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‘गुंडा टैक्स’ वसूली पर चालक की पिटाई से गुस्साए लोगों ने लगाया जाम
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उझानी (बदायूं)। पार्किंग शुल्क के नाम पर वाहन चालकों से वसूली किए जाने का विरोध करने पर ठेकेदार के कारिंदे बृहस्पतिवार को गुंडई पर उतर आए। उन्होंने कासगंज से बरेली को निकले पिकअप वाहन को घेरकर उसके चालक को दबोच लिया। पिकअप से खींचने के बाद उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। पिटाई से घायल चालक के पक्ष में जुटे लोगों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। जाम हालांकि करीब आधा घंटा तक ही लग पाया लेकिन पुलिस के पहुंचते ही चालक ने पूरे घटनाक्रम से अवगत करा दिया। पुलिस ने वसूली करने वाले युवकों को खदेड़ दिया। पुलिस ने घायल चालक का मेडिकल कराने के साथ ही आरोपियों में महज एक युवक के खिलाफ एनसीआर दर्ज कर ली है।
बरेली के संजयनगर निवासी पिकअप चालक सत्यपाल ने अपनी पिकअप में कासगंज से घी के खाली पीपे बरेली के लिए लोड किए थे। अनलोडिंग चूंकि यहां नहीं होनी थी, सो वह बाईपास पर नहीं रुका। यह देख ठेकेदार के कारिंदों ने पिकअप के पीछे बाइकें दौड़ाकर उसे घेर लिया। चालक सत्यपाल को पिकअप से खींचने के बाद उसकी सड़क पर ही जमकर पिटाई की। सत्यपाल की मानें तो इन युवकों की संख्या पांच-छह थी, जिसमें उसने हंसराज को पहचान लिया। कुछ ही देर में संजय के पक्ष में कई और वाहन चालक आ गए, जिन्होंने बाईपास पर जाम लगा दिया।
इसकी भनक लगते ही पुलिस वहां पहुंच गई। उन्होंने वाहन चालकों को समझा बुझाकर जाम तो खुलवा दिया लेकिन इससे करीब आधा घंटा तक लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने वसूली करने वाले युवकों को वहां से खदेड़ दिया। कोतवाल विनोद कुमार चाहर ने बताया कि सत्यपाल की तहरीर के आधार पर हंसराज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। बता दें कि तीन दिन पहले भी ठेकेदार के गुर्गों ने एक और वाहन चालक के साथ मारपीट की थी लेकिन आरोपी पक्ष के पैरोकारों ने हस्तक्षेप कर मामला पालिका से आगे तक नहीं पहुंचने दिया था।
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...तो फिर ‘पूर्ववर्तियों’ से अंतर महसूस करना मुश्किल
उझानी। पार्किंग शुल्क वसूली कोई दो-चार साल से नहीं बल्कि दशकों से होती रही है। छह-सात साल से वसूली का तौर-तरीका भी बदला है। पार्किंग शुल्क का रेट जो भी तय होता हो लेकिन वसूली में जोर जबर्दस्ती सामने आती रही है। पूर्ववर्ती सरकारों में भी ऐसा देखने को मिलता रहा लेकिन पिछले साल उम्मीद बंधी थी कि सबकुछ ठीक रहेगा। धीरे-धीरे एक के बाद मामले सामने आने से लोगों के लिए पूर्ववर्तियों और मौजूदा माहौल में अंतर महसूस करना मुश्किल होता जा रहा है।
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बरेली के संजयनगर निवासी पिकअप चालक सत्यपाल ने अपनी पिकअप में कासगंज से घी के खाली पीपे बरेली के लिए लोड किए थे। अनलोडिंग चूंकि यहां नहीं होनी थी, सो वह बाईपास पर नहीं रुका। यह देख ठेकेदार के कारिंदों ने पिकअप के पीछे बाइकें दौड़ाकर उसे घेर लिया। चालक सत्यपाल को पिकअप से खींचने के बाद उसकी सड़क पर ही जमकर पिटाई की। सत्यपाल की मानें तो इन युवकों की संख्या पांच-छह थी, जिसमें उसने हंसराज को पहचान लिया। कुछ ही देर में संजय के पक्ष में कई और वाहन चालक आ गए, जिन्होंने बाईपास पर जाम लगा दिया।
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इसकी भनक लगते ही पुलिस वहां पहुंच गई। उन्होंने वाहन चालकों को समझा बुझाकर जाम तो खुलवा दिया लेकिन इससे करीब आधा घंटा तक लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने वसूली करने वाले युवकों को वहां से खदेड़ दिया। कोतवाल विनोद कुमार चाहर ने बताया कि सत्यपाल की तहरीर के आधार पर हंसराज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। बता दें कि तीन दिन पहले भी ठेकेदार के गुर्गों ने एक और वाहन चालक के साथ मारपीट की थी लेकिन आरोपी पक्ष के पैरोकारों ने हस्तक्षेप कर मामला पालिका से आगे तक नहीं पहुंचने दिया था।
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उझानी। पार्किंग शुल्क वसूली कोई दो-चार साल से नहीं बल्कि दशकों से होती रही है। छह-सात साल से वसूली का तौर-तरीका भी बदला है। पार्किंग शुल्क का रेट जो भी तय होता हो लेकिन वसूली में जोर जबर्दस्ती सामने आती रही है। पूर्ववर्ती सरकारों में भी ऐसा देखने को मिलता रहा लेकिन पिछले साल उम्मीद बंधी थी कि सबकुछ ठीक रहेगा। धीरे-धीरे एक के बाद मामले सामने आने से लोगों के लिए पूर्ववर्तियों और मौजूदा माहौल में अंतर महसूस करना मुश्किल होता जा रहा है।