{"_id":"621538e54f368f11f805ebbc","slug":"civic-amenities-jam-badaun-news-bly476302216","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर के हर कोने में जाम, यातायात व्यवस्था बेलगाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर के हर कोने में जाम, यातायात व्यवस्था बेलगाम
विज्ञापन
कचहरी तिराहे पर लगा जाम। संवाद
- फोटो : BADAUN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। मौसम में सुधार और मतदान निपटने के बाद जनजीवन पटरी पर आया है तो सड़कों व बाजारों में भीड़ बढ़ गई है। इससे शहर के हर कोने में दिन भर जाम के हालात बने रहते हैं। शहर में यातायात व्यवस्था बेपटरी होती जा रही है। इससे निपटने के कोई ठोस इंतजाम भी नहीं किए जा रहे। तिराहे चौराहों पर लगाए गए ट्रैफिक पुलिस कर्मी अब हाथ हिलाते भी दिखाई नहीं देते। उनका पूरा दिन मोबाइल देखने में गुजर जाता है और शाम ढलते ही अपने आवास का रुख कर लेते हैं। ऐसे में न तो कहीं पर यातायात नियमों का पालन हो रहा है और न यातायात व्यवस्था का पालन कराने वाले ही गंभीर नजर आ रहे हैं। मंगलवार को हमने शहर के अलग-अलग इलाकों में घूमकर जाम की विभीषिका देखी जिसमें आम शहरी खुद ही बचकर निकलने को जूझता नजर आया।
-
कचहरी तिराहा : दिन में 12 बजे
वैसे तो कचहरी तिराहा भीड़भाड़ वाला इलाका है। यहां तिराहे पर दिन भर जाम लगा रहता है। कहने को ट्रैफिक सिपाही भी यहां रहते हैं लेकिन मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे के हालात पर गौर करें तो यहां तगड़ा जाम था। उस दौरान कोई पुलिसकर्मी या होमगार्ड मौजूद नहीं था। वाहन जाम में बुरी तरह फंसे थे। लालपुल की ओर से आने वाले वाहनों की लाइन कैंटीन तक जा पहुंची थी। इधर, थाने तक वाहन लाइन में लगे थे। करीब 20 मिनट तक यही हालात रहे। बाद में जाम खुल गया लेकिन वाहन धीरे-धीरे गुजरते रहे।
-
पुरानी चुंगी : दिन में एक बजे
शहर का पुरानी चुंगी भी सबसे व्यस्ततम इलाका बन गया है। यहां मंगलवार दोपहर करीब एक बजे हालात बदतर थे। तमाम कार, ई-रिक्शा, बस, ट्रक के अलावा कई बाइक सवार जाम में फंसे थे। उस दौरान टिकटगंज की ओर आने-जाने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। तमाम लोग सड़क किनारे इस इंतजार में खड़े थे कि कब जाम खुले और उन्हें दूसरी ओर जाने का मौका मिले। यह स्थिति करीब आधा घंटा बनी रही। उसके बाद जाम की स्थिति तो नहीं रही पर पुरानी चुंगी पर वाहनों की लाइन भी नहीं टूटी।
विज्ञापन
-
काली सड़क : दिन में ढाई बजे
मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे स्कूलों की छुट्टी हुई थी। कई स्कूल बसें काली सड़क से होकर निकल रहीं थीं। बच्चों को उतारने के लिए बसों को रोकना पड़ रहा था। काली सड़क पर कई जगह बसें रोकी गईं। इससे बसों के पीछे वाहनों की संख्या बढ़ती चली गई। सामने से भी वाहनों का जाम लग गया। मढ़ई चौक से लेकर पथिक चौक तक ये हालात हो गए कि दोपहिया वाहन सवारों को अपने वाहन बंद करके काफी समय तक खड़े रहना पड़ा। लोगों का कहना था कि यह स्थिति रोज रहती है लेकिन इससे निपटने का कोई इंतजाम नहीं किया जाता।
-
लालपुल : दिन में तीन बजे
शहर में लालपुल इलाका काफी भीड़भाड़ वाला है। यहां दोपहर तीन बजे बड़ा जाम तो नहीं लगा था लेकिन वाहनों की संख्या काफी थी और वह धीरे-धीरे गुजर रहे थे। इससे जाम जैसे हालात बन और बिगड़ रहे थे। वाहनों की लाइन काफी लंबी थी। एक ओर पशु चिकित्सालय तक वाहनों की लाइन थी और दूसरी ओर पुलिस चौकी तक वाहनों की लाइन लग चुकी थी। उस दौरान पुलिस कर्मी भी तिराहे पर मौजूद नहीं थे। यह स्थिति मंगलवार दोपहर से शाम तक बनी रही।
