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240 सीसी सड़कों के निर्माण को अनुमोदन
बदायूं।
Updated Thu, 11 Dec 2014 12:27 AM IST
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जिला परियोजना प्रबंध इकाई की बैठक में समस्त ब्लाक, नगर पंचायत, नगर पालिका परिषद एवं जिला पंचायत के क्षेत्रों में पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि योजना से लगभग 24 करोड़ की लागत से 240 सीसी सड़कों को वित्तीय अनुमोदन प्रदान कर दिया गया।
डीएम शम्भूनाथ ने बुधवार को कलक्ट्रेट स्थित नवीन सभाकक्ष में पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि योजना (बीआरजीएफ) की समीक्षा एवं आगामी कार्य योजना के लिए प्रबंध इकाई की बैठक में 24 करोड़ के अनुमोदन को हरी झंडी दे दिए जाने से विकास कार्यों को गति मिलेगी। जिलाधिकारी ने इस मौके पर कहा कि सभी कार्यदायी संस्थाएं खंड विकास अधिकारी, स्थानीय निकाय के अधिशासी अधिकारी एवं जिला पंचायत के अधिकारी अपनी अपनी वित्तीय स्वीकृति को प्रस्ताव एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि योजना के तहत बनाई जाने वाली सड़कों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। मानक के अनुसार यदि कोई सड़क निर्धारित अवधि से पहले टूटती है, उखड़ती है तो उसके लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार मानकर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसी योजनांतर्गत नगर पालिका परिषद बदायूं में पूर्व स्वीकृत 22 सड़कों का निर्माण कार्य पूरा न होने पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी के प्रति कड़ी नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि पंद्रह दिन के अंदर सभी सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण कराकर उन्हें अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा कि जिन पूर्व स्वीकृति सड़कों पर निर्माण कार्य जारी है उन सड़कोें की सत्यापन अधिकारी द्वारा मौके पर जांच कराकर अवशेष दस प्रतिशत धनराशि की मांग भी संबंधित अधिकारी द्वारा कर ली जाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012-13 और 2013-14 के बीआरजीएफ अन्तर्गत अभिलेखों का ऑडिट भी अवश्य कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों द्वारा गत दो वर्षों में जो धनराशि प्राप्त की है उसका उपभोग प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।
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इस अवसर पर एएमए जिला पंचायत हरिपाल सिंह यादव, डीपीआरओ राजेश यादव, जिला पंचायत के अभियंता संजय कुमार शर्मा, वित्तीय परामर्शदाता एहैन्स, समस्त खण्ड विकास अधिकारी एवं स्थानीय निकाय के अधिशासी अधिकारी मौजूद रहे।
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डीएम शम्भूनाथ ने बुधवार को कलक्ट्रेट स्थित नवीन सभाकक्ष में पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि योजना (बीआरजीएफ) की समीक्षा एवं आगामी कार्य योजना के लिए प्रबंध इकाई की बैठक में 24 करोड़ के अनुमोदन को हरी झंडी दे दिए जाने से विकास कार्यों को गति मिलेगी। जिलाधिकारी ने इस मौके पर कहा कि सभी कार्यदायी संस्थाएं खंड विकास अधिकारी, स्थानीय निकाय के अधिशासी अधिकारी एवं जिला पंचायत के अधिकारी अपनी अपनी वित्तीय स्वीकृति को प्रस्ताव एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
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उन्होंने कहा कि पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि योजना के तहत बनाई जाने वाली सड़कों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। मानक के अनुसार यदि कोई सड़क निर्धारित अवधि से पहले टूटती है, उखड़ती है तो उसके लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार मानकर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसी योजनांतर्गत नगर पालिका परिषद बदायूं में पूर्व स्वीकृत 22 सड़कों का निर्माण कार्य पूरा न होने पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी के प्रति कड़ी नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि पंद्रह दिन के अंदर सभी सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण कराकर उन्हें अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा कि जिन पूर्व स्वीकृति सड़कों पर निर्माण कार्य जारी है उन सड़कोें की सत्यापन अधिकारी द्वारा मौके पर जांच कराकर अवशेष दस प्रतिशत धनराशि की मांग भी संबंधित अधिकारी द्वारा कर ली जाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012-13 और 2013-14 के बीआरजीएफ अन्तर्गत अभिलेखों का ऑडिट भी अवश्य कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों द्वारा गत दो वर्षों में जो धनराशि प्राप्त की है उसका उपभोग प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।
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इस अवसर पर एएमए जिला पंचायत हरिपाल सिंह यादव, डीपीआरओ राजेश यादव, जिला पंचायत के अभियंता संजय कुमार शर्मा, वित्तीय परामर्शदाता एहैन्स, समस्त खण्ड विकास अधिकारी एवं स्थानीय निकाय के अधिशासी अधिकारी मौजूद रहे।