फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Chowki incharge had threatened to send him to jail, punishment was certain

Budaun News: चौकी इंचार्ज ने दी थी जेल भेजने की धमकी, गाज गिरनी तय

Fri, 31 Jan 2025 02:05 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Updated Fri, 31 Jan 2025 02:05 AM IST
विज्ञापन
Chowki incharge had threatened to send him to jail, punishment was certain
बदायूं। जिले में कई जगह थाना व चौकियों पर तहरीर के नाम पर रिश्वत का खेल चल रहा है। पुलिस चौकियों के सिपाही तहरीर को आधार मानकर दूसरे पक्ष को झूठे मुकदमे में जेल भेजने की धमकी देकर वसूली करने में जुटे हैं। बुधवार को नवादा चौकी से एंटी करप्शन की टीम ने एक हेड कांस्टेबल को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। इस मामले में अब चौकी इंचार्ज पर अधिकारियों की कार्रवाई तय मानी जा रही है।
विज्ञापन

सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के आरिफपुर नवादा निवासी शादाब की मां नजरीन बेगम ने विलालउद्दीन, शाहबुउद्दीन, मुजस्सिम, करीम व उनकी पत्नी को करीब 200 गज जमीन के अलग-अलग बैनामे किए थे। 13.20 लाख रुपये में जमीन का सौदा हुआ था। इसके एवज में उन्हें 10.50 लाख रुपये दिए। 2.70 लाख रुपये देने शेष रह गए थे।
विज्ञापन

शादाब ने कहा कि जब यह रुपये की मांगे तो विलालउद्दीन, शाहबुउद्दीन एवं करीम ने नवादा चौकी प्रभारी अनंत अमौरिया को तहरीर देकर उनपर भू-माफिया होने का आरोप लगा दिया। इसके चलते चौकी इंचार्ज ने 25 जनवरी को हेड कांस्टेबल मनोज भार्गव एवं जयपाल को शादाब के घर भेजा।
विज्ञापन
विज्ञापन

हेड कांस्टेबल ने शादाब के घर आकर कहा कि उसके खिलाफ चौकी पर तहरीर आई है। इसमें उसे भू-माफिया बताया गया है। चौकी पर आकर बात कर लें। इस पर वह चौकी पहुंचा, जहां चौकी इंचार्ज के साथ विलालउद्दीन आदि लोग भी बैठे थे। जब शादाब ने उन लोगों पर करीब तीन लाख रुपये आने की बात कही तो चौकी इंचार्ज ने हेड कांस्टेबल से बात करके मामले को निपटाने के निर्देश दे दिए।
आरोप है कि हेड कांस्टेबल मनोज भार्गव ने चौकी इंचार्ज समेत खुद की सेवा पानी करने की बात कहकर दस हजार रुपये की मांग की। शादाब ने चौकी इंचार्ज और हेड कांस्टेबल की धमकी से तंग आकर एंटी करप्शन की टीम से शिकायत की थी। इस मामले में बृहस्पतिवार को एंटी करप्शन की टीम ने आरोपी हेड कांस्टेबल मनोज भार्गव को जेल भेज दिया। एंटी करप्शन की टीम ने भले ही चौकी इंचार्ज का नाम मुकदमे में शामिल न किया हो, लेकिन अब विभागीय स्तर पर इस मामले में चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।



एंटी करप्शन की प्री ट्रैप टीम ने जांच में चौकी इंचार्ज को भी पाया था दोषी
एंटी करप्शन टीम ने सिपाही को पकड़ने से पहले जांच कराई। जांच करने वाली प्री ट्रैप टीम के निरीक्षक इश्तियाक वारसी ने गोपनीय जांच आख्या में बताया कि शिकायतकर्ता शादाब ने जो शिकायत की है। वह आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। प्री ट्रैप टीम ने अपनी जांच में उपनिरीक्षक अनंत अमौरिया एवं आरक्षी मनोज भार्गव के बारे में कहा कि यह बिना रिश्वत के जनता का कोई काम सरलता एवं समय से नहीं करते हैं। जनता के बीच दोनों पुलिस कर्मियों की पहचान भ्रष्ट लोक सेवक में व्याप्त है। इसके बाद एंटी करप्शन टीम ने नवादा चौकी पर घेराबंदी करके हेड कांस्टेबल को पकड़ लिया। चूंकि हेड कांस्टेबल ने अपने बयानों में चौकी इंचार्ज का नाम नहीं लिया और न ही लेन देने में उनका कोई वास्ता बताया है। इस वजह से चौकी इंचार्ज के खिलाफ रिश्वतखोरी का मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सका।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed