{"_id":"60676c368ebc3edbfe58ee85","slug":"crime-badaun-news-bly4426673128","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनावी बिचुनावी बिगुल बजते ही तिगुलापुर में बंटने लगी थी शराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनावी बिचुनावी बिगुल बजते ही तिगुलापुर में बंटने लगी थी शराब
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मूसाझाग (बदायूं)। प्रदेश में पंचायत चुनाव का बिगुल बजते ही जिला और पुलिस प्रशासन पंचायत चुनाव की तैयारियों में लगा है। लगातार गांव-गांव जाकर लोगों से शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न कराने के लिए संपर्क किया जा रहा है, तो वहीं प्रधान पद के दावेदार वोटरों को रिझाने के साथ साथ शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने में लग गए हैं। ऐसा ही कुछ ग्राम तिगुलापुर में कई दिन से किया जा रहा था। गांव में घर-घर जाकर शराब, मछली और मुर्गा बांटा जा रहा था। इससे वोटर भी खुलकर फायदा उठा रहे थे।
ग्राम तिगुलापुर में प्रधान पद के दो दावेदार थे। इनमें एक दावेदार रामस्वरूप पूर्व प्रधान है। वह वर्ष 2010 से लेकर 2015 तक ग्राम तिगुलापुर का प्रधान रहा, जबकि दूसरा दावेदार सत्यभान था। वह पहली बार चुनाव लड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक दोनों दावेदार समान रूप से चुनाव लड़ रहे थे और बराबरी का खर्चा भी कर रहे थे। दावेदार सत्यभान का भाई ब्रजभान और रामकिशोर लोगों को घर-घर जाकर शराब, मछली और मुर्गा पहुंचा रहे थे, जबकि पूर्व प्रधान रामस्वरूप ने इसके लिए करीब 10 लोगों को लगाया था। उन्हें जिम्मेदारी की दी गई थी कि वे शराब के शौकीनों को शराब पिलाएं और मुर्गा खिलाएं। प्रेमदास के एक रिश्तेदार के मुताबिक शराब पीने से मरे कुछ लोगों को भी जिम्मेदारी मिली थी। बृहस्पतिवार शाम कई लोगों को दावत उड़ाई थी। खूब शराब पी गई। जिला प्रशासन के मुताबिक इसमें ज्यादा शराब पीने से संजय मौर्य और प्रेमदास की मौत हो गई। जबकि अमर सिंह की आंखों की रोशनी चली गई। हालांकि जानकार शराब के मिलावटी होने की आशंका जता रहे हैं, जिन लोगों ने ज्यादा शराब पी ली उनकी, मौत हो गई।
सराय पिपरिया से थोक में आई थी शराब
ग्रामीणों के मुताबिक बृहस्पतिवार शाम बांटी गई शराब नजदीकी गांव सराय पिपरिया से थोक में आई थी। यहां के एक व्यक्ति का नाम उभरकर सामने आ रहा है लेकिन पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। बताया जा रहा है कि ये व्यक्ति तकरीबन साल भर पहले भी पकड़ा गया था। उसके यहां से भारी मात्रा में शराब बरामद हुई थी। पंचायत चुनाव और होली के त्योहार पर उसका धंधा खूब चमक गया था। इसमें पुलिस को भी हिस्सा मिल रहा था। इससे पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की है।
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लक्षण देखकर परिजन बोले-शराब से मरे मुन्नालाल
पंचायत चुनाव में बांटी जा रही शराब तिगुलापुर के मुन्नालाल ने भी पी थी। बृहस्पतिवार सुबह अचानक उनकी हालत बिगड़ गई। परिवार वाले समझ रहे थे कि उनकी हालत शराब पीने से बिगड़ी है। वह इलाज कराने के लिए मुन्नालाल को बरेली ले जा रहे थे कि रास्ते में उनकी मौत हो गई। परिवार वाले उनका शव वापस ले आए और उनका अंतिम संस्कार कर दिया। जब बृहस्पतिवार रात संजय, प्रेमदास और अमर की सिंह की हालत बिगड़ी। संजय और प्रेमदास की मौत हुई। तब परिवार वालों को यकीन हुआ कि मुन्नालाल की मौत भी शराब पीने से हुई थी। हालांकि जिला और पुलिस प्रशासन मुन्नालाल की मौत को शराब पीने से नहीं मान रहा है।
