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Budaun News: चार हजार नहीं सौ रुपये में निरस्त कराएं स्कूली वाहनों का पंजीकरण
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बदायूं। जिले के जिन स्कूलों के मालिक कंडम वाहनों का पंजीकरण निरस्त नहीं करा पा रहे थे उनको परिवहन निगम ने बड़ी राहत दी है। अब पंजीकरण निरस्त चार हजार रुपये के बजाय सौ रुपये में ही कर दिया जाएगा। तीन दिन में अब तक 12 वाहनों का पंजीकरण निरस्त हो चुका है। अनुमान है कि अब और तेजी से पंजीकरण निरस्त होंगे।
परिवहन निगम ने सात अगस्त को आदेश जारी किया था कि अब स्कूली वाहनों का पंजीकरण केवल सौ रुपये का शुल्क जमा करने पर निरस्त होगा। वाहन मालिक से चार हजार रुपये का शुल्क जमा नहीं कराया जाएगा। एक माह पहले परिवहन निगम के अधिकारियों ने टीम बनाकर स्कूली वाहनों का सर्वे किया था। तब 103 वाहन अनफिट पाए गए थे। उनमें किसी की फिटनेस नहीं थी तो किसी का बीमा नहीं हुआ था।
इस पर अधिकारियों ने उनकी फिटनेस कराने के लिए अभियान भी चलाया था। सर्वे के दौरान तमाम वाहन कंडम पाए गए थे, लेकिन उनका पंजीकरण निरस्त नहीं कराया गया था। स्कूल मालिकों का कहना था कि इन वाहनों को प्रयोग में नहीं लिया जा रहा है, लेकिन पंजीकरण निरस्त कराने का शुल्क ज्यादा है, जिससे वह वाहनों का पंजीकरण निरस्त नहीं करा पा रहे हैं। अब शुल्क सौ रुपये होने पर पंजीकरण निरस्त कराने वालों में तेजी आई है।
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स्कूली वाहनों का पंजीकरण निरस्त कराने का शुल्क पहले चार हजार रुपये था, जिस कारण वाहन स्वामी पंजीकरण निरस्त नहीं करा रहे थे। सात अगस्त से यह शुल्क केवल सौ रुपये कर दिया गया है। इसके बाद पंजीकरण निरस्त कराने वालों में तेजी आई है। अब तक 12 वाहनों का पंजीकरण निरस्त कराया जा चुका है। - अंबरीष कुमार, एआरटीओ प्रवर्तन
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परिवहन निगम ने सात अगस्त को आदेश जारी किया था कि अब स्कूली वाहनों का पंजीकरण केवल सौ रुपये का शुल्क जमा करने पर निरस्त होगा। वाहन मालिक से चार हजार रुपये का शुल्क जमा नहीं कराया जाएगा। एक माह पहले परिवहन निगम के अधिकारियों ने टीम बनाकर स्कूली वाहनों का सर्वे किया था। तब 103 वाहन अनफिट पाए गए थे। उनमें किसी की फिटनेस नहीं थी तो किसी का बीमा नहीं हुआ था।
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इस पर अधिकारियों ने उनकी फिटनेस कराने के लिए अभियान भी चलाया था। सर्वे के दौरान तमाम वाहन कंडम पाए गए थे, लेकिन उनका पंजीकरण निरस्त नहीं कराया गया था। स्कूल मालिकों का कहना था कि इन वाहनों को प्रयोग में नहीं लिया जा रहा है, लेकिन पंजीकरण निरस्त कराने का शुल्क ज्यादा है, जिससे वह वाहनों का पंजीकरण निरस्त नहीं करा पा रहे हैं। अब शुल्क सौ रुपये होने पर पंजीकरण निरस्त कराने वालों में तेजी आई है।
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स्कूली वाहनों का पंजीकरण निरस्त कराने का शुल्क पहले चार हजार रुपये था, जिस कारण वाहन स्वामी पंजीकरण निरस्त नहीं करा रहे थे। सात अगस्त से यह शुल्क केवल सौ रुपये कर दिया गया है। इसके बाद पंजीकरण निरस्त कराने वालों में तेजी आई है। अब तक 12 वाहनों का पंजीकरण निरस्त कराया जा चुका है। - अंबरीष कुमार, एआरटीओ प्रवर्तन