बदायूं : पुलिस रिकॉर्ड में मर चुका युवक गांव में घूमते मिला
- सुकटिया से डेढ़ साल से लापता धनवीर के पकड़े जाने पर भंडाफोड़
- कोर्ट के आदेश पर गांव के ही चार लोगों के खिलाफ दर्ज है हत्या का केस
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डेढ़ साल से लापता सुकटिया गांव का धनवीर (25) बृहस्पतिवार को पटपरागंज गांव के पास घूमते मिला। पिछले महीने ही कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने उसकी हत्या और शव गायब करने के आरोप में गांव के ही एक परिवार के चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी और उसके शव की तलाश कर रही थी। पड़ोसियों को फंसाने को फंसाने की साजिश रचने के आरोप में युवक को जेल भेज दिया गया है।
बकौल दरोगा, धनवीर करीब डेढ़ साल से लापता था। पिछले महीने 16 फरवरी को उसके भाई श्याम सिंह ने कोर्ट के आदेश पर गांव के ही सोहनपाल, उसके बेटे अमृतलाल, अतुल और विजय के खिलाफ हत्या कर धनवीर का शव गायब करने की नामजद रिपोर्ट कराई थी। धनवीर की हत्या का कोई साक्ष्य नहीं मिला तो विवेचना के दौरान फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई, लेकिन उसकी लाश खोजने के लिए पुलिस ने अपने स्तर से मुखबिरों का जाल बिछा रखा था।
धनवीर ने पुलिस को बताया कि वह और उसका परिवार नाली के पानी के निकास की रंजिश में पड़ोसी सोहनपाल और उसके बेटों को सबक सिखाना चाहता था। इसी के तहत उसके भाई ने पहले गुमशुदगी फिर उसकी हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। धनवीर के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने श्याम सिंह की तलाश में उसके घर दबिश दी तो वह पहले ही फरार हो गया। पुलिस ने धनवीर और उसके भाई पर भ्रामक सूचना देकर दूसरों को फंसाने के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। कोर्ट ने धनवीर को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। झूठे मामले का भंडाफोड़ होने के बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने भी राहत महसूस की है।
दिल्ली-हरियाणा में की मजदूरी, चेहरे पर बढ़ा ली है दाढ़ी
उझानी। धनवीर डेढ़ साल के दौरान एक-दो बार रात में घर जरूर लौटा, लेकिन दिन निकलने से पहले ही चला जाता था। वह किसी रिश्तेदारी में भी नहीं गया। दिल्ली और हरियाणा में उसने मजदूरी की। उसकी शादी नहीं हुई है। सामना होने पर कोई पहचान नहीं पाए, इसलिए चेहरे पर दाढ़ी भी बढ़ा ली थी। उसके भाई ने कोर्ट के आदेश पर धनवीर की हत्या में जब चार लोगों को नामजद कराया तो विवेचना के दौरान परिवार ने बयान दर्ज कराना भी उचित नहीं समझा था। इसकी विवेचना तत्कालीन एसएसआई जयप्रकाश सिंह ने भी की थी, लेकिन उनका तबादला हो गया।
कथित रूप से मृतक धनवीर के बारे में तीन दिन पहले कुछ क्लू मिले थे। इसके बाद विवेचक ने जांच का दायरा आगे बढ़ाते हुए मुखबिरों को सक्रिय कर दिया। वह कहीं बाहर से बृहस्पतिवार को घर लौटते समय पटपरागंज तक पहुंच गया था। तभी पकड़ लिया गया। - विशाल प्रताप सिंह, प्रभारी निरीक्षक।