{"_id":"6261a9de47bec00704121f60","slug":"corona-badaun-news-bly482294197","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना : दस्तक दे रही चौथी लहर... हर कदम पर लापरवाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना : दस्तक दे रही चौथी लहर... हर कदम पर लापरवाही
विज्ञापन
बिना मास्क बाजारों में पहुंच रहे लोग। संवाद
- फोटो : BADAUN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। कोरोना की चौथी लहर दस्तक देने लगी है। एनसीआर में लगातार संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। हालांकि, बदायूं में काफी समय से नया मामला नहीं मिला है, लेकिन खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। दरअसल, लोग कोरोना संक्रमण को लेकर लापरवाह हो गए हैं। सरकारी अस्पताल हों या निजी, रेलवे स्टेशन, रोडवेज, प्राइवेट बस स्टैंड और बाजारों में कोरोना गाइड लाइन तार-तार हो रही है। मास्क का इस्तेमाल नहीं हो रहा, दो गज की दूरी दरकिनार है।
कोरोना की पहली से तीसरी लहर तक की बात करें तो अब तक जिले में 18014 संक्रमित मिल चुके हैं। कोरोना संक्रमण इस दौरान 101 लोगों की जान भी ले चुका है। हालांकि, दूसरी लहर के बाद जिले में तीसरी लहर का ज्यादा प्रकोप नहीं दिखा। अब चौथी लहर का खतरा है। विशेषज्ञ पहले ही आगाह कर चुके हैं कि मई-जून में चौथी लहर शुरू हो जाएगी, आशंका इस बात की भी है कि कोई नया वैरिएंट भी दस्तक दे सकता है।
अप्रैल मध्य से ही देश में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने लगे हैं। दिल्ली और एनसीआर में तेजी से संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। गौर करने वाली बात यह है कि बदायूं से एनसीआर की दूरी ज्यादा नहीं है। प्रतिदिन बदायूं-दिल्ली के बीच 140 से ज्यादा बसों का संचालन होता है। प्रतिदिन हजारों लोग इन बसों से आते-जाते हैं। इसके बाद भी लोग कोरोना गाइड लाइन को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे। बाजारों में भीड़ उमड़ रही है। यहां भी ग्राहक और दुकानदार नियमों का पालन नहीं कर रहे। संदिग्धों की जांच की सुविधा रोडवेज बस स्टैंड पर नहीं है। हालांकि, पास ही निजी बस स्टैंड पर आने-जाने वाले संदिग्धों की जांच की जा रही है। रेलवे स्टेशन, जिला और जिला महिला अस्पताल में भी जांच कैंप लग रहे हैं।
विज्ञापन
-
बूस्टर डोज के लिए आगे नहीं आ रहे निजी अस्पताल
निजी अस्पताल बूस्टर डोज के लिए आगे नहीं आ रहे। जिले में सभी को बूस्टर डोज के रूप में तीसरा टीका लगाया जाना है। 18 से 59 वर्ष तक के लोगों को बूस्टर डोज के बदले 386 रुपये चुकाने होंगे। हालांकि 18 वर्ष से कम और 59 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों को सरकारी केंद्रों पर ही मुफ्त में बूूस्टर डोज की व्यवस्था की गई है। बूस्टर डोज निजी अस्पतालों को भी उपलब्ध कराई जा रही है ताकि लोग निजी अस्पतालों में तीसरा टीका लगवा सकें, लेकिन निजी अस्पताल वैक्सीन की मांग नहीं कर रहे। ऐसे में बूस्टर डोज का काम भी पिछड़ रहा है।
-
संसाधनों की कमी ने दूसरी लहर में निगली थी 100 लोगों की जान
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जिले में 100 लोगों की जान गई थी। पहली लहर के दौरान लंबे लॉकडाउन ने जिंदगियों को बचाने का काम किया, लेकिन दूसरी लहर में लॉकडाउन नहीं लगाया गया। कुछ बंदिश जरूर रहीं, इस बीच लोगों की लापरवाही खतरनाक साबित हुई। दूसरी लहर के दौरान टीका भी नहीं आ सका था और संसाधन न के बराबर थे। ऑक्सीजन को लेकर मारामारी रही। तीसरी लहर आते-आते टीका आ चुका था और संसाधनों की कमी भी दूर हो गई। तीसरी लहर के दौरान ज्यादातर लोग टीके का कवच ले चुके थे। ऐसे में तीसरी लहर का ज्यादा असर नहीं दिखा। अब चौथी लहर का खतरा बढ़ने लगा है।
