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बिसौली कोतवाली के लॉकअप से ऑटोलिफ्टर फरार, पुलिस में हड़कंप
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बिसौली कोतवाली के इसी लॉकअप से भागा था ऑटोलिफ्टर। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं/ बिसौली। सोमवार को बिसौली कोतवाली के लॉकअप से एक ऑटोलिफ्टर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। उसकी तलाश में पुलिस टीमें लगा दी गई हैं, लेकिन शाम तक उसका कुछ पता नहीं चला। पुलिस ने उसे दो दिन पहले चोरी की बाइक बेचते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। उसके फरार होने के बाद पुलिस ने लॉकअप का गेट बंद करने वाले सिपाही और ऑटोलिफ्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। सिपाही को सस्पेंड करने की तैयारी चल रही है।
ऑटोलिफ्टर रंजीत फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के ग्राम रहडौली का रहने वाला है। वह शनिवार शाम अपने साथी दीपू निवासी ग्राम मई के साथ चोरी की बाइक बेचने ईदगाह के नजदीक आया था। उसी दौरान कोतवाली में तैनात दरोगा सुरेंद्र सिंह को किसी तरह इसका पता चल गया। उन्होंने तुरंत सिपाहियों को बुलाया और ऑटोलिफ्टरों की घेराबंदी कर दी। इसमें रंजीत पकड़ा गया, जबकि दीपू भागने में सफल रहा। तब से पुलिस रंजीत से पूछताछ कर रही थी। पुलिस ने उसके साथी की तलाश में दबिश भी दी, लेकिन वह नहीं पकड़ा गया।
रविवार शाम पुलिस ने दोनों ऑटोलिफ्टरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। सोमवार को रंजीत को कोर्ट भेजने की तैयारी चल रही थी। वह सुबह आठ बजे लॉकअप में बंद था। उसी समय लॉकअप में बंद अन्य एक आरोपी को शौच लगी। उसने सिपाही शुभमपाल से कहा। जिस पर सिपाही उसे लॉकअप खोलकर शौचालय की ओर ले गया। उसने लॉकअप का कुंडा कम लगाया था। इससे रंजीत ने अंदर जाली से कुंडा सरका दिया। फिर वह दरवाजा खोलकर फरार हो गया। सिपाही वापस लौटा और उसने ऑटोलिफ्टर को गायब देखा तो उसके हाथ पैर फूल गए। इससे कोतवाली पुलिस में हड़कंप मच गया। तुरंत ही उसकी तलाश शुरू कर दी गई।
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इंस्पेक्टर पंकज लवानियां ने उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी। इस पर एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मामले की छानबीन करते हुए ऑटोलिफ्टर की तलाश में टीमें लगा दी हैं। एसएसपी के आदेश पर सिपाही शुभम पाल और ऑटोलिफ्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
ऑटोलिफ्टर की तलाश में तीन टीमें लगाईं
कोतवाली के लॉकअप से फरार ऑटोलिफ्टर की तलाश में पुलिस की तीन टीमें लगाई गई हैं। एक टीम में स्वयं इंस्पेक्टर पंकज लवानियां हैं। दो टीमों की कमान अलग-अलग दरोगा को सौंपी गई है। बताते हैं कि उसके फरार होने के बाद पुलिस ने फैजगंज बेहटा उसके गांव, रिश्तेदारियों में दबिश दी। बस स्टैंड आदि पर भी तलाश किया लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।
मूसाझाग और कादरचौक थाने से फरार हो चुके हैं अपराधी
बिसौली कोतवाली के लॉकअप से किसी अपराधी के फरार होने का ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले मूसाझाग और कादरचौक थाने से भी अपराधी फरार हो चुके हैं। चार-पांच माह पूर्व मूसाझाग थाने में एसओ ललित भाटी तैनात थे। तब एक आरोपी को जेल भेजा जा रहा था। तभी वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। वह दूसरे दिन पकड़ा भी गया, लेकिन कादरचौक थाने से फरार हुए आरोपी राजू उर्फ हाथी को पकड़ने में पांच-छह दिन लगे। यहां भी ये घटना एसओ ललित भाटी के समय हुई। वह मूसाझाग से ट्रांसफर होकर कादरचौक आ गए थे। ये मामले काफी चर्चा में रहे।
