{"_id":"625089dbb55f94212c590c39","slug":"civic-amenities-badaun-news-bly480832630","type":"story","status":"publish","title_hn":"टोल टैक्स बढ़ा तो रोडवेज ने भी बढ़ाया किराया, यात्रियों को झटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टोल टैक्स बढ़ा तो रोडवेज ने भी बढ़ाया किराया, यात्रियों को झटका
विज्ञापन
बदायूं का रोडवेज बस स्टैंड। फाइल
- फोटो : BADAUN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। डीजल-पेट्रोल की लगातार बढ़ रहीं कीमतों के साथ टोल टैक्स में वृद्धि का असर ट्रांसपोर्ट और यात्री किराये पर भी दिखने लगा है। परिवहन निगम ने अलग-अलग रूटों पर पांच रुपये तक किराया बढ़ाया है। फिलहाल किराया टोल टैक्स में इजाफा होने के कारण बढ़ाया गया है। डीजल और टोल टैक्स बढ़ने के कारण मालभाड़ा भी बढ़ गया है। ट्रांसपोर्टर के साथ टैक्सी संचालक भी परेशान हैं। धंधे पर साफ असर दिख रहा है। आम लोगों की जेब पर भी भार बढ़ता जा रहा है।
डीजल और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि 21 मार्च से शुरू हुई थी। इसके बाद से प्रतिदिन कीमतों में इजाफा हो रहा है। 15 मार्च को डीजल 86.91 और पेट्रोल 95.39 रुपये प्रति लीटर था। शुक्रवार को डीजल का भाव 96.93 और पेट्रोल का 105.36 रुपये प्रति लीटर रहा। इस बीच पिछले दिनों नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर पड़ने वाले टोल टैक्स में भी सरकार ने इजाफा कर दिया। इसका सबसे ज्यादा असर असर ट्रांसपोर्ट पर हुआ है।
बदायूं से दिल्ली के बीच माल-भाड़े में 2500 रुपये तक का इजाफा हो गया है। इसके साथ ही टोल टैक्स बढ़ने के कारण रोडवेज ने भी पांच रुपये तक किराया बढ़ा दिया है। दरअसल, बदायूं डिपो की बसों का नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर जाना कम होता है। बदायूं से दिल्ली और देहरादून के लिए चलने वाली बसों में किराया बढ़ाया गया है। राजस्थान, हरियाणा राज्यों की बदायूं तक आने वाली रोडवेज बसों में यह किराया दस रुपये तक बढ़ाया गया है।
विज्ञापन
डीजल की कीमतों के साथ टोल टैक्स में इजाफा होने से टैक्सी संचालक भी परेशान हैं। बदायूं से बरेली के बीच जिस टैक्सी का किराया अब तक 1200-1400 था वह बढ़ कर 1700-1800 रुपये तक हो गया है। डीजल और टोल टैक्स की कीमत बढ़ने से बदायूं-दिल्ली के बीच टैक्सी किराया 4500 रुपये से बढ़ कर 6000 रुपये तक हो गया है।
-
रोडवेज को प्रतिदिन 9000 रुपये से ज्यादा का नुकसान
डीजल की कीमतों में वृद्धि के कारण परिवहन निगम के बदायूं डिपो को प्रतिदिन करीब 9000 रुपये से ज्यादा ा नुकसान हो रहा है। निगम ने अभी डीजल की बढ़ी कीमतों का किराया लागू नहीं किया है। सिर्फ टोल टैक्स की बढ़ी राशि का किराया बढ़ाया गया है। रोडवेज के बदायूं डिपो के बेड़े में 131 निगम की बसें शामिल हैं। इन बसों में प्रतिदिन औसतन आठ हजार लीटर से ज्यादा डीजल की खपत होती है। जो डीजल 15 मार्च तक 86.91 रुपये प्रति लीटर था वह शुक्रवार को 96.93 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया। ऐसे में डिपो को प्रतिदिन नुकसान हो रहा है।
