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बिना तिलक कराए भाई ससुराल गया तो बहन ने ट्रेन से कटकर दे दी जान
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बदायूं में शनिवार को रोते बिलखते गुड्डन के परिवार वाले। संवाद
- फोटो : BADAUN
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दबतोरी (बदायूं)। भैया दूज पर बड़े भाई ने तिलक नहीं कराया तो नाराज बहन ने ट्रेन से कटकर जान दे दी। वह बरेली से दिल्ली जा रही दादर एक्सप्रेस के सामने रेल ट्रैक पर हाथ ऊपर करके खड़ी हो गई। ट्रेन के लोको पायलट और गार्ड ने स्टेशन अधीक्षक को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने से पहले परिवार वाले शव ले गए और बिना पोस्टमार्टम के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
बिसौली कोतवाली के पपगांव निवासी दिनेश पाल का बड़ा बेटा गुड्डू दिल्ली में नौकरी करता है। गुड्डू की पत्नी गांव में घर पर ही रहती है। गुड्डू बृहस्पतिवार को दिल्ली से लौटा था। इसके बाद शुक्रवार को वह अपनी पत्नी के साथ बरेली के थाना आंवला के गांव चकरपुर स्थित अपनी ससुराल चला गया। शनिवार को भैयादूज को लेकर गुड्डू की 19 वर्षीय बहन गुड़िया उर्फ गुड्डन ने भाई से जल्द वापस आने को कहा था, लेकिन कुछ अनबन के कारण शनिवार को नहीं लौटा। गुड्डन अपने भाई का तिलक के लिए इंतजार करती रही। बेटी का मन भांपकर दिनेश खुद भी चकरपुर गए और अपने बेटे से जल्द घर आने को कहा, लेकिन इसके बाद भी वह नहीं लौटा।
दोपहर करीब 12 बजे के बाद दिनेश अपनी पत्नी तारावती और बेटी गुड्डन के साथ खेत पर चले गए। दोपहर करीब 12:50 बजे गुड्डन अचानक खेत से रेल ट्रैक पर आई। इसी दौरान यहां से दादर एक्सप्रेस गुजर रही थी। गुड्डन रेल ट्रैक पर दोनों हाथ ऊपर करके खड़ी हो गई। कुछ ही सेकेंड में गुड्डन की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। सूचना पर दबतोरी चौकी इंचार्ज अवधेश मिश्रा मौके पर पहुंचे। उससे पहले परिवारवाले शव अपने साथ ले जा चुके थे। बिना पोस्टमार्टम के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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पिता समझ गए थे, पर भाई ने नजरअंदाज कर दी बहन की नाराजगी
दबतोरी (बदायूं)। बहन की खुदकुशी की खबर मिलने के बाद गुड्डू अपनी ससुराल से घर तो आ गया। लेकिन बहुत देर कर दी। बहन और उसके बीच जो नाराजगी चल रही थी। उसकी गंभीरता को पिता दिनेश ने भांप लिया था। इसीलिए वह उसे बुलाने भी गए। पर वह वक्त पर नहीं आया और बहन को सदा के लिए खो दिया।
गुड्डू जब लौटा तो नाराज परिवार वालों ने पहले तो उसे घर में ही घुसने नहीं दिया। बाद में पिता ने उनका काफी सामान भी निकालकर घर से बाहर फेंक दिया। हालांकि, पड़ोसियों और नाते-रिश्तेदारों के समझाने पर परिवार के लोग शांत हो गए।
दरअसल, बेटी गुड्डन के रोष को समझते हुए दिनेश शनिवार को अपने बेटे गुड्डू की ससुराल भी गए थे। ससुरालियों को भी बताया कि भैया दूज का तिलक करने के लिए गुड्डू का उसकी बहन इंतजार कर रही है। इसके बाद भी गुड्डू घर नहीं लौटा। बाद में बहन के खुदकुशी करने से परिवार के लोग गुड्डू से काफी नाराज थे। छोटी बहन शोभा और भाई उमेश ने भी घर पहुंचने पर गुड्डू का विरोध किया। गुड्डन के शव को परिवार के लोगों ने गुड्डू को हाथ नहीं लगाने दिया।