पिता बोले-बीएससी पास था संजय, गलत संगत ने बिगाड़ा
शराब पीने से मरे संजय मौर्य बीएससी पास थे। उनके पिता गंगा सिंह के मुताबिक संजय दो भाइयों में बड़े थे। वह स्वयं बीएससी पास हैं। इससे उन्होंने संजय और उनके छोटे भाई अनूप को भी बीएससी कराई। उन्होंने बेटियों को भी पढ़ाया लिखाया लेकिन संजय गलत संगत में पड़ गए थे और शराब पीने लगे। संजय के दो बेटियां वैशाली (6) और अर्चना (3) हैं। पत्नी गुड्डी है। संजय की मौत से परिवार बेहद दुखी है।
अमर सिंह ने खोली पोल, हरकत में आया प्रशासन
बताते हैं कि संजय मौर्य और अमर सिंह को एक साथ जिला अस्पताल लाया गया था। जब अमर सिंह को पता चला कि संजय की मौत हो गई है, तो वह दुखी हो गए। उन्होंने सबको शराब पीने की बात बताई। एडीएम प्रशासन ऋतु पूनिया ने जिला अस्पताल पहुंच कर उनके बयान भी दर्ज किए थे, जिसमें उन्होंने सारी सच्चाई बताई। ये भी कहा कि कौन-कौन शराब पिला रहा था।
गांव में अकेले रहते थे प्रेमदास
शराब पीने से मरे प्रेमदास छह भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके तीन भाइयों की मौत हो चुकी है। प्रेमदास का एक बेटा नरेंद्र है। उसकी शादी हो चुकी है। वह अपनी पत्नी के साथ बुआ के घर रहता है। नरेंद्र की मां की मौत हो चुकी है। प्रेमदास ने दूसरी शादी भी की थी। उसके साथ प्रेमदास अकेले गांव में रहते थे। चुनाव माहौल में उनका समय अच्छा कट रहा था।
मूसाझाग थाना क्षेत्र के ग्राम तिगुलापुर में दो लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है। उनके परिवार वाले शराब पीने से मौत बता रहे हैं। उनके शव पोस्टमार्टम को भेजे गए हैं। इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले जांच कराई जा रही है। इसमें जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसके अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।
संकल्प शर्मा, एसएसपी
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ग्राम तिगुलापुर में प्रधान पद के दो दावेदार थे। इनमें एक दावेदार रामस्वरूप पूर्व प्रधान है। वह वर्ष 2010 से लेकर 2015 तक ग्राम तिगुलापुर का प्रधान रहा, जबकि दूसरा दावेदार सत्यभान था। वह पहली बार चुनाव लड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक दोनों दावेदार समान रूप से चुनाव लड़ रहे थे और बराबरी का खर्चा भी कर रहे थे। दावेदार सत्यभान का भाई ब्रजभान और रामकिशोर लोगों को घर-घर जाकर शराब, मछली और मुर्गा पहुंचा रहे थे, जबकि पूर्व प्रधान रामस्वरूप ने इसके लिए करीब 10 लोगों को लगाया था। उन्हें जिम्मेदारी की दी गई थी कि वे शराब के शौकीनों को शराब पिलाएं और मुर्गा खिलाएं। प्रेमदास के एक रिश्तेदार के मुताबिक शराब पीने से मरे कुछ लोगों को भी जिम्मेदारी मिली थी। बृहस्पतिवार शाम कई लोगों को दावत उड़ाई थी। खूब शराब पी गई। जिला प्रशासन के मुताबिक इसमें ज्यादा शराब पीने से संजय मौर्य और प्रेमदास की मौत हो गई। जबकि अमर सिंह की आंखों की रोशनी चली गई। हालांकि जानकार शराब के मिलावटी होने की आशंका जता रहे हैं, जिन लोगों ने ज्यादा शराब पी ली उनकी, मौत हो गई।