-
मंदा होने लगा टैक्सी का व्यापार
डीजल और पेट्रोल की कीमतों में इजाफा होने के बाद अब टैक्सी का व्यापार मंदा होने लगा है। टैक्सी में चलने वाले चार पहिया वाहनों की अब तक अच्छी बुकिंग हुआ करती थी। लोग बदायूं से बरेली, दिल्ली, आगरा, मथुरा, नैनीताल आदि स्थानों पर जाने के लिए टैक्सी किराये पर लेते थे। टैक्सी ऑपरेटर राहुल ठाकुर का कहना है कि ज्यादातर चार पहिया वाहन पेट्रोल से चलते हैं। पेट्रोल की कीमतों में दस रुपये तक का इजाफा हुआ है। ऐसे में लोग अब ज्यादा खर्च करने के स्थान पर या तो सार्वजनिक वाहनों से या फिर खुद के निजी वाहनों से यात्रा को तवज्जो दे रहे हैं। टैक्सी की बुकिंग पिछले 15 दिन में घटकर आधी रह गई है।
-
ट्रांसपोर्टर की बात
डीजल के दाम और टोल टैक्स बढ़ने से स्थिति हुई कराब
डीजल की कीमतों में वृद्धि के साथ टोल टैक्स भी बढ़ा है। इसका सीधा असर ट्रांसपोर्ट पर हुआ है। जल्द ही आम लोगों पर भी इसका असर महंगाई के रूप में दिखने लगेगा। माल-भाड़ा बढ़ने के कारण लगभग सभी चीजों की कीमतों में इजाफा होगा। दूसरे राज्यों और दूसरे जिलों से आने वाले सामानों की कीमतें अभी से बढ़ने लगी हैं।
-गिरीश नारंग, ट्रांसपोर्टर
----------------
यहा प्रतिस्पर्धा का मिल रहा लाभ
माल-भाड़ा तो पहले ही बढ़ जाना चाहिए था। दरअसल, बदायूं में ट्रांसपोर्टर्स की कोई एसोसिएशन नहीं है। इसके साथ ही प्रतिस्पर्धा भी है। फिलहाल लोगों को यहां प्रतिस्पर्धा का लाभ मिल रहा है। अगर मौजूदा हालात को देखा जाए तो बदायूं-दिल्ली के बीच माल-भाड़े में 2500 से 3000 तक का इजाफा होना चाहिए।
-चिराग जुनेजा, ट्रांसपोर्टर
-
फोटो- 14
डीजल, पेट्रोल की कीमतों में इजाफा होने के साथ टोल टैक्स बढ़ने का सबसे ज्यादा असर टैक्सी व्यवसाय पर हुआ है। पिछले 15 दिन में टैक्सी की बुकिंग आधी भी नहीं रह गई है। बदायूं-बरेली के बीच टैक्सी किराया 4500 से बढ़कर 6000 रुपये तक हो गया है। ऐसे में अब लोग टैक्सी बुक करने से कतरा रहे हैं।
-राहुल ठाकुर, टैक्सी ऑपरेटर
-
यात्रियों ने कहा-सिर्फ किराया नहीं बढ़ा, हर चीज के दाम बढ़े
सिर्फ यात्री किराया नहीं बढ़ा है हर चीज पर महंगाई दिख रही है। एक महीने के भीतर पेट्रोल की कीमतों में 10 रुपये तक का इजाफा हुआ है। आम आदमी के लिए बाइक से चलना भी मुश्किल हो गया है। अब सार्वजनिक यात्रा भी महंगी हो रही है। लंबी दूरी की यात्रा करने के लिए ज्यादा किराया देना पड़ रहा है।
-सचिन
-
बाइक और कार चलाने के साथ अब सार्वजनिक वाहनों में भी यात्रा महंगी हो रही है। लोकल रूटों पर फिलहाल असर नहीं है, लेकिन टोल टैक्स बढ़ने के कारण बदायूं-लखनऊ, बदायूं-दिल्ली, बदायूं-देहरादून रूटों पर रोडवेज बसों में ज्यादा किराया देना पड़ रहा है। दूसरे राज्यों की लंबी दूरी की बसों में किराया और भी ज्यादा है।
-विनोद जटवानी
-
महंगाई पहले ही कम नहीं थी। खाने-पीने की चीजों पर लगातार दाम बढ़ रहे हैं। आम आदमी और गरीब तबके के लोगों के लिए सबसे ज्यादा परेशानी है। डीजल-पेट्रोल की कीमतों का असर हर क्षेत्र पर होता है। आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ेगी। महंगाई पर काबू के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
