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बिजली संकट : अफसरों की कारगुजारी, कर्मचारियों की जान पर भारी
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बदायूं। जिले में जबर्दस्त बिजली संकट के बीच उपकेंद्रों पर बवाल और कर्मचारियों के साथ मारपीट आम बात हो गई है। हाल ही में कई उपकेंद्रों पर बवाल हो चुका है। अधिकतर मामलों में एफआईआर हो चुकी है जबकि कुछ मामले ऐसे ही निपटा दिए गए। इसके बावजूद विभागीय अधिकारी रोस्टर से सप्लाई का दावा करके आंकड़ेबाजी में लगे हैं तो कर्मचारी मारपीट जैसी घटनाएं झेल रहे हैं।
पिछले पंद्रह दिनों में बिजली संकट बढ़ा है। खासकर ग्रामीण इलाकों में मात्र एक-दो घंटे ही सप्लाई मिल रही है। इससे किसानों का कुछ भला नहीं हो रहा। उनकी फसलें सूख रहीं हैं। कई इलाकों में फसलें बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गईं हैं। इससे उनमें आक्रोश बढ़ता जा रहा है। वहीं विद्युत उपकेंद्रों पर घटनाएं बढ़ गई हैं। पिछले पंद्रह दिनों में गौर करें तो अब तक सहसवान, कादरचौक, बिसौली, इस्लामनगर और दातागंज समेत कई इलाकों में विद्युत उपकेंद्रों पर बवाल हुए हैं तो सहसवान इलाके में कर्मचारियों को पीटा गया। कादरचौक और असरासी के विद्युत उपकेंद्रों पर तोड़फोड़ और पथराव किया गया। जबकि बिसौली इलाके में कर्मचारियों को दौड़ाकर और उपकेंद्र में घुसकर पीटा गया। इसके अलावा और भी उपकेंद्र हैं जहां मारपीट और तोड़फोड़ हुई हैं। कुछ स्थानों पर ग्रामीणों ने केवल प्रदर्शन कर बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग की है। इन हालात में किसान परेशान हैं तो विद्युत उपकेंद्रों पर तैनात कर्मचारी मुसीबत झेल रहे हैं। जबकि विभागीय अधिकारी अब भी रोस्टर के अनुसार बिजली सप्लाई का दावा करते हुए आंकड़ेबाजी में लगे हैं। इधर कर्मचारियों का कहना है कि विभागीय अधिकारी ही उनके साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं।
मारपीट, पथराव और तोड़फोड़ जैसी तमाम घटनाएं होने के बावजूद उन्हें रोस्टर उपलब्ध नहीं कराया गया है जिससे वे उसके अनुसार सप्लाई दे सकें। किसानों को उसके बारे में बता सकें।
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शहर के नजदीकी इलाकों का बुरा हाल
जिले के ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा बिजली व्यवस्था खराब है। जबकि इस समय किसानों को सबसे ज्यादा बिजली की जरूरत है। उन्हें फसलों की सिंचाई करनी है। धान और बाजरा बुआई के लिए खेत तैयार करने हैं। उनके खेतों में पलेवा तक नहीं हो पा रहा है और तो और शहर से सटे इलाके में ठीक से सप्लाई नहीं दी जा रही है। यहां केवल सुबह के समय दो घंटे सप्लाई दी जा रही है। फिर पूरा दिन और पूरी रात सप्लाई नहीं दी जा रही।
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ओवरलोडिंग भी बढ़ी
भारी कटौती के बीच इस समय बिजली की सख्त जरूरत है। जब सप्लाई आती है तो ओवरलोडिंग बढ़ जाती है। इससे ये भी समस्या बनती जा रही है। जिले भर में भरपूर सप्लाई नहीं मिल रही। ये समस्या तभी दूर होगी, जब ठीक से सप्लाई दी जाएगी।
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28 अप्रैल- बिसौली में एसएसओ अभिषेक मिश्रा के साथ मारपीट
28 अप्रैल- कादरचौक विद्युत उपकेंद्र पर तोड़फोड़ व पथराव
28 अप्रैल- असरासी विद्युत उपकेंद्र पर तोड़फोड़ व पथराव
28 अप्रैल- सहसवान कौल्हार में लाइनमैन फुरकान से मारपीट
27 अप्रैल- मुबारकपुर में संविदा कर्मचारी पिंटू के साथ मारपीट
26 अप्रैल- खितौरा में लाइनमैन से गालीगलौज
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कर्मचारियों की बात
रोस्टर नहीं दे रहे अधिकारी, हम लोग परेशान
जले में अब तक कई उपकेंद्रों पर बवाल हो चुके हैं। कई कर्मचारियों के साथ मारपीट हो चुकी है। दातागंज और सदर तहसील क्षेत्र में भी मारपीट होने की सूचना है। अगर ऐसा चलता रहा तो काम कैसे हो पाएगा। हमने उपकेंद्रों पर पुलिस तैनाती करने की मांग की है। हमने रोस्टर भी मांगा है लेकिन अभी रोस्टर नहीं दिया गया है।
- धीरेंद्र कुमार सिंह, जिलाध्यक्ष, उप्र पावर कॉरपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ
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कर्मचारियों से मारपीट हुई तो नहीं करेंगे काम
