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पुलिस टीम पर हमला कर चोरी का आरोपी छुड़ाया
ककराला।
Updated Sat, 27 Feb 2016 07:52 PM IST
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अलापुर थाने के गांव उदमई में ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर हमला कर चोरी के आरोपी को छुड़ा लिया। खुद की किरकिरी से बचने के लिए पुलिस ने पूरे मामले को रफा-दफा कर दिया है। इस बारे में अधिकारियों को भी जानकारी नहीं दी गई। पुलिस टीम पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर इलाके में चर्चाओं का बाजार गरम है।
अलापुर थाने के गांव उदमई का आसिफ और छोटा सगे भाई हैं। दोनों के खिलाफ बदायूं से लेकर दिल्ली तक चोरी के मामले दर्ज हैं। कातिलाना हमले के का भी एक मामला अलापुर थाने में दर्ज है। शुक्रवार को ककराला चौकी इंचार्ज राजीव कुमार दो सिपाहियों के साथ उनकी गिरफ्तारी के लिए उदमई पहुंचे। पुलिस ने आसिफ को दबोच लिया। इसकी निशानदेही पर नकबजनी का सामान भी बरामद हुआ। हिरासत में लिए गए आसिफ को पुलिस ने थाने लाने के लिए जीप में बैठाया।
बताते हैं कि इस दौरान आसिफ पक्ष के लोगों ने पुलिस टीम को घेर लिया। सिपाहियों से हाथापाई कर आसिफ को पुलिस के कब्जे से छुड़ा लिया। पुलिस चुपचाप वहां से चली आई। देर शाम तक पुलिस टीम पर हमला करने के मामले में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी। चौकी इंचार्ज राजीव कुमार ने तो पुलिस टीम के कब्जे से आरोपी को छुड़ाने की बात से इंकार कर दिया। जबकि गांव में इसकी चर्चा जोरों पर है।
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ढाई माह पहले भी हुआ था पुलिस पर हमला
अलापुर में पुलिस टीम पर हमले की यह पहली घटना नहीं है। 11 दिसंबर 2015 को भी थाना क्षेत्र के गांव उरौलिया में ग्रामीणों ने आकिब नाम के आरोपी को पुलिस टीम पर हमला कर छुड़ा लिया था। इस मामले में फजीहत से बचने के लिए गांव के नौ लोगों को नामजद करते हुए 20-25 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बाद में एक इल्यास खां नाम के शिक्षक का नाम भी रिपोर्ट में बढ़ा दिया गया था। हालांकि घटना के वक्त इल्यास खां ब्लाक अंबियापुर में पंचायत चुनाव के प्रशिक्षण में शामिल थे। झूठी नामजदगी के मामले में भी पुलिस की फजीहत हुई।
पुलिस टीम पर हमला कर आरोपी आसिफ को छुड़ाने की बात गलत है। चौकी इंचार्ज ककराला दबिश मारने गए थे। आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह छत से कूदकर भाग गया। आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-एपी सिंह यादव, एसओ अलापुर
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अलापुर थाने के गांव उदमई का आसिफ और छोटा सगे भाई हैं। दोनों के खिलाफ बदायूं से लेकर दिल्ली तक चोरी के मामले दर्ज हैं। कातिलाना हमले के का भी एक मामला अलापुर थाने में दर्ज है। शुक्रवार को ककराला चौकी इंचार्ज राजीव कुमार दो सिपाहियों के साथ उनकी गिरफ्तारी के लिए उदमई पहुंचे। पुलिस ने आसिफ को दबोच लिया। इसकी निशानदेही पर नकबजनी का सामान भी बरामद हुआ। हिरासत में लिए गए आसिफ को पुलिस ने थाने लाने के लिए जीप में बैठाया।
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बताते हैं कि इस दौरान आसिफ पक्ष के लोगों ने पुलिस टीम को घेर लिया। सिपाहियों से हाथापाई कर आसिफ को पुलिस के कब्जे से छुड़ा लिया। पुलिस चुपचाप वहां से चली आई। देर शाम तक पुलिस टीम पर हमला करने के मामले में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी। चौकी इंचार्ज राजीव कुमार ने तो पुलिस टीम के कब्जे से आरोपी को छुड़ाने की बात से इंकार कर दिया। जबकि गांव में इसकी चर्चा जोरों पर है।
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ढाई माह पहले भी हुआ था पुलिस पर हमला
अलापुर में पुलिस टीम पर हमले की यह पहली घटना नहीं है। 11 दिसंबर 2015 को भी थाना क्षेत्र के गांव उरौलिया में ग्रामीणों ने आकिब नाम के आरोपी को पुलिस टीम पर हमला कर छुड़ा लिया था। इस मामले में फजीहत से बचने के लिए गांव के नौ लोगों को नामजद करते हुए 20-25 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बाद में एक इल्यास खां नाम के शिक्षक का नाम भी रिपोर्ट में बढ़ा दिया गया था। हालांकि घटना के वक्त इल्यास खां ब्लाक अंबियापुर में पंचायत चुनाव के प्रशिक्षण में शामिल थे। झूठी नामजदगी के मामले में भी पुलिस की फजीहत हुई।
पुलिस टीम पर हमला कर आरोपी आसिफ को छुड़ाने की बात गलत है। चौकी इंचार्ज ककराला दबिश मारने गए थे। आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह छत से कूदकर भाग गया। आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-एपी सिंह यादव, एसओ अलापुर