए चिह्नित किया गया है। वह जगह दूसरी है लेकिन प्रधान जबरन उनकी जगह को ग्राम पंचायत की जगह बता रहे हैं।
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रात गंढाह गांव में विवाद और सरकारी जगह पर कब्जा करने की सूचना मिली थी। इस पर कोतवाली पुलिस को मौके पर भेजा गया था लेकिन फायरिंग की बात सामने नहीं आई है। फिर भी मामले में कार्रवाई करा रहे हैं।
- प्रेम कुमार थापा, सीओ दातागंज
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ग्राम गंढाह के प्रधान रनवीर सिंह के मुताबिक उनके गांव में आयुर्वेद अस्पताल बनाने के लिए ग्राम पंचायत की जगह चिह्नित की गई है लेकिन इस पर गांव के चार लोगों का कब्जा है। जगह में उनकी झोपड़ियां पड़ी हुई थीं। इसकी सूचना राजस्व विभाग को दे दी गई थी। इस पर एसडीएम ने जगह को कब्जा मुक्त कराने का आदेश दिया था। प्रधान के मुताबिक एसडीएम के आदेश पर बृहस्पतिवार को लेखपाल हेमसिंह उनके गांव पहुंचे। उन्होंने कब्जेदारों से कब्जा हटाने को कहा लेकिन उन्होंने झोपड़ियों को हटाने के लिए एक दिन का समय मांग लिया। इससे लेखपाल गांव से चले गए।
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रात कब्जेदारों ने उस जगह पर पक्का निर्माण शुरू कर दिया। इसकी सूचना पर ग्राम प्रधान रनवीर सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने निर्माण करने का विरोध किया तो आरोपी 50-60 लोग लाठी-डंडे लेकर आ गए। उन्होंने प्रधान पर हमला बोल दिया और फायरिंग कर दी। इससे ग्राम प्रधान ने गांव से भागकर जान बचाई। प्रधान ने उसी समय पुलिस को इसकी सूचना दे दी। इससे पुलिस भी रात में ही गांव पहुंच गई लेकिन तब तक आरोपी मौके से भाग गए। पुलिस ने जगह पर हो रहा अवैध निर्माण रुकवा दिया है। इस संबंध में प्रधान ने आरोपियों के खिलाफ तहरीर दे दी है लेकिन शुक्रवार रात तक मामला दर्ज नहीं हो सका। इधर दूसरे पक्ष का कहना है कि उन्होंने जगह पर कब्जा नहीं किया है। जिस जगह को आयुर्वेद अस्पताल के लिए चिह्नित किया गया है। वह जगह दूसरी है लेकिन प्रधान जबरन उनकी जगह को ग्राम पंचायत की जगह बता रहे हैं।
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रात गंढाह गांव में विवाद और सरकारी जगह पर कब्जा करने की सूचना मिली थी। इस पर कोतवाली पुलिस को मौके पर भेजा गया था लेकिन फायरिंग की बात सामने नहीं आई है। फिर भी मामले में कार्रवाई करा रहे हैं।
- प्रेम कुमार थापा, सीओ दातागंज