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Budaun News: आठ फुट गहरे गड्ढे में डूबने से बालक की डूबने से मौत

Thu, 20 Aug 2026 01:56 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 20 Aug 2026 01:56 AM IST
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Boy drowns in eight-foot-deep pit
फोटो- बालक रोहित का फाइल फोटो
बदायूं। मुजरिया थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत मुरसान में प्राथमिक विद्यालय के पीछे जिला पंचायत की ओर से खड़ंजा बिछाने के लिए मिट्टी खोदकर खुला छोड़ दिए गए आठ फुट गहरे गड्ढे में गिरकर बालक की मौत हो गई। घटना मंगलवार शाम की है। ग्रामीणों ने ठेकेदार पर लापरवाही से गहरे गड्ढे को खुला छोड़ने का आरोप लगाया है। एसडीएम ने जांच कराकर गड्ढा खोदकर खुला छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
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ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत मुरसान में जिला पंचायत ने खड़ंजा स्वीकृत किया है। ठेकेदार ने प्राथमिक स्कूल के पीछे खड़ंजा बिछाने के लिए जेसीबी मशीन से करीब आठ फुट गहरा गड्ढा खुदवाया था, लेकिन उसे बंद नहीं कराया। इसी गड्ढे से मिट्टी निकालकर खड़ंजा बिछाने के लिए भराव कराया गया था।
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ग्रामीणों ने बताया कि बारिश होने पर पानी गहरे गड्ढे में भर गया। ग्रामीणों ने बताया कि मंगलवार की शाम रोहित (12) पुत्र भीमसेन खेलते-खेलते प्राथमिक विद्यालय के पीछे पहुंच गया और पानी भरे गहरे गड्ढे में गिर गया। गड्ढे में पानी अधिक होने के कारण रोहित बाहर नहीं निकल सका।
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शाम छह बजे तक रोहित घर नहीं पहुंचा तो परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। परिजनों के साथ ग्रामीण भी उसकी तलाश में जुट गए। देर शाम करीब 7 बजे तक खोजबीन की गई। इसी दौरान गहरे गड्ढे में रोहित का शव उतराता हुआ दिखाई दिया। शव देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
परिवार के लोग बदहवास हो गए। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मासूम की मौत से गांव में मातम पसर गया। ग्रामीणों ने खड़ंजा बिछाने वाले ठेकेदार पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। इधर, मृतक के पिता भीमसेन ने बताया कि उसके तीन छोटे पुत्रों में रोहित बड़ा पुत्र था। वह मानसिक रूप से कमजोर था।


दो दिन पहले इसी गड्ढे में गिरकर टूट गई थी भैंस के पैर की हड्डी
गांव के पूर्व प्रधान सुनील शाक्य, हरपाल, राकेश, रामेश्वर आदि ग्रामीणों ने बताया कि दो दिन पहले इसी गड्ढे में एक भैंस गिर गई थी। गिरने से उसके पैर की हड्डी टूट गई थी। इससे पहले एक बालक भी गिरने से बचा था। ग्रामीणों का कहना है कि बावजूद इसके गड्ढे की सुरक्षा को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई। ग्रामीणों का आरोप है कि गड्ढे के आसपास न तो पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई और न ही लोगों को खतरे से आगाह करने के लिए कोई बैनर या बोर्ड लगाया गया।

नायब तहसीलदार से जांच कराकर कार्रवाई की मांग की
मुजरिया थाना इंस्पेक्टर विदेश कुमार शर्मा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर परिजनों और ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। इसके अलावा सहसवान तहसील से नायब तहसीलदार लेखपाल के साथ जांच करने मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने निर्माण कार्य में सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने व गहरा गड्ढा खुला छोड़े जाने की शिकायत की। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराकर कार्यवाही की मांग की है।


खड़ंजे का भराव कराने लिए मिट्टी खोदी गई थी, ऐसी रिपोर्ट लेखपाल के माध्यम से मिली है। बालक के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। दैवीय आपदा के तहत उनको सहायता धनराशि मुहैया कराई जाएगी। साथ ही जांच कराकर दोषी कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -गौरव आर्या, एसडीएम सहसवान



दो दिन पहले भैंस गिरने पर भी जिम्मेदारों ने नहीं पटवाया जानलेवा गड्ढा



- जिम्मेदारों की लापरवाही से मंगलवार को गड्ढे में गिरकर चली गई मासूम की जान



संवाद न्यूज एजेंसी



बदायूं। मुजरिया क्षेत्र की ग्राम पंचायत मुरसान में दो दिन पहले खुले आठ फुट गहरे गड्ढे में भैंस गिर गई थी। हादसे में भैंस के एक पैर की हड्डी भी टूट गई थी। इस घटना के बावजूद न जिला पंचायत के जिम्मेदारों और न ही ठेकेदार ने जानलेवा गड्ढे को पटवाया। जिम्मेदारों की घोर लापरवाही की वजह से मंगलवार की शाम जानलेवा गड्ढे में गिरकर एक मासूम की जान चली गई।



मुरसान गांव के पूर्व प्रधान सुनील शाक्य, हरपाल, राकेश, रामेश्वर आदि ग्रामीणों ने बताया कि खड़ंजा बिछाने के लिए ठेकेदार ने जेसीबी से गहरा गड्ढा खुदवाया था, लेकिन समय रहते बंद नहीं कराया। बारिश का पानी गड्ढे में भरने से वह जानलेवा बन गया। ग्रामीणों का आरोप है कि गड्ढे के आसपास न तो पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई और न ही लोगों को खतरे से आगाह करने के लिए कोई बैनर या बोर्ड लगाया गया।



दो दिन पूर्व इसी गहरे गड्ढे में एक भैंस गिर गई थी, उसके एक पैर की हड्डी टूट गई थी। इससे पहले एक बालक गिरने से बचा था। इधर, मंगलवार की शाम 12 साल के रोहित की गड्ढे में गिरने से मौत होने की घटना से गांव में मातम पसर गया। शव देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने खड़ंजा बिछाने वाले ठेकेदार पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। इधर, मृतक के पिता भीमसेन ने बताया कि उसके तीन छोटे पुत्रों में रोहित बड़ा पुत्र था। वह मानसिक रूप से कमजोर था।








नायब तहसीलदार से जांच कराकर कार्रवाई की मांग की



मुजरिया थाना इंस्पेक्टर विदेश कुमार शर्मा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर परिजनों और ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। सहसवान तहसील से नायब तहसीलदार लेखपाल के साथ जांच करने मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने निर्माण कार्य में सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने व गहरा गड्ढा खुला छोड़े जाने की शिकायत की। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराकर कार्यवाही की मांग की है।

फोटो- बालक रोहित का फाइल फोटो

फोटो- बालक रोहित का फाइल फोटो

फोटो- बालक रोहित का फाइल फोटो

फोटो- बालक रोहित का फाइल फोटो

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