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सराय पिपरिया से थोक में आई थी शराब
ग्रामीणों के मुताबिक बृहस्पतिवार शाम बांटी गई शराब नजदीकी गांव सराय पिपरिया से थोक में आई थी। यहां के एक व्यक्ति का नाम उभरकर सामने आ रहा है लेकिन पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। बताया जा रहा है कि ये व्यक्ति तकरीबन साल भर पहले भी पकड़ा गया था। उसके यहां से भारी मात्रा में शराब बरामद हुई थी। पंचायत चुनाव और होली के त्योहार पर उसका धंधा खूब चमक गया था। इसमें पुलिस को भी हिस्सा मिल रहा था। इससे पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की है।
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लक्षण देखकर परिजन बोले-शराब से मरे मुन्नालाल
पंचायत चुनाव में बांटी जा रही शराब तिगुलापुर के मुन्नालाल ने भी पी थी। बृहस्पतिवार सुबह अचानक उनकी हालत बिगड़ गई। परिवार वाले समझ रहे थे कि उनकी हालत शराब पीने से बिगड़ी है। वह इलाज कराने के लिए मुन्नालाल को बरेली ले जा रहे थे कि रास्ते में उनकी मौत हो गई। परिवार वाले उनका शव वापस ले आए और उनका अंतिम संस्कार कर दिया। जब बृहस्पतिवार रात संजय, प्रेमदास और अमर की सिंह की हालत बिगड़ी। संजय और प्रेमदास की मौत हुई। तब परिवार वालों को यकीन हुआ कि मुन्नालाल की मौत भी शराब पीने से हुई थी। हालांकि जिला और पुलिस प्रशासन मुन्नालाल की मौत को शराब पीने से नहीं मान रहा है।
पिता बोले-बीएससी पास था संजय, गलत संगत ने बिगाड़ा
शराब पीने से मरे संजय मौर्य बीएससी पास थे। उनके पिता गंगा सिंह के मुताबिक संजय दो भाइयों में बड़े थे। वह स्वयं बीएससी पास हैं। इससे उन्होंने संजय और उनके छोटे भाई अनूप को भी बीएससी कराई। उन्होंने बेटियों को भी पढ़ाया लिखाया लेकिन संजय गलत संगत में पड़ गए थे और शराब पीने लगे। संजय के दो बेटियां वैशाली (6) और अर्चना (3) हैं। पत्नी गुड्डी है। संजय की मौत से परिवार बेहद दुखी है।
अमर सिंह ने खोली पोल, हरकत में आया प्रशासन
बताते हैं कि संजय मौर्य और अमर सिंह को एक साथ जिला अस्पताल लाया गया था। जब अमर सिंह को पता चला कि संजय की मौत हो गई है, तो वह दुखी हो गए। उन्होंने सबको शराब पीने की बात बताई। एडीएम प्रशासन ऋतु पूनिया ने जिला अस्पताल पहुंच कर उनके बयान भी दर्ज किए थे, जिसमें उन्होंने सारी सच्चाई बताई। ये भी कहा कि कौन-कौन शराब पिला रहा था।
गांव में अकेले रहते थे प्रेमदास
शराब पीने से मरे प्रेमदास छह भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके तीन भाइयों की मौत हो चुकी है। प्रेमदास का एक बेटा नरेंद्र है। उसकी शादी हो चुकी है। वह अपनी पत्नी के साथ बुआ के घर रहता है। नरेंद्र की मां की मौत हो चुकी है। प्रेमदास ने दूसरी शादी भी की थी। उसके साथ प्रेमदास अकेले गांव में रहते थे। चुनाव माहौल में उनका समय अच्छा कट रहा था।
मूसाझाग थाना क्षेत्र के ग्राम तिगुलापुर में दो लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है। उनके परिवार वाले शराब पीने से मौत बता रहे हैं। उनके शव पोस्टमार्टम को भेजे गए हैं। इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले जांच कराई जा रही है। इसमें जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसके अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।
संकल्प शर्मा, एसएसपी