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जानलेवा हमले में मां-बेटों सहित चार को सात-सात साल की सजा
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बदायूं। पुराने मुकदमे की रंजिश को लेकर हुए जानलेवा हमले में नामजद मां बेटों सहित चार को जिला सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र दिवाकर ने सात-सात साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी डाला है।
जानलेवा हमले की वारदात कोतवाली उझानी क्षेत्र के गांव सरौता में आठ फरवरी 2015 को हुई थी। गांव निवासी तनवीर सिंह पुत्र नेत्रपाल सिंह ने नौ फरवरी 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक उसकी मां भैंस का दूध निकाल रही थी तभी गांव के भोले, संजू पुत्रगण कुंवरपाल, चंपा देवी पत्नी कुंवरपाल, अमरपाल पुत्र प्रेमपाल और रजित पुत्र अशोक कुमार नाजायज हथियार लेकर उसके घर में घुस गए। सभी ने गाली गलौज शुरू कर दी। तनवीर सिंह की मां ने गाली देने का विरोध किया। इस पर नाराज भोले, संजू, अमरपाल और रजत ने चंपा देवी के कहने पर फायरिंग शुरू कर दी। फायर लगने से तनवीर की मां गंभीर रूप से घायल हो गई। ललकारने पर सभी आइंदा जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। तनवीर ने भोले, संजू, चंपा देवी, अमरपाल और रजत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। रजत के नाबालिग होने पर उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी। पुलिस ने सभी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। जिला सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र दिवाकर ने अभियोजन की ओर से प्रभारी डीजीसी अनिल सिंह राठौड़ और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद भोले, संजू, चंपा देवी और अमरपाल को जानलेवा हमले में मुजरिम करार दिया। कोर्ट ने सभी को सात-सात साल की सजा सुनाई। साथ ही सभी पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
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जानलेवा हमले की वारदात कोतवाली उझानी क्षेत्र के गांव सरौता में आठ फरवरी 2015 को हुई थी। गांव निवासी तनवीर सिंह पुत्र नेत्रपाल सिंह ने नौ फरवरी 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक उसकी मां भैंस का दूध निकाल रही थी तभी गांव के भोले, संजू पुत्रगण कुंवरपाल, चंपा देवी पत्नी कुंवरपाल, अमरपाल पुत्र प्रेमपाल और रजित पुत्र अशोक कुमार नाजायज हथियार लेकर उसके घर में घुस गए। सभी ने गाली गलौज शुरू कर दी। तनवीर सिंह की मां ने गाली देने का विरोध किया। इस पर नाराज भोले, संजू, अमरपाल और रजत ने चंपा देवी के कहने पर फायरिंग शुरू कर दी। फायर लगने से तनवीर की मां गंभीर रूप से घायल हो गई। ललकारने पर सभी आइंदा जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। तनवीर ने भोले, संजू, चंपा देवी, अमरपाल और रजत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। रजत के नाबालिग होने पर उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी। पुलिस ने सभी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। जिला सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र दिवाकर ने अभियोजन की ओर से प्रभारी डीजीसी अनिल सिंह राठौड़ और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद भोले, संजू, चंपा देवी और अमरपाल को जानलेवा हमले में मुजरिम करार दिया। कोर्ट ने सभी को सात-सात साल की सजा सुनाई। साथ ही सभी पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
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