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विकास भवन में दो भाइयों ने की आत्मदाह की कोशिश
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बदायूं। विकास भवन में बुधवार दोपहर करीब एक बजे दो सगे भाइयों ने आत्मदाह करने की कोशिश की। इनमें एक ने अपने कपड़ों पर पेट्रोल उलटकर आग लगा ली, जो झुलस गया। जबकि दूसरे को मौके पर मौजूद होमगार्डों ने पेट्रोल डालने से रोक लिया। दोनों किसान सेवा सहकारी समिति के निलंबित सचिव के बेटे हैं। बाद में पता चला कि सहकारी समिति के पूर्व सचिव समेत पूरा परिवार आत्मदाह करने विकास भवन पहुंचा था। निलंबित सचिव ने एडीओ समेत कई अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप है।
बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव वाकरपुर निवासी राजेंद्रपाल शर्मा इस्लामनगर के सिठौली किसान सेवा सहकारी समिति के सचिव रहे, जो निलंबित चल रहे हैं। राजेंद्र पाल के मुताबिक वर्ष 2020 में उन्हें गेहूं खरीद के दो केंद्रों का प्रभारी नियुक्त किया गया था। उन्होंने दोनों केंद्रों पर 7200 क्विंटल गेहूं खरीद की थी। इसमें उन्होंने परिवहन भाड़ा, मजदूरों की पल्लेदारी, मंडी आदि का खर्च का करीब छह लाख रुपये स्वयं भुगतान किया था। आरोप है कि खर्चे का भुगतान देने के बजाय उल्टे उन पर गबन का आरोप लगाकर उन्हें निलंबित कर दिया गया। उनके बैंक खाते सीज कर दिए गए। इसको लेकर वह पिछले करीब एक साल से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही थी। 20 जुलाई को उन्होंने ऑनलाइन शिकायत कर इंसाफ मांगा था। साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि उनके साथ न्याय नहीं हुआ यानी भुगतान नहीं मिला तो वह गलत कदम उठा लेंगे।
राजेंद्र पाल शर्मा बुधवार दोपहर एक बजे पत्नी गुड्डो देवी, बेटा विपिन कुमार शर्मा (30) और मनोज कुमार के साथ विकास भवन पहुंचे। विपिन ने विकास भवन परिसर में खड़ी सीडीओ की कार के आगे खड़े होकर बोतल में भरा पेट्रोल अपने ऊपर उलट लिया। उसे पेट्रोल उलटते देख वहां मौजूद होमगार्ड च अन्य लोग रोकने को दौड़े, लेकिन तब तक विपिन ने माचिस जलाकर अपने कपड़ों में आग लगा ली। होमगार्डों ने बमुश्किल उसके कपड़े फाड़कर फेंके। हालांकि तब तक विपिन करीब 25 प्रतिशत झुलस चुका था। विपिन को बचाने में राजेंद्रपाल के हाथ भी झुलस गए।
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इस बीच वहां मौजूद राजेंद्रपाल के दूसरे बेटे मनोज ने बोतल से पेट्रोल अपने ऊपर उलट लिया। हालांकि वह आग लगा पाता इससे पहले मौके पर लोगों ने मनोज को पकड़ लिया। इस बीच सूचना मिलने पर पहुंची सिलि लाइंस पुलिस विपिन को जिला अस्पताल ले गई। वहां से उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। पुलिस की दूसरी टीम राजेंद्रपाल, उनकी पत्नी और दूसरे बेटे मनोज को सिविल लाइंस थाने ले गई। जहां उनसे घटना के बारे में पूछताछ की गई।
विकास भवन में आत्मदाह के मामले में जांच कराई जा रही है। बदायूं में एआर कोऑपरेटिव का पद खाली है। बरेली से एआर कोऑपरेटिव जांच को आ रहे हैं। जिसका दोष होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - दीपा रंजन, डीएम
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बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव वाकरपुर निवासी राजेंद्रपाल शर्मा इस्लामनगर के सिठौली किसान सेवा सहकारी समिति के सचिव रहे, जो निलंबित चल रहे हैं। राजेंद्र पाल के मुताबिक वर्ष 2020 में उन्हें गेहूं खरीद के दो केंद्रों का प्रभारी नियुक्त किया गया था। उन्होंने दोनों केंद्रों पर 7200 क्विंटल गेहूं खरीद की थी। इसमें उन्होंने परिवहन भाड़ा, मजदूरों की पल्लेदारी, मंडी आदि का खर्च का करीब छह लाख रुपये स्वयं भुगतान किया था। आरोप है कि खर्चे का भुगतान देने के बजाय उल्टे उन पर गबन का आरोप लगाकर उन्हें निलंबित कर दिया गया। उनके बैंक खाते सीज कर दिए गए। इसको लेकर वह पिछले करीब एक साल से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही थी। 20 जुलाई को उन्होंने ऑनलाइन शिकायत कर इंसाफ मांगा था। साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि उनके साथ न्याय नहीं हुआ यानी भुगतान नहीं मिला तो वह गलत कदम उठा लेंगे।
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राजेंद्र पाल शर्मा बुधवार दोपहर एक बजे पत्नी गुड्डो देवी, बेटा विपिन कुमार शर्मा (30) और मनोज कुमार के साथ विकास भवन पहुंचे। विपिन ने विकास भवन परिसर में खड़ी सीडीओ की कार के आगे खड़े होकर बोतल में भरा पेट्रोल अपने ऊपर उलट लिया। उसे पेट्रोल उलटते देख वहां मौजूद होमगार्ड च अन्य लोग रोकने को दौड़े, लेकिन तब तक विपिन ने माचिस जलाकर अपने कपड़ों में आग लगा ली। होमगार्डों ने बमुश्किल उसके कपड़े फाड़कर फेंके। हालांकि तब तक विपिन करीब 25 प्रतिशत झुलस चुका था। विपिन को बचाने में राजेंद्रपाल के हाथ भी झुलस गए।
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इस बीच वहां मौजूद राजेंद्रपाल के दूसरे बेटे मनोज ने बोतल से पेट्रोल अपने ऊपर उलट लिया। हालांकि वह आग लगा पाता इससे पहले मौके पर लोगों ने मनोज को पकड़ लिया। इस बीच सूचना मिलने पर पहुंची सिलि लाइंस पुलिस विपिन को जिला अस्पताल ले गई। वहां से उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। पुलिस की दूसरी टीम राजेंद्रपाल, उनकी पत्नी और दूसरे बेटे मनोज को सिविल लाइंस थाने ले गई। जहां उनसे घटना के बारे में पूछताछ की गई।
विकास भवन में आत्मदाह के मामले में जांच कराई जा रही है। बदायूं में एआर कोऑपरेटिव का पद खाली है। बरेली से एआर कोऑपरेटिव जांच को आ रहे हैं। जिसका दोष होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - दीपा रंजन, डीएम