लोगों को ये समझना चाहिए कि जब सप्लाई ऊपर से ही नहीं मिल रही है तो हम उन्हें कैसे सप्लाई दे देंगे। उपकेंद्र को जितनी सप्लाई मिल रही है उतनी क्षेत्र में दी जा रही है। ओवरलोडिंग भी समस्या बन रही है। अगर कर्मचारियों के साथ मारपीट नहीं रुकेगी तो ड्यूटी कौन करेगा। सभी कर्मचारी अपने घर बैठ जाएंगे।
- राकेश कुमार, प्रचार मंत्री उप्र पावर कॉरपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ
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किसानों ने कहा-यही हाल रहा तो फसलों का सफाया हो जाएगा
हमारे इलाके में बिजली व्यवस्था बहुत खराब है। हमारा दस बीघा मेंथा है। जिसे सिंचाई की सख्त जरूरत है। अब बिजली न आने से फसल सूख रही है। इसके अलावा सिंचाई का और कोई साधन भी नहीं है, जिससे फसल की सिंचाई कर सकें।
- सेवाराम, कुंवरगांव
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इस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। कम से कम ग्रामीण इलाकों में सप्लाई बढ़ाई जाए। जब फसलों की सिंचाई ही नहीं होगी तो किसान क्या खाएगा। फसलें सूख जाएगी तो वह बर्बाद हो जाएगा। हमारा तीन बीघा मेंथा सूख गया है। इससे हमारा बहुत नुकसान हुआ है।
-कल्याण सिंह, कैली
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हमारे इलाके में बिजली की बहुत कटौती हो रही है। इससे नुकसान ही नुकसान है। तमाम फसलें सूख रहीं हैं। लोगों का गर्मी में बुरा हाल है। उनके पंखे तक नहीं चल रहे हैं। खासकर रात के समय और ज्यादा दिक्कत हो रही है। अगर जल्द इसका समाधान नहीं किया गया तो परेशानी बढ़ जाएगी।
- रामप्रकाश, कादर ौक
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कादरचौक इलाके में ऐसी सप्लाई आ रही है जिससे लोगों के मोबाइल तक चार्ज नहीं हो रहे हैं। इससे बुरा क्या होगा। गर्मी में आम जनता बहुत परेशान है। घरों में रखे सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बेकार हैं। पेयजल की बहुत बड़ी दिक्कत हो गई है।
- नीलेश, कादरचौक
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रोस्टर के अनुसार बिजली दे रहे हैं। स्थानीय फाल्ट की वजह से कहीं समस्या आ रही हैं तो तत्काल सुधार कराया जाता है। कर्मचारियों व उपभोक्ता दोनों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
- दीपक कुमार, अधीक्षण अभियंता
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पिछले पंद्रह दिनों में बिजली संकट बढ़ा है। खासकर ग्रामीण इलाकों में मात्र एक-दो घंटे ही सप्लाई मिल रही है। इससे किसानों का कुछ भला नहीं हो रहा। उनकी फसलें सूख रहीं हैं। कई इलाकों में फसलें बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गईं हैं। इससे उनमें आक्रोश बढ़ता जा रहा है। वहीं विद्युत उपकेंद्रों पर घटनाएं बढ़ गई हैं। पिछले पंद्रह दिनों में गौर करें तो अब तक सहसवान, कादरचौक, बिसौली, इस्लामनगर और दातागंज समेत कई इलाकों में विद्युत उपकेंद्रों पर बवाल हुए हैं तो सहसवान इलाके में कर्मचारियों को पीटा गया। कादरचौक और असरासी के विद्युत उपकेंद्रों पर तोड़फोड़ और पथराव किया गया। जबकि बिसौली इलाके में कर्मचारियों को दौड़ाकर और उपकेंद्र में घुसकर पीटा गया। इसके अलावा और भी उपकेंद्र हैं जहां मारपीट और तोड़फोड़ हुई हैं। कुछ स्थानों पर ग्रामीणों ने केवल प्रदर्शन कर बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग की है। इन हालात में किसान परेशान हैं तो विद्युत उपकेंद्रों पर तैनात कर्मचारी मुसीबत झेल रहे हैं। जबकि विभागीय अधिकारी अब भी रोस्टर के अनुसार बिजली सप्लाई का दावा करते हुए आंकड़ेबाजी में लगे हैं। इधर कर्मचारियों का कहना है कि विभागीय अधिकारी ही उनके साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं।
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मारपीट, पथराव और तोड़फोड़ जैसी तमाम घटनाएं होने के बावजूद उन्हें रोस्टर उपलब्ध नहीं कराया गया है जिससे वे उसके अनुसार सप्लाई दे सकें। किसानों को उसके बारे में बता सकें।
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शहर के नजदीकी इलाकों का बुरा हाल