-हरि किशन
-
बदायूं डिपो में प्रति दिन करीब 8000 लीटर डीजल की खपत होती है। फिलहाल डीजल की कीमतों में वृद्घि के कारण किराया नहीं बढ़ाया गया है। टोल टैक्स में इजाफा होने के कारण किराये में मामूली वृद्धि की गई है। अलग-अलग रूटों पर अलग-अलग डिपो की बसों में किराया वृद्धि दस रुपये तक की गई है।
-लक्ष्मण सिंह, एआरएम
विज्ञापन
डीजल और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि 21 मार्च से शुरू हुई थी। इसके बाद से प्रतिदिन कीमतों में इजाफा हो रहा है। 15 मार्च को डीजल 86.91 और पेट्रोल 95.39 रुपये प्रति लीटर था। शुक्रवार को डीजल का भाव 96.93 और पेट्रोल का 105.36 रुपये प्रति लीटर रहा। इस बीच पिछले दिनों नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर पड़ने वाले टोल टैक्स में भी सरकार ने इजाफा कर दिया। इसका सबसे ज्यादा असर असर ट्रांसपोर्ट पर हुआ है।
विज्ञापन
बदायूं से दिल्ली के बीच माल-भाड़े में 2500 रुपये तक का इजाफा हो गया है। इसके साथ ही टोल टैक्स बढ़ने के कारण रोडवेज ने भी पांच रुपये तक किराया बढ़ा दिया है। दरअसल, बदायूं डिपो की बसों का नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर जाना कम होता है। बदायूं से दिल्ली और देहरादून के लिए चलने वाली बसों में किराया बढ़ाया गया है। राजस्थान, हरियाणा राज्यों की बदायूं तक आने वाली रोडवेज बसों में यह किराया दस रुपये तक बढ़ाया गया है।
विज्ञापन
डीजल की कीमतों के साथ टोल टैक्स में इजाफा होने से टैक्सी संचालक भी परेशान हैं। बदायूं से बरेली के बीच जिस टैक्सी का किराया अब तक 1200-1400 था वह बढ़ कर 1700-1800 रुपये तक हो गया है। डीजल और टोल टैक्स की कीमत बढ़ने से बदायूं-दिल्ली के बीच टैक्सी किराया 4500 रुपये से बढ़ कर 6000 रुपये तक हो गया है।
-
रोडवेज को प्रतिदिन 9000 रुपये से ज्यादा का नुकसान
डीजल की कीमतों में वृद्धि के कारण परिवहन निगम के बदायूं डिपो को प्रतिदिन करीब 9000 रुपये से ज्यादा ा नुकसान हो रहा है। निगम ने अभी डीजल की बढ़ी कीमतों का किराया लागू नहीं किया है। सिर्फ टोल टैक्स की बढ़ी राशि का किराया बढ़ाया गया है। रोडवेज के बदायूं डिपो के बेड़े में 131 निगम की बसें शामिल हैं। इन बसों में प्रतिदिन औसतन आठ हजार लीटर से ज्यादा डीजल की खपत होती है। जो डीजल 15 मार्च तक 86.91 रुपये प्रति लीटर था वह शुक्रवार को 96.93 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया। ऐसे में डिपो को प्रतिदिन नुकसान हो रहा है।
-
मंदा होने लगा टैक्सी का व्यापार
डीजल और पेट्रोल की कीमतों में इजाफा होने के बाद अब टैक्सी का व्यापार मंदा होने लगा है। टैक्सी में चलने वाले चार पहिया वाहनों की अब तक अच्छी बुकिंग हुआ करती थी। लोग बदायूं से बरेली, दिल्ली, आगरा, मथुरा, नैनीताल आदि स्थानों पर जाने के लिए टैक्सी किराये पर लेते थे। टैक्सी ऑपरेटर राहुल ठाकुर का कहना है कि ज्यादातर चार पहिया वाहन पेट्रोल से चलते हैं। पेट्रोल की कीमतों में दस रुपये तक का इजाफा हुआ है। ऐसे में लोग अब ज्यादा खर्च करने के स्थान पर या तो सार्वजनिक वाहनों से या फिर खुद के निजी वाहनों से यात्रा को तवज्जो दे रहे हैं। टैक्सी की बुकिंग पिछले 15 दिन में घटकर आधी रह गई है।
