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तौफी नगला में महावा नदी के पुलिया के पास होने लगा कटान
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तौफी नगला में महावा नदी के पुल के पास हो रहा कटान। संवाद
- फोटो : BADAUN
बदायूं। गंगा के जलस्तर में शुक्रवार के मुकाबले शनिवार को कुछ इजाफा हुआ। शुक्रवार को खतरे के निशान पर गंगा का जलस्तर 161.96 मीटर दर्ज किया गया। शनिवार को जलस्तर 161.99 मीटर पर पहुंच गया। जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच गंगा ने कटान तेज कर दिया है। सहसवान के तौफी नगला गांव के पास महावा नदी के पुल के पास भी गंगा तेजी से कटान कर रही हैं। यहां पुल के पहुंच मार्ग को भी नुकसान पहुंचा है।
शनिवार को गंगा में नरौरा से 37441, बिजनौर से 32526 और हरिद्वार से 45061 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। तटवर्ती इलाकों में कटान के साथ गंगा ने उसहैत, उसावां और गंगा-महावा तटबंधों पर भी कटान तेज कर दिया है। तौफी नगला में पुल के पास तेजी से हो रहे कटान के कारण पुल को भी खतरा पैदा हो गया है। यहां पुल का पहुंच मार्ग जलस्तर बढ़ने के कारण कई दिन तक बाढ़ के पानी में डूबा रहा है। पहुंच मार्ग को भी नुकसान पहुंचा है। अब जलस्तर कम होने के बाद पहुंच मार्ग से पानी तो उतर गया है, लेकिन पुल के आस-पास कटान तेज होने से खतरा पैदा हो गया है।
सहायक अभियंता बाढ़ खंड नेशपाल सिंह ने बताया कि जिन स्थानों पर कटान हो रहा है वहां बालू भरी बोरियां लगा कर कटान रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। तौफी नगला में भी महावा पुल के पास जहां कटान हो रहा है वहां बालू भरी बोरियां लगाने का काम किया जा रहा है। हालात नियंत्रण में हैं। जलस्तर खतरे के निशान के नीचे मगर चेतावनी के निशान के ऊपर बना हुआ है।
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शनिवार को गंगा में नरौरा से 37441, बिजनौर से 32526 और हरिद्वार से 45061 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। तटवर्ती इलाकों में कटान के साथ गंगा ने उसहैत, उसावां और गंगा-महावा तटबंधों पर भी कटान तेज कर दिया है। तौफी नगला में पुल के पास तेजी से हो रहे कटान के कारण पुल को भी खतरा पैदा हो गया है। यहां पुल का पहुंच मार्ग जलस्तर बढ़ने के कारण कई दिन तक बाढ़ के पानी में डूबा रहा है। पहुंच मार्ग को भी नुकसान पहुंचा है। अब जलस्तर कम होने के बाद पहुंच मार्ग से पानी तो उतर गया है, लेकिन पुल के आस-पास कटान तेज होने से खतरा पैदा हो गया है।
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सहायक अभियंता बाढ़ खंड नेशपाल सिंह ने बताया कि जिन स्थानों पर कटान हो रहा है वहां बालू भरी बोरियां लगा कर कटान रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। तौफी नगला में भी महावा पुल के पास जहां कटान हो रहा है वहां बालू भरी बोरियां लगाने का काम किया जा रहा है। हालात नियंत्रण में हैं। जलस्तर खतरे के निशान के नीचे मगर चेतावनी के निशान के ऊपर बना हुआ है।
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