बिसौली कोतवाली के लॉकअप से एक ऑटोलिफ्टर फरार हुआ है। उसे कोर्ट भेजने की तैयारी थी। इसमें मुख्य लापरवाही पहरा की मानी जाएगी। इस मामले में सिपाही और ऑटोलिफ्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। बिसौली इंस्पेक्टर से कहा गया है कि वह इसकी पूरी रिपोर्ट बनाकर दें। उसके आधार पर सिपाही को सस्पेंड भी किया जाएगा।
- सिद्धार्थ वर्मा, एसपी देहात
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ऑटोलिफ्टर रंजीत फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के ग्राम रहडौली का रहने वाला है। वह शनिवार शाम अपने साथी दीपू निवासी ग्राम मई के साथ चोरी की बाइक बेचने ईदगाह के नजदीक आया था। उसी दौरान कोतवाली में तैनात दरोगा सुरेंद्र सिंह को किसी तरह इसका पता चल गया। उन्होंने तुरंत सिपाहियों को बुलाया और ऑटोलिफ्टरों की घेराबंदी कर दी। इसमें रंजीत पकड़ा गया, जबकि दीपू भागने में सफल रहा। तब से पुलिस रंजीत से पूछताछ कर रही थी। पुलिस ने उसके साथी की तलाश में दबिश भी दी, लेकिन वह नहीं पकड़ा गया।
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रविवार शाम पुलिस ने दोनों ऑटोलिफ्टरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। सोमवार को रंजीत को कोर्ट भेजने की तैयारी चल रही थी। वह सुबह आठ बजे लॉकअप में बंद था। उसी समय लॉकअप में बंद अन्य एक आरोपी को शौच लगी। उसने सिपाही शुभमपाल से कहा। जिस पर सिपाही उसे लॉकअप खोलकर शौचालय की ओर ले गया। उसने लॉकअप का कुंडा कम लगाया था। इससे रंजीत ने अंदर जाली से कुंडा सरका दिया। फिर वह दरवाजा खोलकर फरार हो गया। सिपाही वापस लौटा और उसने ऑटोलिफ्टर को गायब देखा तो उसके हाथ पैर फूल गए। इससे कोतवाली पुलिस में हड़कंप मच गया। तुरंत ही उसकी तलाश शुरू कर दी गई।
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इंस्पेक्टर पंकज लवानियां ने उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी। इस पर एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मामले की छानबीन करते हुए ऑटोलिफ्टर की तलाश में टीमें लगा दी हैं। एसएसपी के आदेश पर सिपाही शुभम पाल और ऑटोलिफ्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
ऑटोलिफ्टर की तलाश में तीन टीमें लगाईं
कोतवाली के लॉकअप से फरार ऑटोलिफ्टर की तलाश में पुलिस की तीन टीमें लगाई गई हैं। एक टीम में स्वयं इंस्पेक्टर पंकज लवानियां हैं। दो टीमों की कमान अलग-अलग दरोगा को सौंपी गई है। बताते हैं कि उसके फरार होने के बाद पुलिस ने फैजगंज बेहटा उसके गांव, रिश्तेदारियों में दबिश दी। बस स्टैंड आदि पर भी तलाश किया लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।
मूसाझाग और कादरचौक थाने से फरार हो चुके हैं अपराधी
बिसौली कोतवाली के लॉकअप से किसी अपराधी के फरार होने का ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले मूसाझाग और कादरचौक थाने से भी अपराधी फरार हो चुके हैं। चार-पांच माह पूर्व मूसाझाग थाने में एसओ ललित भाटी तैनात थे। तब एक आरोपी को जेल भेजा जा रहा था। तभी वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। वह दूसरे दिन पकड़ा भी गया, लेकिन कादरचौक थाने से फरार हुए आरोपी राजू उर्फ हाथी को पकड़ने में पांच-छह दिन लगे। यहां भी ये घटना एसओ ललित भाटी के समय हुई। वह मूसाझाग से ट्रांसफर होकर कादरचौक आ गए थे। ये मामले काफी चर्चा में रहे।
बिसौली कोतवाली के लॉकअप से एक ऑटोलिफ्टर फरार हुआ है। उसे कोर्ट भेजने की तैयारी थी। इसमें मुख्य लापरवाही पहरा की मानी जाएगी। इस मामले में सिपाही और ऑटोलिफ्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। बिसौली इंस्पेक्टर से कहा गया है कि वह इसकी पूरी रिपोर्ट बनाकर दें। उसके आधार पर सिपाही को सस्पेंड भी किया जाएगा।
- सिद्धार्थ वर्मा, एसपी देहात