जिले के ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा बिजली व्यवस्था खराब है। जबकि इस समय किसानों को सबसे ज्यादा बिजली की जरूरत है। उन्हें फसलों की सिंचाई करनी है। धान और बाजरा बुआई के लिए खेत तैयार करने हैं। उनके खेतों में पलेवा तक नहीं हो पा रहा है और तो और शहर से सटे इलाके में ठीक से सप्लाई नहीं दी जा रही है। यहां केवल सुबह के समय दो घंटे सप्लाई दी जा रही है। फिर पूरा दिन और पूरी रात सप्लाई नहीं दी जा रही।
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ओवरलोडिंग भी बढ़ी
भारी कटौती के बीच इस समय बिजली की सख्त जरूरत है। जब सप्लाई आती है तो ओवरलोडिंग बढ़ जाती है। इससे ये भी समस्या बनती जा रही है। जिले भर में भरपूर सप्लाई नहीं मिल रही। ये समस्या तभी दूर होगी, जब ठीक से सप्लाई दी जाएगी।
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28 अप्रैल- बिसौली में एसएसओ अभिषेक मिश्रा के साथ मारपीट
28 अप्रैल- कादरचौक विद्युत उपकेंद्र पर तोड़फोड़ व पथराव
28 अप्रैल- असरासी विद्युत उपकेंद्र पर तोड़फोड़ व पथराव
28 अप्रैल- सहसवान कौल्हार में लाइनमैन फुरकान से मारपीट
27 अप्रैल- मुबारकपुर में संविदा कर्मचारी पिंटू के साथ मारपीट
26 अप्रैल- खितौरा में लाइनमैन से गालीगलौज
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कर्मचारियों की बात
रोस्टर नहीं दे रहे अधिकारी, हम लोग परेशान
जले में अब तक कई उपकेंद्रों पर बवाल हो चुके हैं। कई कर्मचारियों के साथ मारपीट हो चुकी है। दातागंज और सदर तहसील क्षेत्र में भी मारपीट होने की सूचना है। अगर ऐसा चलता रहा तो काम कैसे हो पाएगा। हमने उपकेंद्रों पर पुलिस तैनाती करने की मांग की है। हमने रोस्टर भी मांगा है लेकिन अभी रोस्टर नहीं दिया गया है।
- धीरेंद्र कुमार सिंह, जिलाध्यक्ष, उप्र पावर कॉरपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ
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कर्मचारियों से मारपीट हुई तो नहीं करेंगे काम
लोगों को ये समझना चाहिए कि जब सप्लाई ऊपर से ही नहीं मिल रही है तो हम उन्हें कैसे सप्लाई दे देंगे। उपकेंद्र को जितनी सप्लाई मिल रही है उतनी क्षेत्र में दी जा रही है। ओवरलोडिंग भी समस्या बन रही है। अगर कर्मचारियों के साथ मारपीट नहीं रुकेगी तो ड्यूटी कौन करेगा। सभी कर्मचारी अपने घर बैठ जाएंगे।
- राकेश कुमार, प्रचार मंत्री उप्र पावर कॉरपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ
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किसानों ने कहा-यही हाल रहा तो फसलों का सफाया हो जाएगा
हमारे इलाके में बिजली व्यवस्था बहुत खराब है। हमारा दस बीघा मेंथा है। जिसे सिंचाई की सख्त जरूरत है। अब बिजली न आने से फसल सूख रही है। इसके अलावा सिंचाई का और कोई साधन भी नहीं है, जिससे फसल की सिंचाई कर सकें।
- सेवाराम, कुंवरगांव
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इस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। कम से कम ग्रामीण इलाकों में सप्लाई बढ़ाई जाए। जब फसलों की सिंचाई ही नहीं होगी तो किसान क्या खाएगा। फसलें सूख जाएगी तो वह बर्बाद हो जाएगा। हमारा तीन बीघा मेंथा सूख गया है। इससे हमारा बहुत नुकसान हुआ है।
-कल्याण सिंह, कैली
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हमारे इलाके में बिजली की बहुत कटौती हो रही है। इससे नुकसान ही नुकसान है। तमाम फसलें सूख रहीं हैं। लोगों का गर्मी में बुरा हाल है। उनके पंखे तक नहीं चल रहे हैं। खासकर रात के समय और ज्यादा दिक्कत हो रही है। अगर जल्द इसका समाधान नहीं किया गया तो परेशानी बढ़ जाएगी।
- रामप्रकाश, कादर ौक
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कादरचौक इलाके में ऐसी सप्लाई आ रही है जिससे लोगों के मोबाइल तक चार्ज नहीं हो रहे हैं। इससे बुरा क्या होगा। गर्मी में आम जनता बहुत परेशान है। घरों में रखे सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बेकार हैं। पेयजल की बहुत बड़ी दिक्कत हो गई है।
- नीलेश, कादरचौक
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रोस्टर के अनुसार बिजली दे रहे हैं। स्थानीय फाल्ट की वजह से कहीं समस्या आ रही हैं तो तत्काल सुधार कराया जाता है। कर्मचारियों व उपभोक्ता दोनों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
- दीपक कुमार, अधीक्षण अभियंता