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सहसवान विधानसभाःआज पता लगेगा, सपा का किला हिलेगा या विरोधी परास्त होंगे
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बदायूं। सहसवान को सपा के अभेद किले के रूप में पहचाना जाता है। यहां हाल फिलहाल डीपी यादव ने जरूर मामूली अंतर से चुनाव जीतकर परंपरा तोड़ी थी। इस चुनाव में यहां सपा की यह सीट चतुष्कोणीय मुकाबले में घिरी है। सपा अपना वजूद कायम रखेगी या विरोधी कामयाब होंगे, इसका पता आज चल जाएगा।
सहसवान सीट का भौगोलिक व जातीय गणित सपा के पक्ष में रहा है। कुल सवा चार लाख से ज्यादा वोटरों में आधे मुस्लिम व यादव वोटर हैं। इसी की बदौलत शुरू में कांग्रेस और बाद में सपा यहां मैदान मारती रही है। सपा के पूर्व मंत्री ओमकार सिंह यादव ने यहां अपने बेटे ब्रजेश यादव को चुनावी मैदान में उतारा है। उनके प्रतिद्वंद्वी डीपी यादव ने अपनी पार्टी रापद से बेटे कुणाल यादव को लड़ाया है। वैसे यहां मुख्य मुकाबला सपा व बसपा में माना जा रहा है। तमाम लोग भाजपा के भी मुख्य मुकाबले में होने का दावा कर रहे हैं। खुद सभी प्रत्याशी लगातार अपनी मजबूती व जीत को लेकर दावे कर रहे हैं।
भाजपा के डीके भारद्वाज अपनी जीत का आधार पार्टी वोट बैंक के साथ ही पिछड़ा वर्ग का वोट भी मान रहे हैं, उनका मानना है कि बसपा का काफी वोट भी भाजपा के फूल पर गया है। वहीं बसपा प्रत्याशी मर्सरत अली बिट्टन पहले बिल्सी से विधायक रह चुके हैं। उनका कहना है कि सर्व समाज के वोट की बदौलत वह जीत रहे हैं। रापद के कुणाल यादव की जीत का आधार भाजपा के वोट बैंक के साथ ही यादव समेत पिछड़ी व अन्य बिरादरी का वोट मिलना है। खुद डीपी कहते हैं कि रापद प्रत्याशी की जीत पक्की है। सपा प्रत्याशी ब्रजेश यादव का कहना है कि कोई कुछ कहे, सपा का यहां के लोगों से पुराना जुड़ाव है। पार्टी ने सरकार रहते इतना काम किया है कि दूसरे आज भी उसी के शिलान्यास व लोकार्पण कर रहे हैं। संवाद
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सहसवान सीट का भौगोलिक व जातीय गणित सपा के पक्ष में रहा है। कुल सवा चार लाख से ज्यादा वोटरों में आधे मुस्लिम व यादव वोटर हैं। इसी की बदौलत शुरू में कांग्रेस और बाद में सपा यहां मैदान मारती रही है। सपा के पूर्व मंत्री ओमकार सिंह यादव ने यहां अपने बेटे ब्रजेश यादव को चुनावी मैदान में उतारा है। उनके प्रतिद्वंद्वी डीपी यादव ने अपनी पार्टी रापद से बेटे कुणाल यादव को लड़ाया है। वैसे यहां मुख्य मुकाबला सपा व बसपा में माना जा रहा है। तमाम लोग भाजपा के भी मुख्य मुकाबले में होने का दावा कर रहे हैं। खुद सभी प्रत्याशी लगातार अपनी मजबूती व जीत को लेकर दावे कर रहे हैं।
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भाजपा के डीके भारद्वाज अपनी जीत का आधार पार्टी वोट बैंक के साथ ही पिछड़ा वर्ग का वोट भी मान रहे हैं, उनका मानना है कि बसपा का काफी वोट भी भाजपा के फूल पर गया है। वहीं बसपा प्रत्याशी मर्सरत अली बिट्टन पहले बिल्सी से विधायक रह चुके हैं। उनका कहना है कि सर्व समाज के वोट की बदौलत वह जीत रहे हैं। रापद के कुणाल यादव की जीत का आधार भाजपा के वोट बैंक के साथ ही यादव समेत पिछड़ी व अन्य बिरादरी का वोट मिलना है। खुद डीपी कहते हैं कि रापद प्रत्याशी की जीत पक्की है। सपा प्रत्याशी ब्रजेश यादव का कहना है कि कोई कुछ कहे, सपा का यहां के लोगों से पुराना जुड़ाव है। पार्टी ने सरकार रहते इतना काम किया है कि दूसरे आज भी उसी के शिलान्यास व लोकार्पण कर रहे हैं। संवाद
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