फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   crime

गैर इरादतन हत्या में पूर्व जिला आबकारी अधिकारी को पांच साल की सजा

Fri, 03 Dec 2021 12:52 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 03 Dec 2021 12:52 AM IST
विज्ञापन
crime
बदायूं। करीब 29 साल पुराने अपने निजी खानसामा की गैर इरादतन हत्या के मामले में नामजद पूर्व जिला आबकारी अधिकारी को अपर सत्र न्यायाधीश दशम डॉ. मोहम्मद इलियास ने दोषी ठहराते हुए पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी डाला है। अर्थदंड में मृतक की पत्नी को बतौर क्षतिपूर्ति 20 हजार रुपये देने का आदेश कोर्ट ने दिया है।
विज्ञापन

थाना अलापुर के ककराला निवासी मुन्नी ने 21 अप्रैल 1993 को थाना सिविल लाइंस में रिपोर्ट तहरीर दी थी। इसके मुताबिक मुन्नी के पति शहजादे जिला आबकारी अधिकारी एसपी रातरा निवासी सेकंड बी 119 नेहरू नगर गाजियाबाद (उस वक्त रामनाथ कॉलोनी थाना सिविल लाइंस बदायूं निवासी) के घर खाना बनाने का काम करते थे। 16 अप्रैल 1993 की रात साढ़े नौ बजे एसपी रातरा ने शहजादे से प्रेस के कपड़े लाने को कहा। शहजादे कपड़े लेने गए तो रात अधिक होने की वजह से दुकान बंद हो गई। इससे आबकारी अधिकारी एसपी रातरा के कपड़े नहीं मिल पाए। शहजादे ने लौटकर हकीकत बताई तो एसपी रातरा आग बबूला हो गए। उन्होंने शहजादे पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। इलाज के दौरान शहजादे की 20 अप्रैल 1993 को बरेली में मृत्यु हो गई थी।
विज्ञापन

पुलिस ने 25 अप्रैल 1993 को आरोपी एसपी रातरा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने विवेचना के बाद जिला आबकारी अधिकारी एसपी रातरा के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। अपर सत्र न्यायाधीश डॉ. मोहम्मद इलियास ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी सुधीर कुमार मिश्रा और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुना। कोर्ट ने आरोपी एसपी रातरा को गैर इरादतन हत्या (पार्ट 2) के जुर्म में मुजरिम ठहराया। कोर्ट ने एसपी रातरा को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 40 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सात दिन पहले ही दोषी मानकर भेज दिया जेल
कोर्ट ने 25 नवंबर को ही रातरा को इस मामले में दोषी मान लिया था। साथ ही उसे जेल भेज दिया गया था। इस मामले में फैसला सुरक्षित कर लिया गया था, जो गुरुवार शाम सुनाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed