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बदायूं: झगड़ा करने पर मां ने डांटा, नाराज होकर फंदे से झूल गया कक्षा सात का छात्र

Thu, 09 Jun 2022 02:01 PM IST
प्राची प्रियम संवाद न्यूज एजेंसी, उझानी (बदायूं)
संवाद न्यूज एजेंसी, उझानी (बदायूं) Published by: प्राची प्रियम Updated Thu, 09 Jun 2022 02:01 PM IST
सार

बदायूं के अहिरवारा गांव में परिवार वालों के डांटने से नाराज कक्षा सात के छात्र विंकल (14) ने फंदे से लटककर जान दे दी। मंगलवार सुबह उसका पड़ोसी बच्चों से विवाद हो गया था, इस पर परिवार वालों ने उसे डांट दिया था। 

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Class seven student commits suicide as his mother scolded him
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बदायूं के उझानी कोतवाली क्षेत्र के अहिरवारा गांव में परिवार वालों के डांटने से नाराज कक्षा सात के छात्र विंकल (14) ने फंदे से लटककर जान दे दी। मंगलवार सुबह उसका पड़ोसी बच्चों से विवाद हो गया था, इस पर परिवार वालों ने उसे डांट दिया। शाम को उसका शव गांव के बाहर अंगोछे के फंदे से लटका मिला। बुधवार को पुलिस ने उसके शव का पोस्टमार्टम करा दिया।

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परिवार वालों के मुताबिक विंकल गांव के जूनियर हाईस्कूल में कक्षा सात का छात्र था। सुबह वह गांव में खेल रहा था। इसी दौरान उसका पड़ोसी बच्चों से विवाद हो गया था। इस पर परिवार वालों ने उसे डांट दिया। इससे वह घर से नाराज होकर निकल गया। परिवार वाले दोपहर तक उसे तलाश करते रहे लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। 
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शाम के समय कुछ ग्रामीण गांव के बाहर खेतों पर काम करने गए। तभी उन्होंने एक पेड़ पर अंगोछे के फंदे से विंकल का शव फंदे से लटका देखा। इस पर विंकल के परिवार वाले मौके पर पहुंच गए। उनकी सूचना पर कोतवाली पुलिस भी आ गई और उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 
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उझानी पुलिस ने बुधवार दोपहर किशोर के शव का पोस्टमार्टम करा दिया। उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग बताई गई है। परिवार वालों ने इस संबंध में कोई आरोप नहीं लगाया है। उन्होंने पुलिस को बताया है कि किशोर ने डांटने ने नाराज होकर आत्महत्या की है।


बच्चे की हर बात को ध्यान से सुनें
किशोरवय उम्र में बच्चों का मस्तिष्क अपरिपक्व होता है। ऐसे में वह हर बात को गहराई से सोचते हैं। ऐसे में माता पिता को चाहिए कि वे उनकी हर बात को अच्छे से सुने और समझें। यदि बच्चा कोई गलती भी कर देता है तो उसे प्यार से समझाएं न कि उसे डांटें फटकारें। डांट को किशोरवय लड़के-लड़की गंभीरता से लेते है, जिसकी वजह से कभी कभी वह आत्मघाती कदम तक उठा लेते हैं।
-डॉ. सर्वेश कुमारी, क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट, जिला अस्पताल

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