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सीडीओ की पाठशाला में मास्साब हो गए फेल
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
Updated Thu, 07 Jan 2016 09:07 PM IST
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गुरुवार को गुरु की भूमिका में नजर आए सीडीओ
सीडीपीओ का वेतन रोकने, लेखपाल को निलंबित करने के निर्देश
प्रभारी डीएम ने उसी परिसर में स्थित प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को शिक्षक समान बोर्ड पर लिखकर और हिंदी, गणित आदि के संबंध में पूछा तो बच्चे प्रारंभ के पाठ के उत्तर ही नहीं दे सके। उन्होंने एक क्लास में होशियार दो बच्चों को नकद पुरस्कार राशि भी भेंट की। चितौरा स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र में ताला लगा मिला तो उन्होंने नाराजगी जताई। ग्राम सैंजनी के प्राथमिक विद्यालय के शौचालयों की ओर जाने पर रास्ते पर गांव के ही अलाउद्दीन ने अवैध कब्जा कर रखा है। सीडीओ ने मौके पर उसे तलब कर तत्काल कब्जा हटाने के निर्देश दिए, कहा अन्यथा जेल भेज दिया जाएगा।
बाद में सीडीओ ने पोषण मिशन के तहत गोद लिए ब्लाक म्याऊं के ग्राम चितौरा और दातागंज के ग्राम सैंजनी पहुंचकर आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। चितौरा में दोंनों आंगनबाड़ी केंद्रों पर 16 बच्चे अति कुपोषित पाए गए।
बच्चों को बांटी मिठाई
बदायूं। प्रभारी जिलाधिकारी ने ग्राम चितौरा और ग्राम सैंजनी स्थित चारों आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को अपनी ओर मिठाई बांटी। केंद्र की ओर से बिस्कुट और पोषाहार भी वितरित किया। कई बच्चों का वजन भी कराया।
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एक हफ्ते से नहीं बंटा एमडीएम
बदायूं। ग्राम चितौरा स्थित प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को एक हफ्ते से मध्याह्न भोजन नहीं मिला है। सीडीओ ने गांव से ही बीएसए से मोबाइल पर वार्ता कर तत्काल मध्याह्न भोजन की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
गांव को मिले 25 शौचालय
बदायूं। प्रभारी डीएम ने गांव के लोगों द्वारा खुले में शौच को जाने की कुप्रथा पर असंतोष व्यक्त करते समझाया कि खुले में शौच जाने पर गांव में बीमारियां बढ़ेगी और कुपोषित बच्चे ठीक नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की आर्थिक स्थिति ठीक-ठाक है वह स्वयं शौचालय बनाएं और अति गरीबों के लिए उन्होंने 25 शौचालय बनवाने की घोषणा की। इन शौचालयों के निर्माण पर तीन लाख रुपये व्यय होगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी निर्मल शर्मा और पंचायत राज विभाग के कर्मी मौजूद रहे।
पहले पिता को समझाएं वरना एफआईआर कराएं
बदायूं। गांव चितौरा में एक माह की रेनू नामक बच्ची का मात्र सात सौ ग्राम वजन होने पर प्रभारी डीएम ने तत्काल जिला चिकित्सालय स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने के निर्देश दिए। गांव की आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने बताया कि उसका पिता ऋषिपाल भर्ती नहीं करा रहा है। प्रभारी डीएम ने एकत्र गांव वालों और प्रधान से कहा उसे समझाएं अन्यथा बच्चे की मृत्यु होने पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेजा जाएगा। पुनर्वास केंद्र में बच्चे के साथ रहने वाली उसकी मां को प्रति दिन सौ रुपये दिए जाने की व्यवस्था के साथ ही नि:शुल्क भोजन भी दिया जाता है। गांव वालों ने अवगत कराया कि जिला चिकित्सालय स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में शौचालय न होने के कारण बच्चों के साथ जाने वाली महिलाओं को असुविधा होती है।
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सीडीपीओ का वेतन रोकने, लेखपाल को निलंबित करने के निर्देश
प्रभारी डीएम ने उसी परिसर में स्थित प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को शिक्षक समान बोर्ड पर लिखकर और हिंदी, गणित आदि के संबंध में पूछा तो बच्चे प्रारंभ के पाठ के उत्तर ही नहीं दे सके। उन्होंने एक क्लास में होशियार दो बच्चों को नकद पुरस्कार राशि भी भेंट की। चितौरा स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र में ताला लगा मिला तो उन्होंने नाराजगी जताई। ग्राम सैंजनी के प्राथमिक विद्यालय के शौचालयों की ओर जाने पर रास्ते पर गांव के ही अलाउद्दीन ने अवैध कब्जा कर रखा है। सीडीओ ने मौके पर उसे तलब कर तत्काल कब्जा हटाने के निर्देश दिए, कहा अन्यथा जेल भेज दिया जाएगा।
बाद में सीडीओ ने पोषण मिशन के तहत गोद लिए ब्लाक म्याऊं के ग्राम चितौरा और दातागंज के ग्राम सैंजनी पहुंचकर आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। चितौरा में दोंनों आंगनबाड़ी केंद्रों पर 16 बच्चे अति कुपोषित पाए गए।
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बच्चों को बांटी मिठाई
बदायूं। प्रभारी जिलाधिकारी ने ग्राम चितौरा और ग्राम सैंजनी स्थित चारों आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को अपनी ओर मिठाई बांटी। केंद्र की ओर से बिस्कुट और पोषाहार भी वितरित किया। कई बच्चों का वजन भी कराया।
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एक हफ्ते से नहीं बंटा एमडीएम
बदायूं। ग्राम चितौरा स्थित प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को एक हफ्ते से मध्याह्न भोजन नहीं मिला है। सीडीओ ने गांव से ही बीएसए से मोबाइल पर वार्ता कर तत्काल मध्याह्न भोजन की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
गांव को मिले 25 शौचालय
बदायूं। प्रभारी डीएम ने गांव के लोगों द्वारा खुले में शौच को जाने की कुप्रथा पर असंतोष व्यक्त करते समझाया कि खुले में शौच जाने पर गांव में बीमारियां बढ़ेगी और कुपोषित बच्चे ठीक नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की आर्थिक स्थिति ठीक-ठाक है वह स्वयं शौचालय बनाएं और अति गरीबों के लिए उन्होंने 25 शौचालय बनवाने की घोषणा की। इन शौचालयों के निर्माण पर तीन लाख रुपये व्यय होगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी निर्मल शर्मा और पंचायत राज विभाग के कर्मी मौजूद रहे।
पहले पिता को समझाएं वरना एफआईआर कराएं
बदायूं। गांव चितौरा में एक माह की रेनू नामक बच्ची का मात्र सात सौ ग्राम वजन होने पर प्रभारी डीएम ने तत्काल जिला चिकित्सालय स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने के निर्देश दिए। गांव की आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने बताया कि उसका पिता ऋषिपाल भर्ती नहीं करा रहा है। प्रभारी डीएम ने एकत्र गांव वालों और प्रधान से कहा उसे समझाएं अन्यथा बच्चे की मृत्यु होने पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेजा जाएगा। पुनर्वास केंद्र में बच्चे के साथ रहने वाली उसकी मां को प्रति दिन सौ रुपये दिए जाने की व्यवस्था के साथ ही नि:शुल्क भोजन भी दिया जाता है। गांव वालों ने अवगत कराया कि जिला चिकित्सालय स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में शौचालय न होने के कारण बच्चों के साथ जाने वाली महिलाओं को असुविधा होती है।