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बहनोई की हत्या में साले को उम्रकैद, जुर्माना
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बदायूं। करीब चार साल पुराने हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश दशम शक्तिपुत्र तोमर ने मृतक के नामजद सगे साले को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने 15 हजार रुपये जुर्माना वसूलने का भी आदेश दिया है।
हत्या की वारदात थाना बिसौली के गांव नवादा में 12 नवंबर 2015 को हुई थी। गांव निवासी प्रमोद नट पुत्र बहोरन ने 13 नवंबर 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके मामा ओम प्रकाश पुत्र फौजदार अपने बेटे राजकुमार और पत्नी विमला के साथ 12 नवंबर को उसके घर आए। शाम के समय ओम प्रकाश उसके पिता बहोरन को अपने साथ ले गए। देर शाम तक जब उसके पिता नहीं लौटे तो वह अपने पिता को तलाशता हुआ अपने मामा के घर पहुंचा वहां ओमप्रकाश के घर ताला लगा हुआ था। अगले दिन गांव के कुछ लोगों ने बताया कि उसके पिता की लाश मंदिर के पास पड़ी हुई है। प्रमोद ने अपने मामा ओमप्रकाश, मामी विमला और ममेरे भाई राजकुमार निवासी मोहल्ला होली चौक कस्बा वजीरगंज बदायूं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में ओमप्रकाश के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। अपर सत्र न्यायाधीश शक्तिपुत्र तोमर ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी बिलालउद्दीन और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद बहनोई की हत्या में नामजद ओमप्रकाश को उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं 15 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया। जुर्माने की आधी रकम वादी को देने का आदेश दिया।
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हत्या की वारदात थाना बिसौली के गांव नवादा में 12 नवंबर 2015 को हुई थी। गांव निवासी प्रमोद नट पुत्र बहोरन ने 13 नवंबर 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके मामा ओम प्रकाश पुत्र फौजदार अपने बेटे राजकुमार और पत्नी विमला के साथ 12 नवंबर को उसके घर आए। शाम के समय ओम प्रकाश उसके पिता बहोरन को अपने साथ ले गए। देर शाम तक जब उसके पिता नहीं लौटे तो वह अपने पिता को तलाशता हुआ अपने मामा के घर पहुंचा वहां ओमप्रकाश के घर ताला लगा हुआ था। अगले दिन गांव के कुछ लोगों ने बताया कि उसके पिता की लाश मंदिर के पास पड़ी हुई है। प्रमोद ने अपने मामा ओमप्रकाश, मामी विमला और ममेरे भाई राजकुमार निवासी मोहल्ला होली चौक कस्बा वजीरगंज बदायूं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में ओमप्रकाश के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। अपर सत्र न्यायाधीश शक्तिपुत्र तोमर ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी बिलालउद्दीन और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद बहनोई की हत्या में नामजद ओमप्रकाश को उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं 15 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया। जुर्माने की आधी रकम वादी को देने का आदेश दिया।
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