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गंभीर चोट पहुंचाने के जुर्म में सात साल की सजा, जुर्माना
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बदायूं। करीब 14 साल पुराने गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायधीश सारिका गोयल ने नामजद आरोपी को मुजरिम करार ठहराया है। कोर्ट ने दोष सिद्ध मुजरिम पर साढ़े 10 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
संभल के थाना रजपुरा के ग्राम न्योरा निवासी लखपत सिंह ने 22 नवंबर 2007 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक लखपत अपने निजी काम से धनारी गया था। उसके साथ गाड़ी में समरपाल, भोले और हरिभगवान भी गए थे। शाम पांच बजे जब वादी वापस आ रहा था तो रास्ते में दो बाइक सवारों ने उसकी गाड़ी को हाथ देकर रुकवाया। चालक भोले ने गाड़ी रोकी तभी ओमपाल, रामप्रकाश पुत्रगण मक्खन निवासी न्यौरा थाना रजपुरा और दूसरी बाइक पर पप्पू और चंद्रकेश अपने- अपने हाथों में नाजायज असलहे लिए हुए थे। ओमपाल ने अपने तमंचे की बट से मारपीट कर फायर किए और कहा हमारे मुकदमे में फैसला करवा दो नहीं तो इसका अंजाम बुरा होगा।
लखपत सिंह ने ओमपाल, रामप्रकाश, पप्पू और चंद्रकेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में ओमपाल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। त्वरित न्यायालय न्यायाधीश सारिका गोयल ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी ओमपाल कश्यप और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। कोर्ट ने आरोपी ओमपाल को मुजरिम ठहराते हुए सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने मुजरिम ओमपाल पर साढ़े दस हजार रुपए का अर्थदंड भी डाला है।
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संभल के थाना रजपुरा के ग्राम न्योरा निवासी लखपत सिंह ने 22 नवंबर 2007 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक लखपत अपने निजी काम से धनारी गया था। उसके साथ गाड़ी में समरपाल, भोले और हरिभगवान भी गए थे। शाम पांच बजे जब वादी वापस आ रहा था तो रास्ते में दो बाइक सवारों ने उसकी गाड़ी को हाथ देकर रुकवाया। चालक भोले ने गाड़ी रोकी तभी ओमपाल, रामप्रकाश पुत्रगण मक्खन निवासी न्यौरा थाना रजपुरा और दूसरी बाइक पर पप्पू और चंद्रकेश अपने- अपने हाथों में नाजायज असलहे लिए हुए थे। ओमपाल ने अपने तमंचे की बट से मारपीट कर फायर किए और कहा हमारे मुकदमे में फैसला करवा दो नहीं तो इसका अंजाम बुरा होगा।
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लखपत सिंह ने ओमपाल, रामप्रकाश, पप्पू और चंद्रकेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में ओमपाल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। त्वरित न्यायालय न्यायाधीश सारिका गोयल ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी ओमपाल कश्यप और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। कोर्ट ने आरोपी ओमपाल को मुजरिम ठहराते हुए सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने मुजरिम ओमपाल पर साढ़े दस हजार रुपए का अर्थदंड भी डाला है।
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