-
क्या कहते हैं व्यापारी
शहर में बड़े वाहनों का प्रवेश रोका जाए। उन्हें बाईपास से गुजारा जाए। इससे शहर में जाम से काफी राहत मिलेगी। सबसे ज्यादा जाम तो बड़े वाहन ही लगाते हैं। इस पर गौर किया जाए।
- विकास, दुकानदार
-
पुरानी चुंगी से लेकर दातागंज तिराहे तक तमाम दुकानें ऐसी हैं, जिनका सामान सड़क पर रखा हुआ है। पिछले समय अधिकारियों ने अभियान चलवाकर यह रोड साफ करा दिया था लेकिन अब फिर से इस पर अतिक्रमण हो गया है।
- दीपक रास्तोगी, खाद विक्रेता
-
इस समय शहर में कई जगह जाम लग रहा है लेकिन इससे निपटने के ठोस इंतजाम नहीं है। कम से कम वाहनों के आने-जाने का नियम जरूर बनाएं, जिससे वाहन इधर-उधर न निकलें और जाम न लगे। उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है।
- सागर साहू, मिठाई विक्रेता
-
काफी प्रयास के बाद लावेला चौक के हालात बदले हैं लेकिन कई बार दिन में यहां भी जाम लग जाता है। तब स्थिति बिगड़ जाती है। यहां के अलावा कश्मीरी चौक पर भी ज्यादा समस्या है। वहां लगातार जाम लग रहा है। इसका समाधान होना चाहिए।
- तुषार उपाध्याय, दवा विक्रेता
-
जनता की बात
यातायात व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी अकेले पुलिस की नहीं है। सभी अपनी जिम्मेदारी निभाएं। ट्रैफिक लाइट के अनुसार वाहनों का आवागमन होना चाहिए।
-पवन कुमार, पक्का बाग
-
शहर में अतिक्रमण भी ज्यादा है। दुकानों का ज्यादातर सामान बाहर रखा रहता है। इससे भी यातायात व्यवस्था खराब हो रही है। अतिक्रमण हटवाया जाए तो कुछ निजात मिलेगी।
- बाबा, मीरा सराय
-
लोग सड़क पर वाहन छोड़कर चले जाते हैं। उन्हें भी ध्यान रखना चाहिए कि किसी को परेशानी हो रही है या नहीं। अपने वाहन सड़क पर खड़े न करें। हमेशा साइड में लगाएं।
- दिलीप बाबू, गद्दी चौक
-
कुछ दुकानदार भी ध्यान रखें। यातायात व्यवस्था सभी के सहयोग से ठीक रहती है। कम से कम सड़क तो खाली रखें, जिससे आवागमन बना रहे। वाहन रुकेंगे तो जाम निश्चित तौर पर लगेगा।
- ताहिर, पनबड़िया
-
इस समय प्रदेश में विधानसभा चुनाव है। ज्यादातर पुलिस चुनाव में व्यस्त है। ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। इससे दिक्कत आ रही है। जल्द ही इस समस्या से निजात मिल जाएगी। -प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी
विज्ञापन
-
कचहरी तिराहा : दिन में 12 बजे
वैसे तो कचहरी तिराहा भीड़भाड़ वाला इलाका है। यहां तिराहे पर दिन भर जाम लगा रहता है। कहने को ट्रैफिक सिपाही भी यहां रहते हैं लेकिन मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे के हालात पर गौर करें तो यहां तगड़ा जाम था। उस दौरान कोई पुलिसकर्मी या होमगार्ड मौजूद नहीं था। वाहन जाम में बुरी तरह फंसे थे। लालपुल की ओर से आने वाले वाहनों की लाइन कैंटीन तक जा पहुंची थी। इधर, थाने तक वाहन लाइन में लगे थे। करीब 20 मिनट तक यही हालात रहे। बाद में जाम खुल गया लेकिन वाहन धीरे-धीरे गुजरते रहे।
विज्ञापन
-
पुरानी चुंगी : दिन में एक बजे
शहर का पुरानी चुंगी भी सबसे व्यस्ततम इलाका बन गया है। यहां मंगलवार दोपहर करीब एक बजे हालात बदतर थे। तमाम कार, ई-रिक्शा, बस, ट्रक के अलावा कई बाइक सवार जाम में फंसे थे। उस दौरान टिकटगंज की ओर आने-जाने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। तमाम लोग सड़क किनारे इस इंतजार में खड़े थे कि कब जाम खुले और उन्हें दूसरी ओर जाने का मौका मिले। यह स्थिति करीब आधा घंटा बनी रही। उसके बाद जाम की स्थिति तो नहीं रही पर पुरानी चुंगी पर वाहनों की लाइन भी नहीं टूटी।
