सांड बना काल: पशुओं को चारा डालने जा रहे किसान पर किया हमला, सींगों पर उठाकर पटककर मार डाला
बदायूं जिले में सांड ने हमलाकर किसान की जान ले ली। किसान शुक्रवार तड़के अपने पशुओं को चारा डालने जा रहे थे। उसी दौरान सड़क पर खड़े सांड ने उन पर हमला कर दिया था।
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बदायूं के कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव रमजानपुर में शुक्रवार को 42 वर्षीय किसान जाकिर हुसैन को सांड ने पटककर मार डाला। किसान सुबह अपनी भैंसों को चारा डालने घेर पर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में सांड ने उन पर हमला बोल दिया। ग्रामीणों ने जैसे-तैसे सांड को भगाया, लेकिन तब तक उनकी जान चली गई।
गांव रमजानपुर निवासी जाकिर खेतीबाड़ी करके अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। उनके नौ छोटे-छोटे बच्चे हैं। परिवार वालों के मुताबिक जाकिर शुक्रवार सुबह करीब चार बजे सोकर उठे थे। इसके बाद वह अपनी भैंसों को चारा डालने के लिए घेर में जा रहे थे। उनका घेर घर से कुछ ही दूरी पर है। वह घर से निकलकर कुछ दूर पहुंचे थे। वहां रास्ते में एक सांड सड़क पर खड़ा था। जैसे ही जाकिर हुसैन उसके नजदीक से निकले, तभी सांड ने उन पर हमला बोल दिया। उन्हें सीगों पर उठाकर पटक दिया।
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उनकी चीख-पुकार सुनकर मोहल्ले के तमाम लोग आ गए। उन्होंने किसी तरह लाठी-डंडे से मारकर सांड को भगाया। उसके बाद जाकिर को उठाकर देखा गया लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई। किसान के परिवार वाले रोते-बिलखते हुए मौके पर पहुंच गए। बाद में ग्रामीणों की सूचना पर थाना पुलिस भी आ गई। इसके बाद पुलिस ने मौका मुआयना करते हुए किसान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
अब तक कई लोगों की जान ले चुके हैं छुट्टा पशु
जिले में छुट्टा पशु लगातार लोगों की जान ले रहे हैं। हर साल करीब 15 से 20 लोग छुट्टा पशुओं के हमले में अपनी जान गवां रहे हैं। पिछले महीने मुजरिया क्षेत्र निवासी किसान प्रेमचंद्र यादव को खेत की रखवाली करने जाते समय सांड ने हमला करके घायल कर दिया था। कुछ दिन बाद उनकी मौत हो गई।
इससे पहले बिल्सी में एक होमगार्ड धर्मवीर की बाइक के सामने सांड आने के कारण वह फिसलकर घायल हो गया था। बाद में उसकी मौत हो गई। फरवरी में सैदपुर निवासी बुजुर्ग करीम की सांड के हमले में मौत हो गई थी। इतनी घटनाएं होने के बाद भी जिला प्रशासन इनकी रोकथाम नहीं कर पा रहा है। इनको पकड़ने के अभियान भी सुस्त पड़े हैं।