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विवेचक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का कोर्ट ने दिया आदेश
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बदायूं। जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र दिवाकर ने सिविल लाइंस थाने के एक मामले में विवेचक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया है। विवेचक ने एनडीपीएस के एक मामले में जेल में बंद मुल्जिम के खिलाफ निर्धारित समय के अंदर चार्जशीट दाखिल नहीं की, जिस पर कोर्ट ने आरोपी को निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने एसएसपी को भी विवेचक के खिलाफ अलग से अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
थाना सिविल लाइंस के एनडीपीएस के एक मामले में थाना उझानी के गांव नसरुल्लापुर निवासी सिपट्टर पुत्र रामपाल जिला जेल में बंद था। इस मामले की विवेचना थाना सिविल लाइंस के उपनिरीक्षक ओमपाल द्वारा की जा रही थी। विवेचक ओमपाल ने मामले की विवेचना के बाद चार्जशीट को निर्धारित समय के भीतर कोर्ट में दाखिल नहीं किया। चार्जशीट देरी से दाखिल होने पर मुल्जिम को बिना जमानत निजी मुचलके पर छोड़ा गया। कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए अपने आदेश में कहा कि कोर्ट मोहर्रिर द्वारा भी बिना किसी रिमांड के मुल्जिम सिपट्टर को कोर्ट में तलब किया गया, जबकि विवेचक द्वारा अभियुक्त का रिमांड नहीं मांगा गया था। विवेचक ने मुल्जिम को लाभ पहुंचाने की नीयत से चार्जशीट दाखिल करने में देरी की। कोर्ट ने आदेश दिया है कि विवेचक ओमपाल के खिलाफ पुलिस अधिनियम की धारा 29 के तहत रिपोर्ट दर्ज की जाए, साथ ही एसएसपी को भी लिखा कि विवेचक के विरुद्ध अलग से अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
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थाना सिविल लाइंस के एनडीपीएस के एक मामले में थाना उझानी के गांव नसरुल्लापुर निवासी सिपट्टर पुत्र रामपाल जिला जेल में बंद था। इस मामले की विवेचना थाना सिविल लाइंस के उपनिरीक्षक ओमपाल द्वारा की जा रही थी। विवेचक ओमपाल ने मामले की विवेचना के बाद चार्जशीट को निर्धारित समय के भीतर कोर्ट में दाखिल नहीं किया। चार्जशीट देरी से दाखिल होने पर मुल्जिम को बिना जमानत निजी मुचलके पर छोड़ा गया। कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए अपने आदेश में कहा कि कोर्ट मोहर्रिर द्वारा भी बिना किसी रिमांड के मुल्जिम सिपट्टर को कोर्ट में तलब किया गया, जबकि विवेचक द्वारा अभियुक्त का रिमांड नहीं मांगा गया था। विवेचक ने मुल्जिम को लाभ पहुंचाने की नीयत से चार्जशीट दाखिल करने में देरी की। कोर्ट ने आदेश दिया है कि विवेचक ओमपाल के खिलाफ पुलिस अधिनियम की धारा 29 के तहत रिपोर्ट दर्ज की जाए, साथ ही एसएसपी को भी लिखा कि विवेचक के विरुद्ध अलग से अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
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