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Budaun News: ढालू एनकाउंटर में कोर्ट ने पुलिस को दी क्लीनचिट
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बदायूं। इस्लामनगर डकैती कांड में वांछित 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश जितेंद्र उर्फ ढालू की सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में एक जुलाई की रात पुलिस मुठभेड़ में मौत होने के मामले में पुलिस को न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। जांच के बाद दाखिल की गई अंतिम रिपोर्ट (एफआर) को अदालत ने स्वीकार कर पुलिस को क्लीनचिट दे दी है।
इस्लामनगर थाना क्षेत्र के सुंदरनगर गांव में मई में हुई डकैती के मामले में जितेंद्र उर्फ ढालू को घटना का सरगना बताया गया था। उसके खिलाफ कई जिलों में आपराधिक मामले दर्ज होने की बात पुलिस ने कही थी। उस पर पहले बदायूं एसएसपी अंकिता शर्मा की ओर से 25 हजार रुपये और डीआईजी की ओर से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
एक जुलाई की रात सिविल लाइंस क्षेत्र में बिल्सी रोड पर प्रस्तावित नई जेल के पास पुलिस टीम वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बाइक सवार जितेंद्र को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, उसने टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से वह घायल हो गया था। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
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डकैत से मुठभेड़ के दौरान शेखूपुर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक नीरज कुमार और सिपाही अविनाश चौधरी भी गोली लगने से घायल हुए थे। पुलिस को बदमाश के पास से सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल और कारतूस बरामद हुए थे। घटना के बाद एनकाउंटर की मजिस्ट्रियल जांच भी कराई गई थी। जिलाधिकारी के आदेश पर एसडीएम सदर को जांच अधिकारी बनाया गया था और लोगों से घटना से संबंधित बयान, फोटो, वीडियो व अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराए थे।
विवेचना के बाद पुलिस ने अदालत में अंतिम रिपोर्ट दाखिल की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इधर, एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि ढालू एनकाउंटर के प्रकरण में विवेचना के बाद एफआर लगाई गई, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। एफआर को कोर्ट से स्वीकृति मिलने पर पुलिस को क्लीनचिट मिल गई।
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इस्लामनगर थाना क्षेत्र के सुंदरनगर गांव में मई में हुई डकैती के मामले में जितेंद्र उर्फ ढालू को घटना का सरगना बताया गया था। उसके खिलाफ कई जिलों में आपराधिक मामले दर्ज होने की बात पुलिस ने कही थी। उस पर पहले बदायूं एसएसपी अंकिता शर्मा की ओर से 25 हजार रुपये और डीआईजी की ओर से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
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एक जुलाई की रात सिविल लाइंस क्षेत्र में बिल्सी रोड पर प्रस्तावित नई जेल के पास पुलिस टीम वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बाइक सवार जितेंद्र को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, उसने टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से वह घायल हो गया था। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
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डकैत से मुठभेड़ के दौरान शेखूपुर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक नीरज कुमार और सिपाही अविनाश चौधरी भी गोली लगने से घायल हुए थे। पुलिस को बदमाश के पास से सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल और कारतूस बरामद हुए थे। घटना के बाद एनकाउंटर की मजिस्ट्रियल जांच भी कराई गई थी। जिलाधिकारी के आदेश पर एसडीएम सदर को जांच अधिकारी बनाया गया था और लोगों से घटना से संबंधित बयान, फोटो, वीडियो व अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराए थे।
विवेचना के बाद पुलिस ने अदालत में अंतिम रिपोर्ट दाखिल की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इधर, एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि ढालू एनकाउंटर के प्रकरण में विवेचना के बाद एफआर लगाई गई, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। एफआर को कोर्ट से स्वीकृति मिलने पर पुलिस को क्लीनचिट मिल गई।