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कोरोना से जंगः लक्ष्मण रेखा खींचकर सुरक्षा घेरे में कैद हुए लोग

Fri, 03 Apr 2020 06:02 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 03 Apr 2020 06:02 PM IST
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corona effect
बदायूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिन के लॉकडाउन का ऐलान करते वक्त समस्त देशवासियों ने अपने घरों के आगे ‘लक्ष्मण रेखा’ खींचने को कहा था, जिससे कोरोना से लड़ी जाने वाली जंग जीती जा सके। कुछ देरी से ही सही बदायूं वासियों ने ‘लक्ष्मण रेखा’ खींचकर खुद को सुरक्षा घेरे में कैद कर लिया है। इन लोगों ने गालियों के मोड़ पर रस्सी और बल्लियां बांधकर या तख्त खड़ा करके बाहरी लोगों का प्रवेश बंद कर दिया है। इन इलाकों के लोग खुद भी बाहर नहीं जा रहे हैं। पुलिस-प्रशासन ने लोगों के इस कदम की सराहना की है।
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कोरोना से जंग जीतने के लिए सबको एक साथ मिलकर लड़ना होगा। इस महामारी से बचने के लिए पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन है। मगर कुछ देशद्रोही लोग बेवजह बाहर निकलकर अपनी और दूसरों की जिंदगी खतरे में डाल रहे हैं। हालांकि हिंदुस्तान में ज्यादातर ऐेसे लोग हैं जो घरों में रहकर लॉकडाउन का पूरा पालन कर रहे हैं। इन लोगों ने अपनी जागरूक का परिचय देते हुए अपनी गलियों में बाहरी लोगों का प्रवेश रोकने के लिए रस्सियां या बल्लियां बांध दी है, जिससे बाहरी लोग उनकी तरफ न आ सकें। ये लोग खुद भी घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। बल्कि दूसरों को भी घरों से नहीं निकलने का संदेश दे रहे हैं। इस पहल की प्रशासन सराहना कर रहा है। प्रशासन का मानना है कि अगर सभी लोग समझदारी से काम करेंगे, तो कोरोना वायरस बहुत जल्द खत्म हो जाएगा।
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कोरोना को लेकर शहर के लोग जागरूक होने लगे हैं। शुक्रवार को मथुरिया चौराहे पर लोगों ने मुख्य सड़क पर लकड़ी की बल्लियां बांधकर लोगों का आना जाना बंद कर दिया। इससे जुड़ी गलियों को रस्सी बांधकर बंद दिया गया है। ताकि इधर से बाहरी लोगों का आना जाना बंद हो सके। इससे यहां के लोग यह संदेश देना चाहते हैं कि वे कोरोना से जंग में शामिल है। इसके लिए वह खुद भी बाहर नहीं जा रहे हैं।
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शहर के नेहरू चौक पर कुछ लोगों ने तख्त डालकर रास्ता रोक दिया है। ताकि कोई भी बाहर का व्यक्ति इधर प्रवेश न कर सके। लोगों का कहना है कि सबको मिलकर कोरोना महामारी से लड़ना चाहिए। कोरोना को हराना है तो बाहर नहीं जाना है। कोरोना मजहब को देखकर नहीं देख रहा, बल्कि यह एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल रहा है। ऐसे में एक दूसरे से दूरी बनाकर रखना ही इस वायरस से बचाव कस सही तरीका है।
देश व्यापी इस जंग में कस्बों के लोग भी शामिल हो गए हैं। इस्लामनगर कस्बे के मोहल्ला टंकी के पीछे वाली गली को लकड़ी का फ्रेम लगाकर बंद कर दिया है। क्योंकि गली से जो लोग निकलते है, वे पान, मसाला खाकर इधर उधर थूकते या छींकते रहते थे। कोरोना की महामारी फैलने का खतरा बढ़ता जा रहा था। गली बंद होने से लोगों ने उधर से निकलना बंद कर दिया है। साथ ही इस गली के लोग खुद भी घरों नहीं निकल रहे हैं।

देहात में वजीरगंज कस्बे के वार्ड नंबर छह में मंडी के पास गली को वहां के कुछ जागरूक युवाओं ने रस्सी बांधकर रास्ता बंद कर दिया। इसके अलावा वहां नोटिस चस्पा कर दिया है, जिस पर लिखा है कि कोरोना के कारण इधर से आवागमन बंद है। ऐसे में कोई भी व्यक्ति इधर से न निकले। युवाओं की इस पहल का काफी लोग पालन कर रहे हैं। कुछ लोग उधर से निकलने का प्रयास कर रहे हैं, उन्हें जबरन रोका दिया जाता है।
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