{"_id":"5ecd59f68ebc3e902f36d85b","slug":"corona-negative-report-badaun-news-bly4071469183","type":"story","status":"publish","title_hn":"निगेटिव निकली दातागंज की महिला, मौत के बाद लिया गया था सैंपल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निगेटिव निकली दातागंज की महिला, मौत के बाद लिया गया था सैंपल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। चार दिन पहले जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में जिस महिला की मौत हुई थी, वह महिला जांच में निगेटिव निकली। मरने के बाद उसका कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लिया गया था। उसके लक्षण देखकर जिला प्रशासन के हाथ पैर फूल रहे थे। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने परिजनों को लाश सौंपकर एक और बड़ी गलती कर दी थी। गनीमत रही कि महिला जांच में निगेटिव निकली, नहीं तो आज स्वास्थ्य विभाग के पास कोई जवाब नहीं होता।
दातागंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम नौनी निवासी एक महिला की चार दिन पहले ज्यादा हालत बिगड़ गई थी। परिवार वालों के अनुसार वह गुजरात से लौटे थे। वह गुजरात में एक भट्ठे पर काम करते थे। घर लौटे तो महिला की हालत बिगड़ गई। जब उसे जिला अस्पताल ले गए, तब उसे तेज बुखार था। अस्पताल स्टाफ ने उसे संदिग्ध मानते हुए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया। मात्र आधा घंटा के भीतर महिला की मौत हो गई थी। हालांकि परिवार वाले महिला को पहले से बीमार बता रहे थे लेकिन महिला की हालत को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने महिला का कोरोना टेस्ट सैंपल लिया। उसके बाद शव को परिजनों को सौंप दिया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार लाश सौंपते समय परिवार वालों को बता दिया गया था कि सुरक्षा मानक अपनाते हुए शव का अंतिम संस्कार करें। तीन दिन तक उसकी सैंपल रिपोर्ट नहीं आई। इसे लेकर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की धड़कन तेज होती गई। एक दिन पहले यानी सोमवार को आई सैंपल रिपोर्ट में महिला निगेटिव निकली। तब कहीं जिला प्रशासन व स्वास्थ्य की जान में जान आई।
जिस समय महिला को लाया गया, उसकी हालत ज्यादा खराब थी। उसे तेज बुखार था। उसकी मौत होने के बाद सैंपल लेकर जांच को भेजा गया। उसकी सैंपल रिपोर्ट निगेटिव निकली है। - डॉ. सुकुमार अग्रवाल, सीएमएस जिला अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन
दातागंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम नौनी निवासी एक महिला की चार दिन पहले ज्यादा हालत बिगड़ गई थी। परिवार वालों के अनुसार वह गुजरात से लौटे थे। वह गुजरात में एक भट्ठे पर काम करते थे। घर लौटे तो महिला की हालत बिगड़ गई। जब उसे जिला अस्पताल ले गए, तब उसे तेज बुखार था। अस्पताल स्टाफ ने उसे संदिग्ध मानते हुए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया। मात्र आधा घंटा के भीतर महिला की मौत हो गई थी। हालांकि परिवार वाले महिला को पहले से बीमार बता रहे थे लेकिन महिला की हालत को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने महिला का कोरोना टेस्ट सैंपल लिया। उसके बाद शव को परिजनों को सौंप दिया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार लाश सौंपते समय परिवार वालों को बता दिया गया था कि सुरक्षा मानक अपनाते हुए शव का अंतिम संस्कार करें। तीन दिन तक उसकी सैंपल रिपोर्ट नहीं आई। इसे लेकर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की धड़कन तेज होती गई। एक दिन पहले यानी सोमवार को आई सैंपल रिपोर्ट में महिला निगेटिव निकली। तब कहीं जिला प्रशासन व स्वास्थ्य की जान में जान आई।
विज्ञापन
जिस समय महिला को लाया गया, उसकी हालत ज्यादा खराब थी। उसे तेज बुखार था। उसकी मौत होने के बाद सैंपल लेकर जांच को भेजा गया। उसकी सैंपल रिपोर्ट निगेटिव निकली है। - डॉ. सुकुमार अग्रवाल, सीएमएस जिला अस्पताल
विज्ञापन