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अफसरों को ऐसी जगह दिखाई, जहां पर पहले से थी सफाई
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बदायूं। शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए डीएम ने जो कवायद की उसे पालिका के सुपरवाइजरों व सफाई नायकों ने पहले दिन फ्लॉप कर दिया। सभी 29 वार्डों में भेजे गए जिला स्तरीय अधिकारियों को पालिका की टीम ऐसे इलाकों में निरीक्षण कराने ले गई जहां पहले से सफाई थी। अफसरों ने सफाई व्यवस्था पर खुश होकर कर्मचारियों की पीठ भी ठोंकी। इधर, दिन भर शहर की सड़क पर गंदगी पड़ी रही तो कई जगह सड़क पर जलभराव भी देखने को मिला।
शहर में कुछ दिन से सफाई व्यवस्था फेल है। जिधर देखो उधर गंदगी ही दिखाई देती है। हालात ये है कि नालियों की जगह अधिकतर पानी सड़क पर बहता नजर आता है। इसे ध्यान में रखते हुए चुनाव से पहले नगर विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता ने शहर की सफाई व्यवस्था की कमान अपने हाथ में ली थी। देहात क्षेत्र के 200 सफाई कर्मचारियों को बुलाकर शहर में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कराया। चुनाव की वजह से यह अभियान बीच में रुक गया। अब चुनाव निपटने के बाद भी शहर की सफाई व्यवस्था नहीं सुधर रही है। शिकायतों पर डीएम दीपा रंजन ने शहर के 29 वार्डों के लिए एक-एक जिला स्तरीय अधिकारी को लगाया था।
इन्हें बुधवार से शहर के सभी वार्डों में घूमकर निरीक्षण करना था। अधिकारियों को शहर का भौगोलिक ज्ञान नहीं होने की वजह से समस्याएं आईं तो उन्होंने पालिका के सुपरवाइजर व सफाई नायकों के साथ निरीक्षण शुरू किया। बताते हैं कि पूरे दिन सफाई नायक अपनी मर्जी के हिसाब से घुमाते रहे। इसकी वजह से जहां पर सफाई थी, उन्हीं जगहों को दिखाया गया और अधिकारी खुश होते नजर आए। जबकि हकीकत कुछ और ही बयां कर रही थी। शहर में अधिकतर जगहों से दोपहर बाद तक कूड़ा नहीं उठा था।
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शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर पालिका की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अचानक डीएम ने जिलास्तरीय अधिकारियों को लगाकर सफाई कार्य का जो निरीक्षण कराया है, उसके बारे में हमें जानकारी नहीं है। हो सकता है कि स्टाफ से मदद मांगी गई हो।
- दीपमाला गोयल, पालिकाध्यक्ष
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शहर में कुछ दिन से सफाई व्यवस्था फेल है। जिधर देखो उधर गंदगी ही दिखाई देती है। हालात ये है कि नालियों की जगह अधिकतर पानी सड़क पर बहता नजर आता है। इसे ध्यान में रखते हुए चुनाव से पहले नगर विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता ने शहर की सफाई व्यवस्था की कमान अपने हाथ में ली थी। देहात क्षेत्र के 200 सफाई कर्मचारियों को बुलाकर शहर में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कराया। चुनाव की वजह से यह अभियान बीच में रुक गया। अब चुनाव निपटने के बाद भी शहर की सफाई व्यवस्था नहीं सुधर रही है। शिकायतों पर डीएम दीपा रंजन ने शहर के 29 वार्डों के लिए एक-एक जिला स्तरीय अधिकारी को लगाया था।
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इन्हें बुधवार से शहर के सभी वार्डों में घूमकर निरीक्षण करना था। अधिकारियों को शहर का भौगोलिक ज्ञान नहीं होने की वजह से समस्याएं आईं तो उन्होंने पालिका के सुपरवाइजर व सफाई नायकों के साथ निरीक्षण शुरू किया। बताते हैं कि पूरे दिन सफाई नायक अपनी मर्जी के हिसाब से घुमाते रहे। इसकी वजह से जहां पर सफाई थी, उन्हीं जगहों को दिखाया गया और अधिकारी खुश होते नजर आए। जबकि हकीकत कुछ और ही बयां कर रही थी। शहर में अधिकतर जगहों से दोपहर बाद तक कूड़ा नहीं उठा था।
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शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर पालिका की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अचानक डीएम ने जिलास्तरीय अधिकारियों को लगाकर सफाई कार्य का जो निरीक्षण कराया है, उसके बारे में हमें जानकारी नहीं है। हो सकता है कि स्टाफ से मदद मांगी गई हो।
- दीपमाला गोयल, पालिकाध्यक्ष