-
कोरोना की चौथी लहर का खतरा बना हुआ है। दिल्ली समेत एनसीआर में संक्रमितों की संख्या में इजाफा होने के साथ बदायूं में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। लोगों को भी चाहिए कि सावधानी बरतें। फिलहाल जिले में कोई सक्रिय रोगी नहीं है, लेकिन लापरवाही से बचने की जरूरत है।
-डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ
विज्ञापन
कोरोना की पहली से तीसरी लहर तक की बात करें तो अब तक जिले में 18014 संक्रमित मिल चुके हैं। कोरोना संक्रमण इस दौरान 101 लोगों की जान भी ले चुका है। हालांकि, दूसरी लहर के बाद जिले में तीसरी लहर का ज्यादा प्रकोप नहीं दिखा। अब चौथी लहर का खतरा है। विशेषज्ञ पहले ही आगाह कर चुके हैं कि मई-जून में चौथी लहर शुरू हो जाएगी, आशंका इस बात की भी है कि कोई नया वैरिएंट भी दस्तक दे सकता है।
विज्ञापन
अप्रैल मध्य से ही देश में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने लगे हैं। दिल्ली और एनसीआर में तेजी से संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। गौर करने वाली बात यह है कि बदायूं से एनसीआर की दूरी ज्यादा नहीं है। प्रतिदिन बदायूं-दिल्ली के बीच 140 से ज्यादा बसों का संचालन होता है। प्रतिदिन हजारों लोग इन बसों से आते-जाते हैं। इसके बाद भी लोग कोरोना गाइड लाइन को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे। बाजारों में भीड़ उमड़ रही है। यहां भी ग्राहक और दुकानदार नियमों का पालन नहीं कर रहे। संदिग्धों की जांच की सुविधा रोडवेज बस स्टैंड पर नहीं है। हालांकि, पास ही निजी बस स्टैंड पर आने-जाने वाले संदिग्धों की जांच की जा रही है। रेलवे स्टेशन, जिला और जिला महिला अस्पताल में भी जांच कैंप लग रहे हैं।
विज्ञापन
-
बूस्टर डोज के लिए आगे नहीं आ रहे निजी अस्पताल
निजी अस्पताल बूस्टर डोज के लिए आगे नहीं आ रहे। जिले में सभी को बूस्टर डोज के रूप में तीसरा टीका लगाया जाना है। 18 से 59 वर्ष तक के लोगों को बूस्टर डोज के बदले 386 रुपये चुकाने होंगे। हालांकि 18 वर्ष से कम और 59 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों को सरकारी केंद्रों पर ही मुफ्त में बूूस्टर डोज की व्यवस्था की गई है। बूस्टर डोज निजी अस्पतालों को भी उपलब्ध कराई जा रही है ताकि लोग निजी अस्पतालों में तीसरा टीका लगवा सकें, लेकिन निजी अस्पताल वैक्सीन की मांग नहीं कर रहे। ऐसे में बूस्टर डोज का काम भी पिछड़ रहा है।
-
संसाधनों की कमी ने दूसरी लहर में निगली थी 100 लोगों की जान
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जिले में 100 लोगों की जान गई थी। पहली लहर के दौरान लंबे लॉकडाउन ने जिंदगियों को बचाने का काम किया, लेकिन दूसरी लहर में लॉकडाउन नहीं लगाया गया। कुछ बंदिश जरूर रहीं, इस बीच लोगों की लापरवाही खतरनाक साबित हुई। दूसरी लहर के दौरान टीका भी नहीं आ सका था और संसाधन न के बराबर थे। ऑक्सीजन को लेकर मारामारी रही। तीसरी लहर आते-आते टीका आ चुका था और संसाधनों की कमी भी दूर हो गई। तीसरी लहर के दौरान ज्यादातर लोग टीके का कवच ले चुके थे। ऐसे में तीसरी लहर का ज्यादा असर नहीं दिखा। अब चौथी लहर का खतरा बढ़ने लगा है।
-
कोरोना की चौथी लहर का खतरा बना हुआ है। दिल्ली समेत एनसीआर में संक्रमितों की संख्या में इजाफा होने के साथ बदायूं में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। लोगों को भी चाहिए कि सावधानी बरतें। फिलहाल जिले में कोई सक्रिय रोगी नहीं है, लेकिन लापरवाही से बचने की जरूरत है।
-डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