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गैंगस्टर एक्ट में श्रीकृष्ण मुखिया समेत तीन आरोपियों को पांच-पांच साल की सजा
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बदायूं। कल्लू नज्जू के जमाने में अपहरण व रंगदारी की वारदात में कई नए गैंग भी उभरे थे। इनमें से एक श्रीकृष्ण मुखिया व उसके दो साथियों को गैंगस्टर एक्ट में दोषी मानकर पांच-पांच साल कैद की सजा सुनाई गई है।
14 साल पुराने गैंगस्टर एक्ट के मामले में स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट उदयभान सिंह ने तीन नामजद आरोपियों को दोषी ठहराया है। सजा के साथ सभी पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। थाना उसहैत के तत्कालीन एसओ राजेंद्र प्रसाद ने 19 जनवरी 2008 को थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक श्रीकृष्ण उर्फ मुखिया निवासी साबिसपुर थाना उसहैत का एक संगठित गिरोह है। श्रीकृष्ण उर्फ मुखिया गैंग लीडर है। उसके गैंग में उसी के गांव का जयवीर यादव और मुगर्रा महानगर थाना उसहैत निवासी संतोष पुत्र शेर सिंह है। इस गैंग का आसपास के गांव में आतंक है। इस गैंग का मुख्य कार्य लोगों की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करना है। इस गैंग ने राम स्वरूप सिंह और कुमारी गीता का अपहरण करके हत्या कर दी। इस गैंग के डर से कोई भी व्यक्ति इनके खिलाफ गवाही देने को तैयार नहीं होता। गैंग का मुख्य धंधा अपहरण, हत्या, हत्या का प्रयास, लूट और अवैध कब्जा करना है। पुलिस ने श्री कृष्ण उर्फ मुखिया जयवीर और संतोष के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
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स्पेशल जज उदयभान सिंह ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक दिलीप गुप्ता, सुभाष चंद शर्मा और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। कोर्ट ने नामजद श्रीकृष्ण उर्फ मुखिया, जयवीर और संतोष को दोषी ठहराते हुए पांच-पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने तीनों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। संवाद
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14 साल पुराने गैंगस्टर एक्ट के मामले में स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट उदयभान सिंह ने तीन नामजद आरोपियों को दोषी ठहराया है। सजा के साथ सभी पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। थाना उसहैत के तत्कालीन एसओ राजेंद्र प्रसाद ने 19 जनवरी 2008 को थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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रिपोर्ट के मुताबिक श्रीकृष्ण उर्फ मुखिया निवासी साबिसपुर थाना उसहैत का एक संगठित गिरोह है। श्रीकृष्ण उर्फ मुखिया गैंग लीडर है। उसके गैंग में उसी के गांव का जयवीर यादव और मुगर्रा महानगर थाना उसहैत निवासी संतोष पुत्र शेर सिंह है। इस गैंग का आसपास के गांव में आतंक है। इस गैंग का मुख्य कार्य लोगों की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करना है। इस गैंग ने राम स्वरूप सिंह और कुमारी गीता का अपहरण करके हत्या कर दी। इस गैंग के डर से कोई भी व्यक्ति इनके खिलाफ गवाही देने को तैयार नहीं होता। गैंग का मुख्य धंधा अपहरण, हत्या, हत्या का प्रयास, लूट और अवैध कब्जा करना है। पुलिस ने श्री कृष्ण उर्फ मुखिया जयवीर और संतोष के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
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स्पेशल जज उदयभान सिंह ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक दिलीप गुप्ता, सुभाष चंद शर्मा और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। कोर्ट ने नामजद श्रीकृष्ण उर्फ मुखिया, जयवीर और संतोष को दोषी ठहराते हुए पांच-पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने तीनों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। संवाद