-
ट्रांसपोर्टर की बात
डीजल के दाम और टोल टैक्स बढ़ने से स्थिति हुई कराब
डीजल की कीमतों में वृद्धि के साथ टोल टैक्स भी बढ़ा है। इसका सीधा असर ट्रांसपोर्ट पर हुआ है। जल्द ही आम लोगों पर भी इसका असर महंगाई के रूप में दिखने लगेगा। माल-भाड़ा बढ़ने के कारण लगभग सभी चीजों की कीमतों में इजाफा होगा। दूसरे राज्यों और दूसरे जिलों से आने वाले सामानों की कीमतें अभी से बढ़ने लगी हैं।
-गिरीश नारंग, ट्रांसपोर्टर
----------------
यहा प्रतिस्पर्धा का मिल रहा लाभ
माल-भाड़ा तो पहले ही बढ़ जाना चाहिए था। दरअसल, बदायूं में ट्रांसपोर्टर्स की कोई एसोसिएशन नहीं है। इसके साथ ही प्रतिस्पर्धा भी है। फिलहाल लोगों को यहां प्रतिस्पर्धा का लाभ मिल रहा है। अगर मौजूदा हालात को देखा जाए तो बदायूं-दिल्ली के बीच माल-भाड़े में 2500 से 3000 तक का इजाफा होना चाहिए।
-चिराग जुनेजा, ट्रांसपोर्टर
-
फोटो- 14
डीजल, पेट्रोल की कीमतों में इजाफा होने के साथ टोल टैक्स बढ़ने का सबसे ज्यादा असर टैक्सी व्यवसाय पर हुआ है। पिछले 15 दिन में टैक्सी की बुकिंग आधी भी नहीं रह गई है। बदायूं-बरेली के बीच टैक्सी किराया 4500 से बढ़कर 6000 रुपये तक हो गया है। ऐसे में अब लोग टैक्सी बुक करने से कतरा रहे हैं।
-राहुल ठाकुर, टैक्सी ऑपरेटर
-
यात्रियों ने कहा-सिर्फ किराया नहीं बढ़ा, हर चीज के दाम बढ़े
सिर्फ यात्री किराया नहीं बढ़ा है हर चीज पर महंगाई दिख रही है। एक महीने के भीतर पेट्रोल की कीमतों में 10 रुपये तक का इजाफा हुआ है। आम आदमी के लिए बाइक से चलना भी मुश्किल हो गया है। अब सार्वजनिक यात्रा भी महंगी हो रही है। लंबी दूरी की यात्रा करने के लिए ज्यादा किराया देना पड़ रहा है।
-सचिन
-
बाइक और कार चलाने के साथ अब सार्वजनिक वाहनों में भी यात्रा महंगी हो रही है। लोकल रूटों पर फिलहाल असर नहीं है, लेकिन टोल टैक्स बढ़ने के कारण बदायूं-लखनऊ, बदायूं-दिल्ली, बदायूं-देहरादून रूटों पर रोडवेज बसों में ज्यादा किराया देना पड़ रहा है। दूसरे राज्यों की लंबी दूरी की बसों में किराया और भी ज्यादा है।
-विनोद जटवानी
-
महंगाई पहले ही कम नहीं थी। खाने-पीने की चीजों पर लगातार दाम बढ़ रहे हैं। आम आदमी और गरीब तबके के लोगों के लिए सबसे ज्यादा परेशानी है। डीजल-पेट्रोल की कीमतों का असर हर क्षेत्र पर होता है। आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ेगी। महंगाई पर काबू के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
-हरि किशन
-
बदायूं डिपो में प्रति दिन करीब 8000 लीटर डीजल की खपत होती है। फिलहाल डीजल की कीमतों में वृद्घि के कारण किराया नहीं बढ़ाया गया है। टोल टैक्स में इजाफा होने के कारण किराये में मामूली वृद्धि की गई है। अलग-अलग रूटों पर अलग-अलग डिपो की बसों में किराया वृद्धि दस रुपये तक की गई है।
-लक्ष्मण सिंह, एआरएम