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बदायूं: मानदेय में वृद्धि की मांग को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, नर्सिंग स्टाफ पर उत्पीड़न का आरोप

Mon, 14 Sep 2026 04:30 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: Mukesh Kumar Updated Mon, 14 Sep 2026 04:30 PM IST
सार

बदायूं के उझानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में सोमवार को आशा कार्यकर्ताओं ने मानदेय और प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने महिला नर्सिंग स्टाफ पर उत्पीड़न का आरोप भी लगाया। इस पर डिप्टी सीएमओ निरंजन सिंह ने जांच कराने और कार्रवाई का भरोसा दिया है। 

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ASHA workers protest demanding a hike in honorarium and allege harassment by nursing staff in Budaun
सीएचसी परिसर में आशा कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

बदायूं जिले के उझानी क्षेत्र में आशा कार्यकर्ताओं ने मानदेय समेत प्रोत्साहन राशि में वृद्धि की मांग को लेकर सीएचसी परिसर में प्रदर्शन किया। पूरे दिन काम भी नहीं किया। उन्होंने महिला नर्सिंग स्टाफ पर बेवजह परेशान किए जाने का आरोप भी लगाया। कहा कि निजी फायदे के लिए नर्सिंग स्टाफ गर्भवती महिलाओं को निजी अस्पतालों में ले जाने को सलाह देती हैं। डिप्टी सीएमओ ने उन्हें जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। 

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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में खासकर नगरीय क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता सोमवार सुबह एकत्र हुईं। उन्होंने बैठक कर एक-दूसरे से अपनी दिक्कतें साझा कीं। परिसर में नारेबाजी करती हुईं जब वह इमरजेंसी की ओर बढ़ीं तो कुछेक स्वास्थ्य कर्मियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। आशा कार्यकर्ता रानी सक्सेना और आरती कश्यप ने बताया कि उनका मानदेय दो हजार रुपये है। लाभार्थी प्रोत्साहन राशि भी मिलती है। इस दौरान जब भी उन्हें गर्भवती महिलाओं का प्रसव कराने को उनके साथ सीएचसी या फिर जिला मुख्यालय पर जाना होता है, खुद ही खर्चा भी उठाना पड़ता है। 
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नर्सिंग स्टाफ की कार्यशैली पर सवाल 
प्रदर्शनकारी आशाओं ने महिला नर्सिंग स्टाफ की भूमिका पर भी सवाल उठाए। आरोप लगाया कि निजी फायदे के लिए नर्सिंग स्टाफ गर्भवती महिलाओं और उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं करतीं। वह उन पर निजी अस्पतालों में प्रसव कराने का दबाव डालती हैं। ड्यूटी का समय और अवकाश तय किए जाने की भी मांग की। करीब दो घंटे तक प्रदर्शन के बाद आशाओं ने चिकित्साधीक्षक के कक्ष का घेराव कर लिया। 

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उस वक्त चिकित्साधीक्षक अपने कक्ष में नहीं थे। उसी दौरान निरीक्षण को पहुंचे डिप्टी सीएमओ डॉ. निरंजन सिंह से भी उन्होंने मुलाकात की। अपनी दिक्कतें बताने के बाद आशाओं ने डिप्टी सीएमओ डॉ. सिंह को ज्ञापन सौंप दिया। उन्होंने आशाओं को कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। प्रदर्शनकारियों में पूनम मौर्य, शशि पाल, नीलम यादव, रेशमा, तब्बसुम, रूबी, शोभा, राजेश कुमारी, फातिमा बेगम, ज्योति, हेमलता आदि शामिल थीं।

कार्रवाई होने तक हड़ताल पर रहने की चेतावनी
आरती कश्यप ने डिप्टी सीएमओ डॉ. निरंजन सिंह को बताया कि उत्पीड़न अब और नहीं सहन नहीं किया जा सकता। आरोपियों पर विभागीय स्तर से कार्रवाई होने तक आशाएं काम पर नहीं लौटेंगी। नर्सिंग स्टाफ के व्यवहार भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने दो दिन बाद जिला मुख्यालय पर जाकर विभागीय उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराने का निर्णय लिया है।

डिप्टी सीएमओ डॉ. निरंजन सिंह ने बताया कि विभागीय कार्य से वह उझानी सीएचसी आए थे। उसी दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी दिक्कतों को लेकर ज्ञापन देते समय आरोप भी लगाए हैं। उनके ज्ञापन से जुड़े बिंदुओं पर जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई भी होगी। आशाओं को जांच होने तक हड़ताल नहीं करने की सलाह दी गई है।

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