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चिकनगुनिया से वृद्धा, डेंगू से बच्ची की मौत
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sun, 25 Sep 2016 11:43 PM IST
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ककराला कस्बे में बेकाबू होते जा रहे हालात
कस्बे में 200 से ज्यादा लोग बुखार की चपेट में
कस्बा ककराला में संक्रामक बुखार बेकाबू होता जा रहा है। चौबीस घंटे में एक वृद्धा की चिकनगुनिया और बच्ची की डेंगू बुखार से मौत हो गई है। कस्बे में करीब 200 लोग संक्रामक रोगों की चपेट में हैं। स्वास्थ्य विभाग समेत कई समाजसेवियों की ओर से भी हेल्थ कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। इसके बावजूद हालात पर काबू नहीं हो रहा।
ककराला कस्बे के वार्ड नंबर छह निवासी शमशेर अली की बेवा पत्नी अक्कन बेगम (74) को कई दिन से बुखार आ रहा था। डॉक्टर ने उनको चिकनगुनिया होने की बात कही थी। परिवार वाले स्थानीय डॉक्टर से ही इलाज करा रहे थे। रविवार को अक्कन बेगम की मौत हो गई। इधर, वार्ड नबर 17 के अफजाल की 10 वर्षीय बेटी रहनुमा बुखार से पीड़ित थी। रहनुमा को स्थानीय डॉक्टरों ने डेंगू की पुष्टि की थी। इलाज के दौरान रहनुमा ने भी दम तोड़ दिया। कस्बे में करीब 200 लोग बुखार की चपेट में हैं। बुखार से लगातार हो रहीं मौतों की वजह से लोग खौफजदा हैं।
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18 टीमें फिर भी बेकाबू हो रहे हालात
बदायूं। संक्रामक रोगों पर काबू पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और संक्रामक रोग नियंत्रण सेल की 18 टीमें बुखार प्रभावित इलाकों में कैंप कर रही हैं। अब तक करीब 70 हजार लोगों की मलेरिया जांच भी कराई जा चुकी है। लगातार दवाओं का वितरण किया जा रहा है। कई जगहों पर समाजसेवी संगठन भी हेल्थ कैंपों का आयोजन कर रहे हैं। इसके बावजूद स्थिति पर काबू नहीं हो पा रहा।
कस्बे में 200 से ज्यादा लोग बुखार की चपेट में
कस्बा ककराला में संक्रामक बुखार बेकाबू होता जा रहा है। चौबीस घंटे में एक वृद्धा की चिकनगुनिया और बच्ची की डेंगू बुखार से मौत हो गई है। कस्बे में करीब 200 लोग संक्रामक रोगों की चपेट में हैं। स्वास्थ्य विभाग समेत कई समाजसेवियों की ओर से भी हेल्थ कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। इसके बावजूद हालात पर काबू नहीं हो रहा।
ककराला कस्बे के वार्ड नंबर छह निवासी शमशेर अली की बेवा पत्नी अक्कन बेगम (74) को कई दिन से बुखार आ रहा था। डॉक्टर ने उनको चिकनगुनिया होने की बात कही थी। परिवार वाले स्थानीय डॉक्टर से ही इलाज करा रहे थे। रविवार को अक्कन बेगम की मौत हो गई। इधर, वार्ड नबर 17 के अफजाल की 10 वर्षीय बेटी रहनुमा बुखार से पीड़ित थी। रहनुमा को स्थानीय डॉक्टरों ने डेंगू की पुष्टि की थी। इलाज के दौरान रहनुमा ने भी दम तोड़ दिया। कस्बे में करीब 200 लोग बुखार की चपेट में हैं। बुखार से लगातार हो रहीं मौतों की वजह से लोग खौफजदा हैं।
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18 टीमें फिर भी बेकाबू हो रहे हालात
बदायूं। संक्रामक रोगों पर काबू पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और संक्रामक रोग नियंत्रण सेल की 18 टीमें बुखार प्रभावित इलाकों में कैंप कर रही हैं। अब तक करीब 70 हजार लोगों की मलेरिया जांच भी कराई जा चुकी है। लगातार दवाओं का वितरण किया जा रहा है। कई जगहों पर समाजसेवी संगठन भी हेल्थ कैंपों का आयोजन कर रहे हैं। इसके बावजूद स्थिति पर काबू नहीं हो पा रहा।
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