विज्ञापन
-
काली सड़क : दिन में ढाई बजे
मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे स्कूलों की छुट्टी हुई थी। कई स्कूल बसें काली सड़क से होकर निकल रहीं थीं। बच्चों को उतारने के लिए बसों को रोकना पड़ रहा था। काली सड़क पर कई जगह बसें रोकी गईं। इससे बसों के पीछे वाहनों की संख्या बढ़ती चली गई। सामने से भी वाहनों का जाम लग गया। मढ़ई चौक से लेकर पथिक चौक तक ये हालात हो गए कि दोपहिया वाहन सवारों को अपने वाहन बंद करके काफी समय तक खड़े रहना पड़ा। लोगों का कहना था कि यह स्थिति रोज रहती है लेकिन इससे निपटने का कोई इंतजाम नहीं किया जाता।
-
लालपुल : दिन में तीन बजे
शहर में लालपुल इलाका काफी भीड़भाड़ वाला है। यहां दोपहर तीन बजे बड़ा जाम तो नहीं लगा था लेकिन वाहनों की संख्या काफी थी और वह धीरे-धीरे गुजर रहे थे। इससे जाम जैसे हालात बन और बिगड़ रहे थे। वाहनों की लाइन काफी लंबी थी। एक ओर पशु चिकित्सालय तक वाहनों की लाइन थी और दूसरी ओर पुलिस चौकी तक वाहनों की लाइन लग चुकी थी। उस दौरान पुलिस कर्मी भी तिराहे पर मौजूद नहीं थे। यह स्थिति मंगलवार दोपहर से शाम तक बनी रही।
-
क्या कहते हैं व्यापारी
शहर में बड़े वाहनों का प्रवेश रोका जाए। उन्हें बाईपास से गुजारा जाए। इससे शहर में जाम से काफी राहत मिलेगी। सबसे ज्यादा जाम तो बड़े वाहन ही लगाते हैं। इस पर गौर किया जाए।
- विकास, दुकानदार
-
पुरानी चुंगी से लेकर दातागंज तिराहे तक तमाम दुकानें ऐसी हैं, जिनका सामान सड़क पर रखा हुआ है। पिछले समय अधिकारियों ने अभियान चलवाकर यह रोड साफ करा दिया था लेकिन अब फिर से इस पर अतिक्रमण हो गया है।
- दीपक रास्तोगी, खाद विक्रेता
-
इस समय शहर में कई जगह जाम लग रहा है लेकिन इससे निपटने के ठोस इंतजाम नहीं है। कम से कम वाहनों के आने-जाने का नियम जरूर बनाएं, जिससे वाहन इधर-उधर न निकलें और जाम न लगे। उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है।
- सागर साहू, मिठाई विक्रेता
-
काफी प्रयास के बाद लावेला चौक के हालात बदले हैं लेकिन कई बार दिन में यहां भी जाम लग जाता है। तब स्थिति बिगड़ जाती है। यहां के अलावा कश्मीरी चौक पर भी ज्यादा समस्या है। वहां लगातार जाम लग रहा है। इसका समाधान होना चाहिए।
- तुषार उपाध्याय, दवा विक्रेता
-
जनता की बात
यातायात व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी अकेले पुलिस की नहीं है। सभी अपनी जिम्मेदारी निभाएं। ट्रैफिक लाइट के अनुसार वाहनों का आवागमन होना चाहिए।
-पवन कुमार, पक्का बाग
-
शहर में अतिक्रमण भी ज्यादा है। दुकानों का ज्यादातर सामान बाहर रखा रहता है। इससे भी यातायात व्यवस्था खराब हो रही है। अतिक्रमण हटवाया जाए तो कुछ निजात मिलेगी।
- बाबा, मीरा सराय
-
लोग सड़क पर वाहन छोड़कर चले जाते हैं। उन्हें भी ध्यान रखना चाहिए कि किसी को परेशानी हो रही है या नहीं। अपने वाहन सड़क पर खड़े न करें। हमेशा साइड में लगाएं।
- दिलीप बाबू, गद्दी चौक
-
कुछ दुकानदार भी ध्यान रखें। यातायात व्यवस्था सभी के सहयोग से ठीक रहती है। कम से कम सड़क तो खाली रखें, जिससे आवागमन बना रहे। वाहन रुकेंगे तो जाम निश्चित तौर पर लगेगा।
- ताहिर, पनबड़िया
-
इस समय प्रदेश में विधानसभा चुनाव है। ज्यादातर पुलिस चुनाव में व्यस्त है। ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। इससे दिक्कत आ रही है। जल्द ही इस समस्या से निजात मिल जाएगी। -प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी