{"_id":"5854086c4f1c1bdc3964ab81","slug":"chnandrabhan-got-prize","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिव्यांग चंद्रभान को राज्यपाल ने पुरस्कृत किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिव्यांग चंद्रभान को राज्यपाल ने पुरस्कृत किया
ब्यूरो/बदायूं
Updated Fri, 16 Dec 2016 11:36 PM IST
विज्ञापन
दिव्यांग चंद्रभान को राज्यपाल ने पुरस्कृत किया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उझानी क्षेत्र के गांव बरसुआ के रहने वाले दिव्यांग चंद्रभान सिंह को दिव्यांग जनों के हित में कार्य करने पर राज्य स्तरीय पुरस्कार दिया गया। राज्यपाल राम नाईक ने चंद्रभान को यह पुरस्कार देने के साथ प्रशस्ति पत्र और पांच हजार रुपये की धनराशि भी भेंट की। प्रदेश भर में केवल 17 दिव्यांग जनों को यह पुरस्कार दिया गया है।
दिव्यांग चंद्रभान ने गांव के सभी दिव्यांग जनों को नि:शुल्क शिक्षा देने के साथ उनकी पेंशन दिलाने और ट्राइसाइकिल आदि की व्यवस्था कराने में पूरा सहयोग करते हैं। यही वजह है कि जिले के अधिकारियों से लेकर राजनेताओं तक सभी से वह विकलांग जनों के हितों के लिए गुहार लगाकर विकलांगों की सहायता करते हैं। जिला विकलांग कल्याण विभाग की ओर से उनका नाम प्रदेश स्तरीय पुरस्कार के लिए भेजा गया, जिसमें उनका चयन होने पर राज्यपाल राम नाइक, विभाग के प्रमुख सचिव महेश गुप्ता, कैबिनेट मंत्री साहब सिंह सैनी ने उन्हें गोल्ड मेडल, प्रशस्ति पत्र और पांच हजार रुपये नगद पुरस्कार दिया। पुरस्कार पाकर लौटे चंद्रभान ने कहा कि अब वह विकलांग जनों की सेवा के लिए अधिक प्रयास करेंगे।
विज्ञापन
दिव्यांग चंद्रभान ने गांव के सभी दिव्यांग जनों को नि:शुल्क शिक्षा देने के साथ उनकी पेंशन दिलाने और ट्राइसाइकिल आदि की व्यवस्था कराने में पूरा सहयोग करते हैं। यही वजह है कि जिले के अधिकारियों से लेकर राजनेताओं तक सभी से वह विकलांग जनों के हितों के लिए गुहार लगाकर विकलांगों की सहायता करते हैं। जिला विकलांग कल्याण विभाग की ओर से उनका नाम प्रदेश स्तरीय पुरस्कार के लिए भेजा गया, जिसमें उनका चयन होने पर राज्यपाल राम नाइक, विभाग के प्रमुख सचिव महेश गुप्ता, कैबिनेट मंत्री साहब सिंह सैनी ने उन्हें गोल्ड मेडल, प्रशस्ति पत्र और पांच हजार रुपये नगद पुरस्कार दिया। पुरस्कार पाकर लौटे चंद्रभान ने कहा कि अब वह विकलांग जनों की सेवा के लिए अधिक प्रयास करेंगे।
विज्ञापन