UP: बदायूं में सूर्यकुंड के लिए बौद्ध भिक्षु और ग्रामीण आमने-सामने, अखिलेश यादव ने भाजपा को घेरा
बदायूं में सूर्यकुंड परिसर में रहने के लिए बौद्ध भिक्षुओं का धरना जारी है। इनके विरोध में अब मझिया गांव के ग्रामीण आए गए। गांव के कई लोगों ने बुधवार को कलक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया।
विस्तार
बदायूं में सूर्यकुंड मुद्दे को लेकर माहौल गर्माता जा रहा है। आठ दिसंबर से धरने पर बैठे बौद्ध भिक्षुओं के खिलाफ बुधवार को मझिया गांव के ग्रामीण भी कलक्ट्रेट स्थित आंबेडकर पार्क और मझिया गांव में धरने पर बैठ गए। इससे अधिकारियों में खलबली मच गई। एडीएम प्रशासन ने ग्रामीणों का धरना खत्म कराया, लेकिन मालवीय आवास में बौद्ध भिक्षुओं का धरना जारी है।
सात दिसंबर को हिंदू संगठन के नेता सूर्यकुंड पहुंचे और वहां पर रहने वाले बौद्ध भिक्षुओं पर शिवलिंग और नंदी को मिट्टी में दबाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने वहां रह रहे बौद्ध भिक्षुओं को बाहर निकाल दिया। फिर मिट्टी में दबे शिवलिंग और नंदी को बाहर निकालकर स्थापित कराया। साथ ही बौद्ध भिक्षुओं के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए पांच-पांच लाख के निजी मुचलके से पाबंद किया।
इसके बाद से मामला तूल पकड़ गया। अगले दिन बौद्ध भिक्षुओं ने मालवीय आवास में धरना शुरू कर दिया। सोमवार को भी धरनास्थल पर काफी भीड़ जमा हो गई थी। लगातार बौद्ध भिक्षुओं का धरना जारी है।
मझिया गांव के लोगों ने शुरू किया धरना
उधर, बुधवार को कलक्ट्रेट परिसर में आंबेडकर पार्क में मझिया गांव के लोगों ने धरना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि यह सूर्यकुंड मंदिर है। वह बौद्ध भिक्षुओं का उस पर कब्जा नहीं होने देंगे। मामला बढ़ता देख एडीएम प्रशासन अरुण कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने ग्रामीणों को समझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद वह धरने से हट गए, जबकि मालवीय आवास पर बौद्ध भिक्षुओं का धरना जारी है। यहां बता दें कि सपा का पूर्व विधायक आशीष यादव ने भी बौद्ध भिक्षुओं के चल रहे धरने को समर्थन दे दिया है।
सपा प्रमुख ने सरकार पर बोला हमला
सूर्यकुंड मामले में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को एक्स पर लिखकर प्रदेश सरकार पर हमला बोला। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लिखा कि जिन्होंने दुनिया को शांति, प्रेम और करुणा का संदेश दिया, भाजपाई कम से कम उनके विहार का वातावरण अपनी नकारात्मक राजनीति से दूषित न करें।