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Budaun News: शहर में सट्टेबाजी का जाल, 10 हजार से ज्यादा लोग दांव पर लगा रहे करोड़ों

Thu, 02 Apr 2026 12:36 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 02 Apr 2026 12:36 AM IST
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Betting Web Grips the City: Over 10,000 People Wager Crores
बदायूं। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के शुरू होते ही शहर में सट्टेबाजी का कारोबार एक बार फिर तेजी पकड़ चुका है। हालात यह हैं कि जिले के 10 हजार से अधिक लोग इस सट्टे के जाल में फंस चुके हैं। हर सीजन में करीब 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम दांव पर लगाई जा रही है। इस अवैध खेल में नेता, कारोबारी, निर्यातक और हिस्ट्रीशीटर तक शामिल बताए जा रहे हैं। एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक टीम का गठन किया है। इससे जल्द ही सट्टेबाज व जुआरियों पर कार्रवाई संभव है।
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सूत्रों के अनुसार, 28 मार्च से आईपीएल शुरू होते ही ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टा संचालित करने वाले गिरोह सक्रिय हो गए हैं। टॉस से लेकर मैच की आखिरी गेंद तक, हर पल का दांव लग रहा है। शहर में जहां हजारों लोग सट्टा खेल रहे हैं, वहीं करीब 300 से अधिक लोग इस नेटवर्क को संचालित करने में जुटे हैं।
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सट्टेबाजी के इस बढ़ते जाल का असर आम लोगों की जिंदगी पर भी साफ दिख रहा है। कई लोग जीत के लालच में अपनी जमा-पूंजी तक गंवा चुके हैं। किसी ने पत्नी के जेवर बेच दिए हैं तो किसी ने मकान, दुकान और प्लॉट के कागजात तक गिरवी रख दिए। इससे परिवारों में आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।
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चर्चा है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे कोतवाली क्षेत्र का एक हिस्ट्रीशीटर सक्रिय है, जो लंबे समय से ऑनलाइन सट्टा रैकेट चला रहा है। बताया जा रहा है कि उसके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में कई केस दर्ज हैं। वह पहले मादक पदार्थ तस्करी के मामले में जेल भी जा चुका है।

सट्टे को अलग-अलग सेशन में है बांटा जाता
सट्टेबाज केवल आईपीएल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) समेत अन्य क्रिकेट लीग और खेलों में भी दांव लगवाते हैं। सट्टे को अलग-अलग सेशन में बांटा जाता है। पहली पारी में चार (6, 10, 15 और 20 ओवर तक) और दूसरी पारी में एक सेशन (6 ओवर तक)। हर गेंद के साथ रेट बदलते रहते हैं, जिससे सट्टा और रोमांचक हो जाता है। यही नहीं इसमें स्थानीय थानों के कुछ पुलिस कर्मियों की मिलीभगत रहती है और उनको को भी हिस्सा मिलता है। शहर में सिविल लाइन इलाके में जमकर सट़्टेबाजी का खेल चल रहा है।

ऑनलाइन व ऑफलाइन तरीके से लगता है सट्टा
सट्टा लगाने के दो प्रमुख तरीके सामने आए हैं। ऑनलाइन सट्टे में पहले भुगतान कर आईडी बनाई जाती है, जिसमें रकम दिखती है और उसी के जरिये खेला जाता है। वहीं ऑफलाइन में मोबाइल कॉल के जरिये कोड वर्ड के माध्यम से सट्टा लगाया जाता है। परिचित लोगों के बीच बातचीत रिकॉर्ड कर ली जाती है और अगले दिन दोपहर तक हिसाब-किताब निपटाया जाता है।

जिला कोर कमेटी की बैठक में भी उठा मामला

सट़्टेबाजी व जुआ के बढ़ते कारोबार का मामला बीते दिनों प्रभारी व केंद्रीय राज्यमंत्री के साथ हुई अफसरों की जिला कोर कमेटी की बैठक में भी उठाया गया था। इसके बाद इस मामले में कड़ी कार्रवाई किए जाने की बात एसएसपी ने कही थी। अब उम्मीद है कि इस कारोबार से जुडे़ लोगों पर जल्द शिकंजा कसा जा सकेगा।


सट्टेबाजी व जुआ जैसे गलत कार्यों की रोकथाम के प्रयास चल रहे हैं। इसके लिए पुलिस टीम का गठन किया गया है। जल्द ही इस मामले में कड़ी कार्रवाई होगी। - अंकिता शर्मा, एसएसपी
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