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दादर एक्सप्रेस से कटकर एक युवती ने खुदकुशी की है। प्रथम दृष्टया जांच में पता लगा है कि परिवार में भाई से किसी तरह का विवाद था। परिवारवालों ने पोस्टमार्टम नहीं कराया है।
- विनय चौहान, सीओ बिसौली
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बिसौली कोतवाली के पपगांव निवासी दिनेश पाल का बड़ा बेटा गुड्डू दिल्ली में नौकरी करता है। गुड्डू की पत्नी गांव में घर पर ही रहती है। गुड्डू बृहस्पतिवार को दिल्ली से लौटा था। इसके बाद शुक्रवार को वह अपनी पत्नी के साथ बरेली के थाना आंवला के गांव चकरपुर स्थित अपनी ससुराल चला गया। शनिवार को भैयादूज को लेकर गुड्डू की 19 वर्षीय बहन गुड़िया उर्फ गुड्डन ने भाई से जल्द वापस आने को कहा था, लेकिन कुछ अनबन के कारण शनिवार को नहीं लौटा। गुड्डन अपने भाई का तिलक के लिए इंतजार करती रही। बेटी का मन भांपकर दिनेश खुद भी चकरपुर गए और अपने बेटे से जल्द घर आने को कहा, लेकिन इसके बाद भी वह नहीं लौटा।
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दोपहर करीब 12 बजे के बाद दिनेश अपनी पत्नी तारावती और बेटी गुड्डन के साथ खेत पर चले गए। दोपहर करीब 12:50 बजे गुड्डन अचानक खेत से रेल ट्रैक पर आई। इसी दौरान यहां से दादर एक्सप्रेस गुजर रही थी। गुड्डन रेल ट्रैक पर दोनों हाथ ऊपर करके खड़ी हो गई। कुछ ही सेकेंड में गुड्डन की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। सूचना पर दबतोरी चौकी इंचार्ज अवधेश मिश्रा मौके पर पहुंचे। उससे पहले परिवारवाले शव अपने साथ ले जा चुके थे। बिना पोस्टमार्टम के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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पिता समझ गए थे, पर भाई ने नजरअंदाज कर दी बहन की नाराजगी
दबतोरी (बदायूं)। बहन की खुदकुशी की खबर मिलने के बाद गुड्डू अपनी ससुराल से घर तो आ गया। लेकिन बहुत देर कर दी। बहन और उसके बीच जो नाराजगी चल रही थी। उसकी गंभीरता को पिता दिनेश ने भांप लिया था। इसीलिए वह उसे बुलाने भी गए। पर वह वक्त पर नहीं आया और बहन को सदा के लिए खो दिया।
गुड्डू जब लौटा तो नाराज परिवार वालों ने पहले तो उसे घर में ही घुसने नहीं दिया। बाद में पिता ने उनका काफी सामान भी निकालकर घर से बाहर फेंक दिया। हालांकि, पड़ोसियों और नाते-रिश्तेदारों के समझाने पर परिवार के लोग शांत हो गए।
दरअसल, बेटी गुड्डन के रोष को समझते हुए दिनेश शनिवार को अपने बेटे गुड्डू की ससुराल भी गए थे। ससुरालियों को भी बताया कि भैया दूज का तिलक करने के लिए गुड्डू का उसकी बहन इंतजार कर रही है। इसके बाद भी गुड्डू घर नहीं लौटा। बाद में बहन के खुदकुशी करने से परिवार के लोग गुड्डू से काफी नाराज थे। छोटी बहन शोभा और भाई उमेश ने भी घर पहुंचने पर गुड्डू का विरोध किया। गुड्डन के शव को परिवार के लोगों ने गुड्डू को हाथ नहीं लगाने दिया।
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दादर एक्सप्रेस से कटकर एक युवती ने खुदकुशी की है। प्रथम दृष्टया जांच में पता लगा है कि परिवार में भाई से किसी तरह का विवाद था। परिवारवालों ने पोस्टमार्टम नहीं कराया है।
- विनय चौहान, सीओ बिसौली