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Budaun News: बारिश में टपकती छतों के नीचे पढ़ रहे बच्चे, दीवारें भी जर्जर

Sun, 27 Jul 2025 01:15 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 27 Jul 2025 01:15 AM IST
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Children studying under leaking roofs in the rain, walls also dilapidated
कुंवरगांव का कन्या उच्च प्राथमिक स्कूल की छत पर उगी घास। संवाद
बदायूं। बारिश में टपकती छतों के नीचे जान जोखिम में डालकर बच्चे पढ़ रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों ने ऐसे स्कूलों की सूची बनाई लेकिन अब तक उसमें सुधार नहीं किया गया है। एक दिन पहले राजस्थान में स्कूल भवन गिरने की घटना ने सभी को झकझोर दिया है। उस घटना के बाद जिले के अफसर अब सक्रिय हुए हैं और फिर से जर्जर स्कूलों की मरम्मत की फाइल निकाल ली है। शहर में कबूलपुरा स्थित प्राथमिक स्कूल नंबर तीन की छत ही नहीं रह गई है। छत की जगह पन्नी तानकर काम चलाया जा रहा है। अब तो दीवारें भी ढहने की स्थिति में हैं। विभाग ऐसे भवन को किराए पर लेकर संचालित कर रहा है। समाधान के लिए उच्चाधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है।
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जिम्मेदारों को हादसे का इंतजार
कुंवरगांव कस्बा में 63 साल पुराना कन्या उच्च प्राथमिक स्कूल जर्जर हालत में है। ऊपर से सही करा दिया, लेकिन बरसात में छताें से पानी रिसता रहता है। यहां पर कक्षा छह से आठ तक 176 छात्राएं पंजीकृत हैं। कार्यालय भवन और कक्षों में छतों से पानी रिसता है। पूर्व में बीएसए निरीक्षण के दौरान छतों पर घास उग जाने के मामले में एक प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर चुके हैं। मौजूदा प्रधानाध्यापिका पूनम शर्मा ने बताया कि भवन की मरम्मत कराई गई है। विद्यालय परिसर सड़क से काफी नीचा है। नगर पंचायत प्रशासन से कई बार विद्यालय परिसर में मिट्टी भराव के लिए पत्र लिखे लेकिन कोई मदद नहीं की।
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बिल्सी का प्राथमिक विद्यालय की टूटी बाउंड्री
बिल्सी नगर के मोहल्ला पांच में प्राथमिक स्कूल का भवन लंबे समय से जर्जर हाल है। छत की बाउंड्रीवाल टूटी है। इसमें पढ़ने वाले बच्चों को हर समय खतरा बना रहता है। स्टाफ ने विभागीय अधिकारियों को कई बार इस मामले में अवगत कराया गया है, लेकिन किसी ने इसका संज्ञान नहीं लिया है।
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खतरे के साये में हैं चौसिंगा विद्यालय के 117 बच्चे
कछला के चौसिंगा के प्राथमिक स्कूल में दो कमरों में पांच कक्षाएं चल रही हैं। दोनों कक्ष और एक बरामदा बेहद जर्जर हालत में हैं। छतों का सीमेंट कई जगह से छूट चुका है। जर्जर भवन की सूची में इसका नाम आने के बाद भी उच्चाधिकारियों ने आगे कोई कदम नहीं उठाया है। यहां 75 विद्यार्थी पंजीकृत थे और 42 नूरगंज विद्यालय से विलय किए गए हैं। कुल 117 विद्यार्थी हो गए हैं। ऐसे में इस जर्जर इमारत में विद्यार्थियों का जीवन खतरे में है। सहायक अध्यापक हेमंत ने बताया कि जर्जर बिल्डिंग के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। जर्जर भवनों की सूची में नाम भी आ गया है, लेकिन कोई कार्य नहीं कराया जा रहा।


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वर्जन
- जर्जर स्कूल भवनों काे बीईओ के माध्यम से चिह्नित कराया गया है। उसके बाद में लोक निर्माण विभाग से उन विद्यालयों की बिल्डिंग की जांच कराई जा रही है। उनकी रिपोर्ट मिलने के बाद में जर्जर बिल्डिंग को ध्वस्त कराया जाएगा। साथ ही शिक्षकों को निर्देश दिए है कि वह जर्जर बिल्डिंग के नीचे बच्चों को न बैठाए। - वीरेंद्र कुमार सिंह, बीएसए

कुंवरगांव का कन्या उच्च प्राथमिक स्कूल की छत पर उगी घास। संवाद

कुंवरगांव का कन्या उच्च प्राथमिक स्कूल की छत पर उगी घास। संवाद

कुंवरगांव का कन्या उच्च प्राथमिक स्कूल की छत पर उगी घास। संवाद

कुंवरगांव का कन्या उच्च प्राथमिक स्कूल की छत पर उगी घास। संवाद

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